डीजल-पेट्रोल के दामों में वृद्धि से महंगाई ने दी दस्तक
Mirzapur News - मिर्जापुर में डीजल और पेट्रोल के दाम में तीन रुपये की वृद्धि के कारण आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में लगभग 10 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। व्यापारी अब नए ऑर्डर 10 प्रतिशत अधिक कीमत पर ले रहे हैं। महंगाई ने गृहिणियों की रसोई को प्रभावित किया है। ट्रांसपोर्ट और कृषि पर भी दामों का असर होगा।

मिर्जापुर। डीजल और पेट्रोल का मूल्य शुक्रवार को तीन रुपये वृद्धि कर दिए जाने से आम लोगों की जरूरत के सामान के दाम में लगभग दस फीसदी की वृद्धि हो गई। ऐसे में व्यापारी नया ऑर्डर दस फीसदी अधिक मूल्य पर ले रहे हैं। डीजल-पेट्रोल के मूल्य में बढ़ोतरी का हर तबका अपने स्तर से व्याख्या करने में जुटा रहा। खाद्य तेलों से लेकर चावल-दाल, आटा, गैस सिलेंडर ही नहीं पूरी की पूरी थाली महंगी हो गई है। व्यापारियों ने अनुमान लगाया है कि कि तीन रुपये डीजल और पेट्रोल में बढ़ोतरी होने की मार लोगों को दस प्रतिशत महंगाई के रूप में भुगतना पड़ेगा। व्यापारिक ताकतों ने पहले प्रोडक्ट के वजन में कटौती की और अब दाम भी बढ़ा सकते हैं। नगर के रमईपट्टी निवासी किराना स्टोर संचालक राजेश कुमार गुप्ता ने बताया कि 750 एमएल का रिफाइंड 150 रुपये, चायपत्ती सरसों का तेल एक लीटर 170 रुपये, मेवा 950 रुपये प्रति किलो, बादाम 800 से 750 रुपये, मूंगफली 120 से 130 रुपये में उपलब्ध है, लेकिन डीजल-पेट्रोल में तीन रुपये दाम बढ़ने पर कम से कम 10 फीसदी दाम प्रत्येक आयटम पर बढ़ जाएगा। व्यापारी अब नया आर्डर दाम बढ़ाकर ले रहे हैं। वहीं गृहिणी सरिता का कहना है कि महंगाई से किचन प्रभावित होना तय है। इस बीच डीजल-पेट्रोल के मूल्य में बढ़ोतरी ने थाली से लेकर जीवन के हर कार्य को बुरी तरह से प्रभावित करेगा। पश्चिम एशिया के जंग ने गांवों के बाशिंदों के जीवन को प्रभावित कर रखा है। युद्ध के ऊहा-पोह के बीच आम आदमी आर्थिक जंग लड़ रहा है।
20 से 25 प्रतिशत तक महंगा हो सकता है ट्रांसपोर्ट
डीजल-पेट्रोल की कीमतों में प्रति लीटर तीन रुपये की वृद्ध की मार अंतत: आम आदमी को ही चुकाना पड़ेगा। तीन रुपये पेट्रो मूल्य में वृद्ध से बीस से पच्चीस रुपये तक माल भाड़े में बढ़ोतरी की सबब बनेगा। यूपी मोटर ट्रांसपोर्ट ऐसोसिएशन के विंध्याचल मंडल के उपाध्यक्ष जसवंत सिंह सरना बताते हैं कि डीजल और पेट्रेाल में तीन रुपये की वृद्धि करने के सरकार के फैसले से बीस से लेकर पच्चीस रुपये तक माल ढुलाई के भाड़े में बढ़ोतरी होना तय है। इसके अलावा पब्लिक ट्रांसपोर्ट से लेकर कार, बाइक आदि से कार्यालय आदि जाना दस प्रतिशत महंगा हो सकता है। सीमित आय वाले परिवार के लोगों को दुश्वारियों का सामना करना पड़ सकता है।
ट्रैक्टर से खेतों की जुताई, खाद-बीज होंगे महंगे
डीजल-पेट्रोल की कीमतों में आए तीन रुपये के उछाल से किसान वर्ग सहम गया है। मौसम की मार से टूटी कमर को सीधा करने की जुगत में जुटे किसान डीजल की कीमत में वृद्धि सुनते ही उनके पैरों तले की जमीन खिसक गई। जिले के अग्रणी किसान राजगढ़ के दरबान निवासी ईश्वर सिंह कहते हैं डीजल के मूल्य तीन रुपये बढ़ने से ट्रैक्टर से खेत की जोताई, खाद और बीज भी महंगा हो जाएगा। उन्होंने बताया कि अबतक पानी भरे खेत की 1200 और सूखे खेत की ट्रैक्टर से जुताई प्रति बीघा 1000 रुपये था, जो अब लगभग दस फीसदी बढ़ 1300 एवं 1200 रुपये हो सकता है। इसी तरह से माल भाड़े की ढुलाई के दाम बढ़ने से खाद और बीज भी लगभग दस फीसदी महंगा हो सकता है।
आर्थिक गतिविधियों पर पड़ेगा नकारात्मक असर
राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय चुनार के अर्थशास्त्र विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर चंदन कुमार द्विवेदी ने बताया कि सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल की कीमतों में प्रति लीटर तीन रुपये की वृद्धि का भारतीय अर्थव्यवस्था पर मिश्रित प्रभाव पड़ेगा। एक ओर इससे लगातार बढ़ रहे राजकोषीय घाटा और चालू खाता घाटा कम करने में सहायता मिलेगी, तेल कंपनियों के घाटे में कमी आएगी। वहीं, दूसरी ओर परिवहन लागत बढ़ने से मुद्रा स्फीति में वृद्धि होगी, जिसके परिणामस्वरूप खाद्य पदार्थों और दैनिक उपयोग की वस्तुएं महंगी हो सकती हैं। उद्योगों की उत्पादन लागत बढ़ने से आर्थिक गतिविधियों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका है। हालांकि, उच्च ईंधन कीमतें लोगों को ऊर्जा संरक्षण और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों की ओर प्रेरित करेंगी, जो दीर्घकाल में अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत है। ऐसी स्थिति में ऊर्जा संरक्षण के प्रति नागरिकों की जिम्मेदारी और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
दाम बढ़ने से कम होगी ईंधन की खपत
राजकीय महाविद्यालय मझवां के असिस्टेंट प्रोफेसर वाणिज्य डॉ. अनुपम वर्मा ने बताया कि संकट काल में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा उद्देश्य वैश्विक ईंधन संकट और मिडिल ईस्ट तनाव के बीच सरकारी खजाने को संतुलित करना है। यह जन-कल्याण के लिए आवश्यक है। इससे सरकारी खजाने में राजस्व आता है, जिससे कल्याणकारी योजनाओं और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए धन मिलता है। उच्च कीमतें लोगों को ईंधन की खपत कम करने, अनावश्यक वाहन उपयोग से बचने और पब्लिक ट्रांसपोर्ट के उपयोग के लिए प्रोत्साहित करती हैं। यह तेल आयात पर निर्भरता कम करके राष्ट्र की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने में मदद करता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल महंगा होने पर दाम बढ़ाकर सरकार आर्थिक स्थिरता और जन-कल्याण के बीच संतुलन बनाए रखने का प्रयास करती है। हालांकि, यह वृद्धि मध्यम वर्ग के बजट को प्रभावित करती है, लेकिन व्यापक संकट से निपटने के लिए यह एक कड़ा, पर जरूरी कदम होता है।
नगर के कई पेट्रेाल पंपों पर लगी लाइन
मिर्जापुर। सरकार के डीजल और पेट्रेाल के मूल्य में वृद्धि का असर शुक्रवार को नगर के पेट्रोल पंपों पर दिखा। पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी लाइन लगी रही, तो कई स्थानों पर पेट्रोल-डीजल उपलब्ध न होने का बोर्ड लगा दिया गया था। सोशल मीडिया पर अचानक तीन रुपये डीजल पेट्रोल में वृद्धि का मैसेज वायरल होते ही कार, बाइक आदि की पेट्रोल पंपों पर भीड़ बढ़ गई। उधर पेट्रोलपंप संचालक भी कम चालाक नहीं थे, मौके पाते ही अपने पेट्रोल पंपों पर नो पेट्रोल, डीजल का बोर्ड चस्पा कर दिया। वाहन संचालकों ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि बढ़े हुए डीजल-पेट्रोल का आदेश आने के बाद पंपों पर तेल बेचना शुरू कर देंगे। अभी पेट्रोल डीजल का डंप कर दिया गया है।
साइकिल से अपने कार्यालय पहुंचे जिला उद्यान अधिकारी
मिर्जापुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार के सरकरी वाहनों का उपयोग कम करने, देशहित में ऊर्जा बचाने के आह्वान का पालन करते हुए शुक्रवार को पहले अधिकारी जिला उद्यान अधिकारी सामने आए। जिला उद्यान अधिकारी मेवा राम शुक्रवार सुबह नगर के जमुनहिया स्थित अपने अवास से कलक्ट्रेट परिसर स्थित अपने कार्यालय साइकिल से पहुंचे। कार्यालय पहुंचने के बाद उन्होंने बताया कि वह अब आवास से दफ्तर आने के लिए प्रतिदिन साइकिल का उपयोग करेंगे। साथ ही निजी सरकारी कार्य से बाहर जाने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट, रेल-बस का उपयोग करेंगे। अपने सरकारी वाहन के वाहन के उपयोग से बचने का प्रयास करेंगे। उन्होंने बातचीत में यह भी बताया कि यह कदम उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार के आह्वान से प्रेरित होकर उठाया है।
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