मिर्जापुर के लाल पेड़े को अब मिलेगी वैश्विक पहचान
मिर्जापुर का प्रसिद्ध लाल पेड़ा अब देश और विदेशों में अपनी मिठास बिखेरेगा। योगी सरकार ने इसे वन डिस्ट्रिक्ट वन कुजीन योजना के तहत शामिल किया है। इससे स्थानीय कारोबारियों में खुशी है। कारीगरों को आधुनिक तकनीक और प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे रोजगार बढ़ेगा।

मिर्जापुर। मां विंध्यवासिनी धाम की नगरी मिर्जापुर का प्रसिद्ध लाल पेड़ा अब देश ही नहीं विदेशों में भी अपनी मिठास बिखेरेगा। योगी सरकार ने वन डिस्ट्रिक्ट वन कुजीन (ओडीओसी) योजना के तहत मिर्जापुर के लाल पेड़े को शामिल किया है। इसके बाद स्थानीय कारोबारियों और कारीगरों में खुशी का माहौल है। जिला उद्योग केंद्र के उपायुक्त संदीप कुमार ने बताया कि लाल पेड़ा कारोबार को बढ़ावा देने के लिए विशेष सेल गठित की जाएगी। यह सेल कारोबारियों को बैंक ऋण, आर्थिक सहायता और तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराएगी। साथ ही छोटे स्तर पर काम कर रहे कारीगरों को उद्यमी के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि लाल पेड़ा बनाने वाले कारीगरों को आधुनिक पैकेजिंग, गुणवत्ता, स्वच्छता और लंबे समय तक सुरक्षित रखने की तकनीक का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, ताकि यह पारंपरिक मिठाई देश-विदेश के बाजारों तक पहुंच सके। जिले में वर्तमान समय में लाल पेड़ा बनाने की 65 से अधिक इकाइयां संचालित हैं, जिनसे करीब 400 लोगों को रोजगार मिला हुआ है。
त्योहारों और दर्शनार्थियों में सबसे ज्यादा मांग
लाल पेड़ा कारोबारी राजाराम ने बताया कि यह मिठाई पूरी तरह दूध से तैयार होती है और अपनी खास खुशबू व मुलायम स्वाद के कारण लोगों की पहली पसंद बनी हुई है। मां विंध्यवासिनी के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालु लाल पेड़ा जरूर खरीदते हैं। त्योहारों और धार्मिक आयोजनों के दौरान इसकी मांग कई गुना बढ़ जाती है।
पारंपरिक स्वाद को मिलेगा नया बाजार
कारोबारियों का कहना है कि ओडीओसी योजना में शामिल होने से मिर्जापुर के लाल पेड़े को नई पहचान मिलेगी। बेहतर पैकेजिंग और सरकारी सहयोग मिलने के बाद इसे बड़े बाजारों तक पहुंचाने का रास्ता आसान होगा। इससे स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा।
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