मियांपुर होगा रविंद्रनगर, यूपी के एक और गांव का सीएम योगी ने नाम बदलने का किया ऐलान

Dinesh Rathour लाइव हिन्दुस्तान, लखीमपुर खीरी
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सीएम योगी आदित्यनाथ ने यूपी के एक और गांव का नाम बदलने का ऐलान किया। शनिवार को लखीमपुर खीरी पहुंचे सीएम योगी ने 213 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।

मियांपुर होगा रविंद्रनगर, यूपी के एक और गांव का सीएम योगी ने नाम बदलने का किया ऐलान

Lakhimpur Kheri News: सीएम योगी आदित्यनाथ ने यूपी के एक और गांव का नाम बदलने का ऐलान किया। सीएम योगी ने कहा, मियांपुर गांव को अब रविंद्रनगर के नाम से जाना जाएगा। लखीमपुर खीरी में जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा, कांग्रेस ने इस गांव के लोगों की पहचान छीनने के लिए गांव का नाम ‘मियांपुर’ कर दिया था, जबकि इस गांव में एक भी मुस्लिम नहीं है। सीएम योगी ने कहा कि अब इस गांव का नाम गुरुदेव रविंद्र नाथ ठाकुर के नाम पर रविंद्र नगर किया जाएगा। इसी नाम से गांव की पहचान होगी। सीएम योगी ने 331 हिंदू बांग्लादेशी परिवारों को सौगात देते हुए कहा, डबल इंजन सरकार में सभी वर्ग का विकास हुआ है। 1971 में पाकिस्तान के बंटवारे पर सीएम योगी ने कहा, पाकिस्तान के अभी और टुकड़े होंगे। पाकिस्तान की वजह से हिंदुआ पर बहुत अत्याचार हुआ है।

शनिवार को लखीमपुर खीरी पहुंचे सीएम योगी ने 213 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इसके बाद जनसभा को संबोधित किया। सीएम योगी ने बांग्लादेश से विस्थापित विभिन्न हिंदू परिवारों को संक्रमणीय एवं असंक्रमणीय भूमिधरी अधिकार पत्र वितरित करते हुए कहा कि यह केवल प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि न्याय का वह क्षण है, जिसने इतिहास की अधूरी तमन्ना को पूरा किया है। उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में धर्म की व्याख्या परहित सरिस धरम नहीं भाई के रूप में की गई है और इसी भावना के साथ डबल इंजन सरकार पिछले नौ वर्षों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में कार्य कर रही है।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि इतिहास में पहली बार थारू समुदाय, जो महाराणा प्रताप को अपना पूर्वज मानता है, उसे भूमि अधिकार उपलब्ध कराए गए हैं। साथ ही स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के वर्तमान वंशजों को भी अधिकार पत्र दिए गए हैं, जिन्हें पूर्ववर्ती सरकारों ने बसाया तो था, लेकिन स्वामित्व अधिकार नहीं दिया। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश से विस्थापित परिवार वर्षों पूर्व भारत आए थे और अपने साथ पीड़ा, असुरक्षा तथा अनिश्चित भविष्य लेकर आए थे। अब उन्हें भारत की धरती पर सम्मान और अधिकार मिल रहे हैं। सपा-कांग्रेस पर निशाना साधते हुए सीएम योगी ने कहा, हिंदू-सिख के मरने पर विपक्षी दल नहीं बोलते हैं। सपा के लोग जिन्ना का महिमामंडल करते हैं। सपा की पहचान सिर्फ सैफई से है। कांग्रेस-सपा सरकार में सिर्फ वादे होते थे। सीएम योगी ने पाकिस्तान को भी आड़े हाथ लिया। उन्होंने कहा, पाकिस्तान के पाप की वजह से वहां के हिंदू विस्थापित हुए।

कांग्रेस ने विस्थापितों को कोई अधिकार नहीं दिया

सीएम योगी ने कहा, कांग्रेस ने विस्थापितों को कोई अधिकार नहीं दिया, उल्टा गांव का नाम रख दिया मियांपुर। पाकिस्तान जाति में बांटने वाला सबसे बड़ा विश्वासघाती रहा है। हम हिंदू परिवारों को न्याय दे रहे हैं। बांग्लादेश में हिंदुओं पर हुए अत्याचार का जिक्र करते हुए सीएम योगी ने कहा, बांग्लादेश में हिंदुओं, सिखों की हत्या पर कांग्रेस, सपा, टीएमसी का मुंह सिल जाते हैं। हिंदुओं, सिखों, जैनों की संपत्ति पर कब्जों पर बोलने में विपक्ष के होठ सिल जाते हैं। योगी ने कहा कि इन परिवारों को नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के अंतर्गत अधिकार दिए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने इस कानून का विरोध किया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार समाज के सभी वर्गों को न्याय और सम्मान दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है तथा यह निर्णय उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

चंदन चौकी में मुख्यमंत्री ने दिया भौमिक अधिकार पत्र

सीएम योगी ने खीरी को कई बड़ी परियोजनाओं की सौगात दी। चंदन चौकी में सीएम योगी ने थारू समाज के 4356 परिवारों को 5338 हेक्टेयर जमीन का अधिकार पत्र भी सौंपा। सीएम योगी ने 1955 में पूर्वी उत्तर प्रदेश से आए 2350 परिवारों को 4251 हेक्टेयर जमीन का अधिकार पत्र भी दिया। सीएम ने कहा कि अब थारू और पूर्वी समाज के लोगों को न वन विभाग परेशान करेगा और न राजस्व और पुलिस विभाग। अब लेखपाल कागजों में हेरफेर कर उनकी जमीन पर कोई दबंग का कब्जा करा पाएगा।

Dinesh Rathour

लेखक के बारे में

Dinesh Rathour

दिनेश राठौर वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले दिनेश ने अपने करियर की शुरुआत 2010 में हरदोई से की थी। कानपुर यूनिवर्सिटी से स्नातक दिनेश ने अपने सफर में हिन्दुस्तान (कानपुर, बरेली, मुरादाबाद), दैनिक जागरण और राजस्थान पत्रिका (डिजिटल) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। हरदोई की गलियों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर आज डिजिटल मीडिया के शिखर तक पहुँच चुका है। दिनेश राठौर ने यूपी और राजस्थान के विभिन्न शहरों की नब्ज को प्रिंट और डिजिटल माध्यमों से पहचाना है।
लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में कार्यरत दिनेश दिनेश, खबरों के पीछे की राजनीति और सोशल मीडिया के ट्रेंड्स (वायरल वीडियो) को बारीकी से विश्लेषण करने के लिए जाने जाते हैं।

पत्रकारिता का सफर
हरदोई ब्यूरो से करिअर की शुरुआत करने के बाद दिनेश ने कानपुर हिंदुस्तान से जुड़े। यहां बतौर स्ट्रिंगर डेस्क पर करीब एक साल तक काम किया। इसके बाद वह कानपुर में ही दैनिक जागरण से जुड़े। 2012 में मुरादाबाद हिंदुस्तान जब लांच हुआ तो उसका हिस्सा भी बने। करीब दो साल यहां नौकरी करने के बाद दिनेश राजस्थान पत्रिका से जुड़ गए। सीकर जिले में दिनेश ने करीब तीन साल तक पत्रकारिता की। उन्होंने एक साल तक डिजिटल का काम भी किया। 2017 में दिनेश ने बरेली हिंदुस्तान में प्रिंट के डेस्क पर वापसी की। लगभग दो साल की सेवाओं के बाद डिजिटल हिंदुस्तान में काम करने का मौका मिला जिसका सफर जारी है।

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