मंडलीय अस्पताल से दस स्टाफ नर्स कार्यमुक्त
Mirzapur News - मिर्जापुर के मंडलीय अस्पताल से मंगलवार को दस स्टाफ नर्स को उनके मूल विभाग में वापस भेज दिया गया है। ये नर्स एनएचएम के तहत आउटसोर्सिंग पर तैनात थीं। सीएमओ ने तैनाती से मना कर दिया है, जिसके कारण नर्सें दर-दर भटक रही हैं। मेडिकल कालेज को मिली मंजूरी के बाद यह कार्रवाई हुई है।

मिर्जापुर। मंडलीय अस्पताल में तैनात दस स्टाफ नर्स को मंगलवार कार्यमुक्त कर उनके मूल विभाग मुख्य चिकित्साधिकारी वापस कर दिया गया है। इन सभी स्टाफ नर्स की एनएचएम के तहत आउटसोर्सिंग पर तैनाती थी। उधर सीएमओ ने मंडलीय अस्पताल से कार्यमुक्त हुईं स्टाफ नर्स की तैनाती को लेकर हाथ खड़े कर दिए हैं। अब स्टाफ नर्स अपनी तैनाती को लेकर दर-दर भटक रही हैं। मंडलीय अस्पताल के एसआईसी डा. एसके श्रीवास्तव ने बताया कि अस्पताल को मेडिकल कालेज का दर्जा मिल गया है। ऐसे में अब मुख्य चिकित्साधिकारी विभाग से संबद्ध डाक्टर, स्टाफ नर्स और अन्य कर्मचारियों को उनके मूल तैनाती पर भेजा जा रहा है।
इसी क्रम में मंडलीय अस्पताल में एनएचएम के तहत आउटसोर्सिंग पर तैनात दस स्टाफ नर्स को उनके मूल विभाग को भेजा गया है। इसमें स्टाफ नर्स अंजूलता, पूजा दुबे, राजशीला, प्रगति सिंह, पूनम, कुसुम, वंदना, प्रियंका यादव, कृति, सुनीता शामिल हैं। इन स्टाफ नर्स को उनके मूल विभाग मुख्य चिकित्साधिकारी वापस भेज दिया गया है। कार्यमुक्त स्टाफ नर्स जब सीएमओ कार्यालय पहुंची तो उन्हें तैनाती देने से विभाग ने हाथ खड़े कर दिए। अब दो विभागों के बीच स्टाफ नर्स की तैनाती को लेकर पेंच फंस गया है। कार्यमुक्त स्टाफ नर्स दर-दर भटक रही हैं। इस संबंध में एसीएमओ डा. मुकेश ने बताया कि मंडलीय अस्पताल से जो आउटसोर्सिंग स्टाफ नर्स कार्यमुक्त की गई हैं। उनकी तैनाती एनएचएम के तहत हुई है। वर्तमान समय में एनएचएम के तहत चल रही योजना के लिए कर्मी कार्य रहे हैं। उनका ही बजट आता है। ऐसे में मंडलीय अस्पताल से कार्यमुक्त स्टाफ नर्स को विभाग से तैनाती नहीं दी जा सकती है। मेडिकल कालेज से मिले पत्र को एनएचएम को भेजा जाएगा। वहां से दिशा निर्देश मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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