धर्मांतरण मामले में पादरी समेत दस आरोपी गिरफ्तार
Mirzapur News - मिर्जापुर में धर्म परिवर्तन के मामले में पुलिस ने पादरी समेत दस आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से धार्मिक पुस्तकें और अन्य सामग्री बरामद हुई हैं। पादरी भोलानाथ पटेल ने ग्रामीणों को प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराया। एक महिला आरोपी फरार है, जबकि लगभग 2000 लोगों के धर्मांतरण की संभावना जताई जा रही है।
मिर्जापुर। धर्म परिवर्तन कराने के मामले में पुलिस ने पादरी समेत दस आरोपियों को सोमवार गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से धार्मिक पुस्तक, मोबाइल समेत अन्य समाग्री बरामद हुए। पकड़ा गया आरोपी पादरी मूलरुप से गाजीपुर निवासी है। देहात कोतवाली के खरहरा गांव चर्च में धर्मांतरण का खेल चल रहा था। पुलिस ने रविवार को छापेमारी कर 11 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। इसमें दस आरोपियों को जेल भेज दिया है। जबकि एक महिला आरोपी फरार है। देहात कोतवाल अमित मिश्रा ने बताया कि खरहरा गांव स्थित चर्च में धर्मांतरण का खेल चल रहा था। चर्च के पादरी गाजीपुर जिला के रेवतीपुर थाना क्षेत्र के तिलवा गांव निवासी भोलानाथ पटेल ग्रामीणों को प्रलोभन देकर उनका धर्म परिवर्तन कराते हैं।

लोगों को आर्थिक लाभ, बच्चों की पढ़ाई, मेडिकल संबंधित सुविधा समेत अन्य प्रलोभन दिए जाते हैं। देहात कोतवाली के कुरकुठिया गांव निवासी आनंद दुबे को भी इसाई धर्म अपनाने के लिए पादरी ने रविवार को चर्च में बुलाया, लेकिन आनंद वहां से किसी तरह भागकर पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने छापेमारी की। चर्च में दस से बारह लोग ग्रामीणों को प्रलोभन देकर उनका धर्म परिवर्तन करा रहे थे। लगभग 30 से 40 लोग चर्च में मौजूद थे। पुलिस ने मौके से कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया, जबकि अन्य फरार हो गए थे। पीड़ित आनंद दुबे की तहरीर पर पुलिस ने पादरी भोलानाथ पटेल, देहात कोतवाली के बढ़ौली गांव के कृष्णकांत तिवारी, रेनू, लेढू गांव निवासी अंगनू प्रसाद, खरहरा गांव निवासी माया पटेल, निशा देवी, हीरावती देवी, जसोहर पहाड़ी की फूलपत्ती, किरतार तारा निवासी सुशीला देवी, लक्ष्मी और विश्वनाथपुर गांव निवासी साधना के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरु की। पुलिस ने दूसरे दिन नामजद दस आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जबकि एक महिला आरोपी निशा अभी भी फरार है। पुलिस तलाश कर रही है। दो हजार लोगों का धर्मांतरण कराने की संभावना देहात कोतवाल अमित मिश्रा ने बताया कि खरहरा गांव चर्च में लगभग दो हजार लोगों का धर्मांतरण कराने की संभावना है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। बताया जा रहा हैकि स्थानीय और आस-पास के गांव के लोगों का धर्मांतरण कराया गया है। वहीं आरोपी पादरी भोलानाथ लखनऊ से इस कार्य को अंजाम दे रहा है। सेंट जेसस स्कूल में टीचर था। वह 2008 में काफी बीमार हुआ। तभी से वह प्रार्थना सभा में आने जाने लगा और स्वस्थ हो गया। वहां से उसे देहात कोतवाली क्षेत्र के खरहरा चर्च पर भेजा गया। यहां अपनी पत्नी के साथ रहकर धर्मांतरण का कार्य शुरु किया। भोलानाथ पुरुषों और उसकी पत्नी महिलाओं को प्रलोभन देकर लोगों का धर्म परिवर्तन कराने लगे। इसके लिए उसे लखनऊ से ही फंडिंग होती थी। वह खरहरा गांव के एक स्कूल में भी पढ़ाता था, लेकिन कोरोना काल में स्कूल बंद हो गया। उसी समय से वह चर्च में पादरी बन गया था। गांव के लोगों को प्रलोभन देकर जोड़ने लगा।

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