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22 फरवरी, 2020|10:16|IST

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मां विंध्यवासिनी के दरबार में दो लाख भक्तों ने टेका मत्था

मां विंध्यवासिनी के दरबार में दो लाख भक्तों ने टेका मत्था

शारदीय नवरात्र के पहले दिन बुधवार को दो लाख श्रद्धालुओं ने मां विंध्यवासिनी के दरबार में पहुंचकर हाजिरी लगायी। उनके जयकारे से विंध्यधाम गूंज उठा। आलम यह था कि विंध्याचल की सातों गलियां और सभी घाट भक्तों से अटे पड़े थे। रोडवेज, निजी बसों व ट्रेनों से भक्त लगातार पहुंचते रहे। प्रसाद, शृंगार, गृहस्थी, लाठी समेत अन्य सभी दुकानों पर भक्तों की भीड़ उमड़ी रही। भक्तों ने कालीखोह, अष्टभुजा की त्रिकोण परिक्रमा व दर्शन-पूजन किया। सुरक्षा व्यवस्था में पुलिस, महिला पुलिस व पंडा समाज के पदाधिकारी लगे रहे। 

शारदीय नवरात्र के पहले दिन मंगला आरती के बाद मां विंध्यवासिनी का पट भक्तों के दर्शनार्थ खोल दिया गया। पट खुलते ही मां के भव्य दर्शन ने भक्तों को आह्लादित कर दिया। उनके जयकारे पूरा धाम गूंज उठा। भक्तों ने गर्भगृह में और मां की भव्य झांकी दर्शन-पूजन किया। उन्होंने मंदिर की छत पर परिक्रमा कर पताका के समक्ष शीश नवाया। कपूर और घी के दीपक जलाकर मां विंध्यवासिनी से सुख-समृद्धि की मंगल कामना की। नौ दिन तक मंदिर की छत व परिसर में अनुष्ठान करने वाले भक्त अपनी-अपनी जगह लेकर पाठ में लीन रहे। ग्रामीण क्षेत्रों में शारदीय नवरात्र के पहले दिन भक्तों ने मां का दर्शन-पूजन कर सुख-शांति की कामना की।

अकोढ़ी गांव स्थित कंकाल काली देवी मंदिर में मां के दर्शन को श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। मान्यता है कि दैत्यों का संहार करने के लिये मां काली विंध्यक्षेत्र में अवतरित हुई। संहार करने के बाद अत्यधिक क्रोध के कारण मां का मुख मुद्रा कंकालवत हो गया तभी से मां की आराधना कंकाल काली के रूप में होने लगी। हलिया संवाद के अनुसार नवरात्र के पहले दिन गड़बड़ाधाम में  50 हजार भक्तों ने मां शीतला के दरबार में मत्था टेका। मान्यता के अनुसार सेवटी नदी में स्नान-ध्यान के बाद हलुआ, पूड़ी नारियल चुनरी चढ़ाने से मनोकामना पूरी होती है। लालगंज के एसडीएम  अरविंद कुमार चौहान के मुताबिक मेला प्रभारी नायब तहसीलदार प्रभुनाथ यादव मौजूद रहे। पड़री संवाद के अनुसार पहाड़ी ब्लाक स्थित मां चंडिका धाम में शारदीय नवरात्र के प्रथम दिन बड़ी तादाद में भक्तों ने दर्शन-पूजन कर मां से आशीर्वाद मांगा।  

मुंडन-संस्कार के दौरान सिर्फ बच्चों की आवाज सुनायी देती रही 
शारदीय नवरात्र में मन्नत के अनुसार मंदिर की छत पर लोगों ने बच्चों के बाल उतरवाकर मुंडन संस्कार करवाया। इस दौरान नगाड़े व शहनाई की मधुर ध्वनि गूंजती रही। मुंडन के दौरान बच्चों की आवाज सुनायी देती रही। थीं। रीति-रिवाज के अनुसार बुआ व घर की अन्य महिलायें आटे की लोई से बच्चों के बाल समेटती रहीं।  

निशुल्क प्रसाद वितरण का शुभारंभ
शारदीय नवरात्र में मां प्रथम दिन पुरानी वीआईपी मंदिर के समीप कोलकाता के हरिप्रसाद कनोडिया की ओर से मां विंध्यवासिनी निशुल्क प्रसाद वितरण का आयोजन किया गया। इसका शुभारंभ नगर विधायक रत्नाकर मिश्रा ने भक्तों को प्रसाद वितरण कर किया। प्रसाद वितरण 10 से 19 अक्तूबर तक सुबह नौ से दोपहर एक बजे श्रद्धालुओं को निशुल्क वितरित किया जाएगा। इसमें मुख्य रूप से रतन मोहन मिश्र की सहभागिता रही।

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  • Web Title:Two lakh devotees took oath in temple of Mother Vindhyasini