Hindi NewsUttar-pradesh NewsMirzapur NewsMassive Crowd Celebrates Chhath Puja with Sun Worship in Mirzapur
अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देकर सुखी जीवन की कामना

अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देकर सुखी जीवन की कामना

संक्षेप:

Mirzapur News - मिर्ज़ापुर में चार दिवसीय सूर्योपाशना के तीसरे दिन भक्तों ने अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर सुख, समृद्धि और संतान प्राप्ति की कामना की। गंगा घाटों पर भारी भीड़ उमड़ी, जहाँ महिलाएँ और बच्चे पूजा...

Oct 28, 2025 01:21 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, मिर्जापुर
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मिर्जाापुर। संतान प्राप्ति, सुख एवं समृद्धि की कामना की पूर्ति के लिए चार दिवसीय सूर्योपाशना के महापूर्व तीसरे दिन अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर व्रतियों ने सुखी जीवन की कामना की। सोमवार की शाम को गंगा घाटों पर सूर्य की अर्चना में हजारों की संख्या में उठे हाथ मानों भारतीय संस्कृति के प्रति आस्था एवं परंपरा के दिव्यता- भव्यता के विविध आयाम के दर्शन करा रहे थे। इससे पहले घर से गाजे-बाजे के साथ पुरुष सदस्य दउरी में पूजन सामग्री लेकर गंगा घाटों पर पहुंचे। नगर के बरियाघाट पर आस्था का सैलाब उमड़ा रहा। घाट पर पहुंचते ही व्रतियों ने साफ-सुथरे पत्थर की सीढ़ियों पर बनी पूजन वेदी पर सूप, दउरी का प्रसाद रख सिंदूर का टीका किया।

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सूप में लाल कपड़े से ढंके प्रसाद ठेकुआ, सेव, केला, अनानाश, नारियल आदि फल को खोल कर उसमें पान का पत्ता, घी के दीपक जलाकर आरती की। पूजन आरती के बाद महिलाओं ने सिंदूर का टीका किया। वेदी पूजन कर सूप-डलिया में प्रसाद लेकर गंगा के जल में अर्घ्य देने के लिए पहुंचीं, जहां कमर भर जल में खड़े होकर डूबते सूर्य को लोटे के जल से अर्घ्य अर्पित कर भगवान भास्कर और छठ मइया से संतान प्राप्ति, आरोग्य, सुख और समृद्धि के लिए विनती कर आत्म संतोष का अनुभव किया। सड़क से लेकर सीढ़ी तक बरियाघाट पर तिल रखने की भी जगह नहीं थी। इसी तरह नगर के सुंदरघाट, पक्काघाट, नारघाट, फतहा घाट के अलावा विंध्याचल के पक्काघाट, दीवान घाट पर साक्षात देव दिवाकर और छठ मइया की पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ रही। नन्हीं बच्ची ने खींचा ध्यान सूर्य पूजन के अवसर पर आस्था के विविध आयाम झलक देखने को मिली। बड़े तो बड़े छोटे बच्चे के भी श्रद्धा और भक्ति देखते ही बन रही थी। लोग भले ही ढोल, ताश, नगाढ़ा बजाते पहुंचे, लेकिन आस्थावानों के सैलाब के बीच एक नन्हीं बच्ची ने बरबस ही सबका ध्यान अपनी ओर खींचा। दरअसल बच्ची अपने माता-पिता के साथ बरियाघाट पर पूजा के समय प्लास्टिक का प्रतीक नगाड़ा बजाते हुए पहुंची और पूजन के बाद अपने कोमल हाथो से नगाड़ा बजाते हुए घर तक पहुंची। सुरक्षा के रहे चाक-चौबंद इंतजाम सूर्योपाशना के लिए गंगा घाटों पर पहुंची महिलाओं की सुरक्षा के लिए चाक चौबंद व्यवस्था रही। घाट की सीढ़ियों पर गंगा के जल में जल पुलिस के जवान नाव, लाइफ जैकेट और गोताखोर के साथ निगहबानी में लगे रहे। मेघ देव के चलते सूर्य देव के नहीं हुए दर्शन कार्तिक शुक्ल छठ तिथि पर सुबह से ही आसमान में बादलों ने डेरा जमाए रखा। अनुमान था के शाम तक आसमान साफ हो जाएगा, लेकिन अनुमान गलत साबित हुआ। अस्त होते सूर्य देव और उनकी बहन छठ के दर्शन नहीं हुए, जिसका परिणाम यह हुआ कि सूर्यास्त के निर्धारित समय पर व्रती महिलाओं अर्घ्य देकर पूजन की प्रक्रिया पूरी की।