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22 जनवरी, 2021|2:25|IST

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मां के दरबार में शीश नवा मनाया नए वर्ष का जश्न

मां के दरबार में शीश नवा मनाया नए वर्ष का जश्न

विंध्याचल। हिन्दुस्तान संवाद

नववर्ष पर शुक्रवार को मां विंध्यवासिनी के दरबार में लगभग पांच लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन पूजन कर पुण्य की कामना की। देश के विभिन्न स्थानों से विंध्य दरबार पहुंचे श्रद्धालुओं ने मंगला आरती के बाद मां का दर्शन पूजन किए। मंदिर परिसर और गर्भगृह में श्रद्धालुओं की पूरे दिन भीड़ जुटी रही। देवी धाम में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के चलते विंध्याचल के सातों गलियां, सड़कें व गंगा घाट श्रद्धालुओं से पटे रहे। दर्शन पूजन करने के पहले श्रदालुओं ने गंगा स्नान किए। इसके बाद विन्ध्य धाम की गलियों में स्थित प्रसाद की दुकानों से नारियल चुनरी एवं माला प्रसाद लेकर मंदिर पहुंच कर विधि विधान पूर्वक मां के दिव्य स्वरूप का दर्शन पूजन कर मंगल कामना की। मां का दर्शन करने के लिए पंक्ति में खड़े श्रद्धालुओं को दो से तीन घंटे बाद ही दर्शन मिल पा रहा था। मंगला आरती के बाद से ही न्यू वीआईपी ,पुरानी वीआईपी,बच्चा पाठक की गली, कोतवाली गली ,जयपुरिया गली में भक्तों की लंबी कतारें लगी रही। मां विंध्यवासिनी का दर्शन पूजन करने के बाद भक्त मंदिर परिसर में विराजमान मां सरस्वती देवी ,मां दुर्गा ,मां काली ,महालक्ष्मी ,मां शीतला, पंचमुखी महादेव, दक्षिण मुखी हनुमान, बटुक भैरव, लाल भैरव सहित अन्य देवी देवताओं के मंदिरों में बड़े श्रद्धा भाव से दर्शन पूजन किए। इसके बाद हवन कुंड व मंदिर की परिक्रमा की। इसके बाद बड़ी संख्या में भक्तों ने विंध्य पहाड़ी पर स्थित मां अष्टभुजा व कालीखोह का दर्शन पूजन कर त्रिकोण परिक्रमा किए। देवी धाम में उमड़ी भक्तों की भीड़ को देखते हुए धाम चौकी प्रभारी इन्द्र भूषण मिश्रा एवं धाम सुरक्षा प्रभारी रविन्द्र कुमार यादव पीएसी के जवान के अलावा विन्ध्य पंडा समाज अध्यक्ष पंकज द्विवेदी, मंत्री भानु पाठक व अन्य पदाधिकारी मंदिर पर श्रद्धालुओं की मदद करने में जुटे रहे।

नव वर्ष पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने अपने निजी वाहनों से विन्ध्य धाम पहुंचे थे। गंगा स्नान करने के बाद मां विंध्यवासिनी का दर्शन पूजन करने के बाद अष्टभुजा पहाड़ पर स्थित गेरूआ तालाब, मोतिया तालाब, सीता कुंड, काली खोह मंदिर की पहाड़ी पर सैर कर बाटी चोखा बनाने में जुटे रहे। पहाड़ों पर किराना व सब्जी की दुकानें सजी रहे। श्रद्धालुओं को असुविधा न हो इसके लिए स्थानीय दुकानदारों ने नववर्ष आगमन की तैयारी कर रखी थी।

नंगे पांव की त्रिकोण परिक्रमा : मां विंध्यवासिनी माता के दर्शन पूजन करने के उपरांत श्रद्धालुओं ने अपने परिजनों संग नंगे पांव त्रिकोण परिक्त्रमा कर पुण्य कमाया। गंगा स्नान करने के बाद देवी धाम पहुंचे श्रद्धालुओं ने मां की एक झलक देख भक्त हुए निहाल हो गए। काली खोह मंदिर अष्टभुजा पहाड़ी पर मां अष्टभुजी देवी के भी दर्शन पूजन करने उमड़े श्रद्धालु कतार में खड़े होकर मां के चरणों में शीश झुकाए।

सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद: नव वर्ष पर विंध्यधाम में जुटने वाले श्रद्धालुओं के मद्देनजर पुलिस प्रशासन भी मुस्तैद रहा। 31 दिसंबर की रात्रि से ही बनारस बस स्टैंड, बरतर तिराहा, बंगाली चौराहा, बावली चौराहा, स्टेट बैंक चौराहा, पटेगरा नाला चौराहा, अमरावती चौराहा सहित अन्य स्थानों पर भी पुलिस कर्मी भीड़ को नियंत्रण करने में जुटे रहे। विंध्यधाम में बड़े वाहनों के लिए प्रवेश वर्जित कर दिया गया था। विभिन्न स्थानों पर वाहन स्टैंड व पार्किंग की व्यवस्था की गयी थी।

नववर्ष पर परमहंस आश्रम में उमड़े भक्त

क्षेत्र के सक्तेशगढ़ स्थित परमहंस आश्रम में शुक्रवार को एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने स्वामी अड़गड़ानंद महाराज का दर्शन कर पुण्य की कामना की। अड़गड़ानन्द स्वामी ने भक्तों को आशीर्वचन देते हुए कहा कि बुराइयों से बचकर सद मार्ग पर चलें वही असली भक्त है। हर भक्तों के घर में गीता होना जरूरी है। गीता का ज्ञान अनुसरण कर सत्य के मार्ग पर चलने का रास्ता मिलता है। गीता मानव जीवन रूप में जब मिलता है तब तमाम प्रकार की माया मा मैं फस जाता है, लेकिन प्रेम रुपी परमात्मा तभी मिलता है जब की माया मोह के झंझट से मुक्त होकर भक्ति के मार्ग पर चलता है। इस अवसर पर तानसेन महाराज,सोहन महाराज,लाले महाराज, आदि लोग मौजूद रहे।

भक्तों ने तुलसीदास महाराज का लिए आशीर्वाद

हलिया। क्षेत्र के प्रसिद्ध गड़बड़ाधाम में मां शीतला व कोटार नाथ में शिव- पार्वती के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे थे। नववर्ष पर दर्शनार्थियों से दोनों मंदिर पटे रहे। इसके अलावा औरा स्थित परमहंस आश्रम पर स्वामी तुलसीदास महाराज से भक्तों ने आशीर्वाद लिया। शीतला धाम मे भक्त शेवटी नदी में स्नान कर मां शीतला के दर्शन पूजन हेतु कतार बंद हो गए मां के दरबार में नारियल चुनरी हलवा पूडी भेंट कर मन्नतें मांगी कोटार शिव धाम मे भी अदवा नदी में स्नान कर भगवान शिव का जलाभिषेक किया इसके बाद नूतन वर्ष पर बाटी चोखा लगाया। इसके अलावा परमहंस आश्रम स्थित औरा में भक्तों ने तुलसी दास महाराज के दर्शन कर मन्नते मांगी तथा भक्तों को महाराज ने प्रवचन के माध्यम से बताया कि ओम, शिव ,राम दो ढाई अक्षर के जाप से मुक्ति मिलती है तथा महापुरुष का ध्यान एंव मत्र का जाप करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है सभी मानव को अपने भलाई के लिए ढाई अक्षर का जाप व समर्थ गुरु का ध्यान करना चाहिए यथार्थ गीता पाठ के लिए उन्होंने भक्तों को प्रेरित किए।

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  • Web Title:Sheesh Nava celebrated new year in mother 39 s court