बंटाईदार किसान भी क्रय केंद्र पर बेच सकेंगे गेहूं
Mirzapur News - बंटाईदार किसान भी क्रय केंद्र पर बेच सकेंगे गेहूं बंटाईदार किसान भी क्रय केंद्र पर बेच सकेंगे गेहूं

मिर्जापुर, संवाददाता। अब बंटाईदार किसान भी सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं बेंच सकेंगे, जिससे उन्हें भी शासन के समर्थन मूल्य योजना का लाभ मिल पाएगा। उन्हें व्यापारियों के हाथों औने-पौने दाम पर गेहूं नहीं बेचना पड़ेगा। जिले में गेहूं बेचने के लिए अब तक 797 किसानों ने पंजीकरण कराया है। अबतक मात्र 297 किसानों का लेखपाल स्तर से सत्यापन हो पाया है। अभी पांच सौ किसानों के अभिलेखों का सत्यापन किया जाना है। वहीं जिले में 17 मार्च से गेहूं खरीद शुरू होगी। इसके लिए 112 क्रय केंद्र बनाए गए है। प्रत्येक क्रय केंद्रों पर प्रभारियों की नियुक्ति कर दी गई है।
इसके अलावा किसानों से गेहूं खरीद के लिए कांटा और बोरा भेज दिया गया है। संभागीय खाद्य नियंत्रक आरबी प्रसाद ने क्रयकेंद्र प्रभारियों को किसानों से प्राथमिकता के आधार पर गेहूं खरीदने का निर्देश दिया है। कहा है कि इसमें लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। जिले के किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदने के लिए खाद्य विभाग एवं क्रय एजेंसियों ने व्यवस्थाएं पूरी कर लिए है। खाद्य विभाग के साथ ही सहकारिता विभाग एवं अन्य एजेंसियों ने क्रय केंद्र की स्थापना कर दी है। इस वर्ष बंटाईदार किसान भी क्रय केंद्रों पर गेहूं बेच सकेंगे। संभागीय खाद्य नियंत्रक ने बताया कि इससे बंटाईदारों को भी बेहतर लाभ होगा। उन्हें शासन के समर्थन मूल्य का जहां लाभ मिलेगा। वहीं व्यापारी औने-पौने दाम पर बंटाईदारों से गेहूं नहीं खरीद पाएंगे। जिले में गेहूं बेचने के लिए पंजीकरण प्रक्रिया भी शुरू हो गयी है। अबतक 797 किसानों ने पंजीकरण कराया है। इनमें राजस्व विभाग के लेखपालों ने अबतक 297 किसानों के अभिलेखों का सत्यापन कर टोकन जारी करने के लिए रिपोर्ट भेज दिए है। इन किसानों को प्राथमिकता के आधार पर गेहूं बेचने के लिए टोकन जारी किया जाएगा। वहीं, पांच सौ किसानों का अभी सत्यापन किया जाना शेष है। धान बेचने वाले किसानों का अभी दो करोड़ 13 लाख रुपये बकाया मिर्जापुर, संवाददाता। जिले में धान खरीद समाप्त हो गया, लेकिन महीनों पूर्व धान बेंचने वाले किसानों का अबतक दो करोड़ 13 लाख रुपये विभिन्न एजेंसियों पर बकाया है, जिससे उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों का होली का त्योहार भी फीका हो गया। उन्हें होली मनाने में आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस वर्ष जिले में किसानों से धान खरीद का लक्ष्य 82 हजार मीट्रिक टन तय किया गया था। शासन ने इसे बढ़ा कर एक लाख 20 हजार मीट्रिक टन कर दिया। बीते 28 फरवरी तक विभिन्न क्रय केंद्रों पर 14 हजार 715 किसानों ने धान बेचा है। इनमें 97.28 फीसदी किसानों से खरीदे गए धान का भुगतान कर दिया गया है। अभी 2.72 फीसदी किसानों का दो करोड़ 13 लाख रुपये विभिन्न क्रय एजेंसियों पर बकाया है। सरकारी क्रय केंद्रों पर धान बेचने वाले किसान भुगतान के लिए महीनों से क्रय केंद्र प्रभारी के कार्यालय का चक्कर काटने के लिए विवश है। इन किसानों को होली पर भी बेचे गए धान का भुगतान नहीं हो पाया है, जिससे किसानों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। धन के अभाव में किसान घरेलू जरूरतों को पूरा नहीं कर पा रहे हैं। धन के अभाव में किसान बच्चों की फीस नहीं चुका पा रहे है। वहीं, होली का त्योहार मनाने के लिए भी किसानों के पास धन का अभाव हो गया है। उन्हें त्योहार मानने के लिए साहूकारों से उधार लेना पड़ रहा है।
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