65 साल बाद घर लौटीं मिठनी, 15 साल की उम्र में डकैतों ने किया था अपहरण

Feb 15, 2026 02:33 pm ISTPawan Kumar Sharma वार्ता, हरदोई
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हरदोई में 65 साल पहले डकैतों द्वारा अगवा की गई 15 साल की किशोरी मिठनी अब 80 साल की उम्र में अपने मायके लौटी हैं। अपनी बेटी के संकल्प की चलते मायके पहुंचीं और दशकों बाद अपने परिवार और गांव वालों से मिल सकीं।

65 साल बाद घर लौटीं मिठनी, 15 साल की उम्र में डकैतों ने किया था अपहरण

यूपी के हरदोई से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। ये अविश्वसनीय कहानी किसी फिल्म की स्क्रिप्ट से कम नहीं है लेकिन यह सच है। मामला हरदोई जिले का है। जहां 65 साल पहले डकैतो ने एक 15 साल की किशोरी का अपहरण कर लिया था। अब वहीं किशोरी 80 साल बाद अपनी बेटी के संकल्प के चलते मायके लौट सकी है। उसका अपने परिजनों से 65 साल बाद मिलना किसी सपने से कम नहीं है।

साल 1961-62 में बेहटा गोकुल थाना क्षेत्र के टोलवा आट गांव के रहने वाले बलदेव के घर डकैतों ने धावा बोल दिया। जब घर में कोई कीमती सामान नहीं मिला तो डकैतों ने बलदेव और उनके छोटे बेटे शिवलाल को मारपीट कर घायल कर दिया। साथ ही 15 साल की बेटी मिठनी का अपहरण कर लिया। घटना के कुछ समय पहले ही मिठनी की शादी सुरसा थाना क्षेत्र के पुनुआवर गांव में हुई थी और गौना होने वाला था।

लेकिन डकैत कई दिनों तक मिठनी को अपने साथ लेकर जंगल में घुमते रहे और बाद में अलीगढ़ जिले में ले जाकर बेच दिया। यहां दादों थाना क्षेत्र के समेघा गांव के रहने वाले पहलवान सोहनलाल यादव को इसकी जानकारी मिली। उन्होंने अपने साथियों के साथ मिठनी को छुड़ाया और बाद में उससे शादी कर ली। मिठनी ने उनके साथ नई जिंदगी शुरू की और उनके आठ बच्चे हुए। हालांकि, अपने मायके और परिवार की याद उनके मन में हमेशा जिंदा रही।

अक्सर परिवार को याद करती थीं मिठनी

मिठनी अक्सर अपने बच्चों को अपने मायके, सकाहा गांव के शिव मंदिर, पिता बलदेव और भाइयों शिवलाल व सूबेदार के बारे में बताया करती थीं। नोएडा में रहने वाली उनकी सबसे छोटी बेटी सीमा यादव ने मां की इस अधूरी इच्छा को पूरा करने का संकल्प लिया। शुक्रवार को वह अपनी 80 वर्षीय मां को अलीगढ़ से हरदोई लेकर पहुंचीं। सकाहा के शिव मंदिर पहुंचते ही मिठनी की यादें ताजा हो गईं और उन्होंने अपने गांव का रास्ता पहचान लिया। गांव में उनकी बेटी ने मिठनी के भाई शिवलाल और सूबेदार के नाम पूछे तो गांव के लोगों ने बताया कि वो दोनों तो नहीं रहे लेकिन उनके परिवार के लोग गांव में रहते थे। जिसके बाद मिठनी और उनकी बेटी सीमा शिवलाल के मकान में पहुंचे जहां शिवलाल की बहू मिली।

शिवलाल के परिजनों अगवा होने की थी जानकारी

पूछताछ के बाद वह अपने भाई शिवलाल के घर पहुंचीं, जहां शिवलाल के घर में भी डकैती और उसमें बहन के अगवा होने की जानकारी पहले से थी। जब मिठनी ने बताया की वो वही है जिसे 65 साल पहले अगवा किया गया था। बहू ने अपनी सास छोटी बिटिया को जानकारी दी। जिसके बाद मिठनी की भाभी छोटी बिटिया अपनी ननद को घर के अंदर ले गयी। उन्होंने बताया उनको इस कहानी के बारे में उनके पति शिवलाल ने बताया था। उनके मुताबिक उनकी भाभी को इस बात से सुकून मिल गया कि डकैती की घटना में उनके पिता और भाई केवल घायल हुए थे। जबकि मिठनी की एक छोटी बहन भी उनसे मिलने पहुंची थी।

परिवार से मिलकर भावुक हो गईं मिठनी

मामले की जानकारी होने पर घर रिश्तेदारों का मजमा लग गया और 65 साल का इंतजार आंसुओं में बह निकला। फिलहाल मिठनी की बेटी सीमा को इस बात की खुशी है कि उम्र के आखरी पड़ाव में उसकी मां अपने मायके पहुंच गयी और जो रिश्तेदार है उनसे मुलाकात कर ली। रविवार को सीमा अपनी मां मिठनी लेकर लौट जाएंगी। मिठनी के लिए परिवार से मिलना किसी पुनर्जन्म से कम नहीं है।

Pawan Kumar Sharma

लेखक के बारे में

Pawan Kumar Sharma

पवन कुमार शर्मा पिछले चार वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े हैं। डिजिटल मीडिया में काम करते हुए वह उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम, सरकारी योजनाओं और टूरिज्म से जुड़े मुद्दों पर नियमित रूप से लिखते हैं। इससे पहले पवन एबीपी न्यूज के साथ बतौर फ्रीलांसर काम कर चुके हैं। पवन ने नई दिल्ली स्थित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इससे पहले क्राइस्ट चर्च कॉलेज, कानपुर से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। ग्राउंड रिपोर्टिंग और अकादमिक समझ के साथ पवन तथ्यात्मक, संतुलित और पाठक-केंद्रित समाचार लेखन करते हैं।

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