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एक करोड़ खर्च होने के बाद भी टेल तक नहीं पहुंचा पानी

एक करोड़ खर्च होने के बाद भी टेल तक नहीं पहुंचा पानी

नहर में सिल्ट की सफाई पर मिर्जापुर कैनाल डिवीजन ने एक करोड़ रुपये खर्च किये। इसके बावजूद मड़िहान ब्रांच की नहरों के टेल तक पानी नहीं पहुंच पाया। मड़िहान से पटेहरा तक लगभग 15 किमी नहर पूरी तरह सूख गयी है। नहर के आसपास स्थित गांवों के तालाबों और गड्ढों में भी पानी नहीं है। इससे पशुओं के समक्ष पेयजल की गंभीर समस्या खड़ी हो गयी है। किसानों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

धधरौल बांध के मड़िहान ब्रांच की पटेहरा की तरफ जाने वाली नहर के सिल्ट की सफाई में भारी अनियमितता बरते जाने के कारण टेल तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। शासन से नहर के सिल्ट की सफाई पर एक करोड़ रुपये खर्च कर दिया गया। हाल ही में गर्मी को देखते हुए 15 दिन पूर्व धंधरौल बांध से मड़िहान ब्रांच की नहरों में पानी छोड़ा गया था ताकि नहर के आसपास स्थित कुंए और हैंडपम्पों का जलस्तर जहां सामान्य हो जाएगा। तालाब और गड्ढों में पानी रोककर पशुओं को पीने के पानी का इंतजाम हो जाता, पर मड़िहान से पटेहरा के लिए बनवाए गए नहर की स्थिति यह है कि मड़िहान से दो किमी के बाद नहर पूरी तरह सूखी पड़ी है। नहर के आसपास स्थित गांवों का जलस्तर काफी नीचे चले जाने से हैण्ड पम्प बेकार साबित हो रहे है। पटेहरा ब्लाक मुख्यालय के सामने नहर पूरी तरह से सूखी पड़ी है।

नहर में उगे खर-पतवार सिंचाई विभाग के इंजीनियरों की लापरवाही को उजागर कर रहे है। स्थिति यह है कि पानी के अभाव में पटेहरा ब्लाक के विभिन्न गांवों में पशु पालना मुश्किल हो गया है। किसी तरह लोग खुद के लिए पीने का पानी जुगाड़ कर ले रहे हैं पर पशुओं के लिए जुगाड़ नहीं कर पा रहे है। कई लोग पशुओं को कौड़ी के मोल बेचने के लिए विवश हो गए।

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  • Web Title:no miner is working inspite of spending one crore