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जिले में 2668 केन्द्रों पर धूमधाम से मना ममता दिवस

महिलाओं को गर्भावस्था और प्रसव के बाद संतुलित एवं विटामिन युक्त भोजन की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। मां- बच्चा दोनों ही स्वस्थ्य हो और दोनो का स्वास्थ्य बेहतर व अच्छा बना रहे। जिससे वह कुपोषण का शिकार न बन सके। इन सभी बातों का विशेष ध्यान देते हुए जिले के सभी केन्द्रों पर ममता दिवस का आयोजन किया गया।

विकास खंड जमालपुर के सीडीपीओ आरएन सिंह ने बताया कि हमारे यहां सभी केन्द्रों पर ममता दिवस के अवसर पर सभी लाभार्थियों को पोषाहार का वितरण किया गया। आंगनबाड़ी केन्द्रों पर मौजूद गर्भवती एवं धात्री महिलाओं सहित किशोरियों को भी एनीमिया संबंधी रोकथाम पर विस्तृत चर्चा किया गया। क्षेत्र की महिलाओं ने बड़े ही उत्साह के साथ बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। आंगनबाड़ी केन्द्र पर मनाये जाने का इस ममता दिवस का उद्देश्य महिलाओं को पोषाहार का वितरण कर उन्हें सम्मानित करना होता है। इस तरह के कार्यक्रम से क्षेत्र की महिलाओं में भी स्वास्थ्य एवं पोषाहार के प्रति जागरूक हो जाती हैं।

बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी पीके सिंह ने बताया कि गर्भवती महिलाएं प्रसव के पश्चात अपने भोजन में संतुलित आहार व विटामिन युक्त खाद्य पदार्थो को खानपान में शामिल करे। सुबह गुड़ व चना खाना चाहिए। इससे शरीर में आयरन को बढ़ाने में मदद मिलेगी। इसके अलावा गाजर चुकंदर व अनार आदि के खाने से यह शरीर में खून की मात्रा को बनाये रखता है खून की कभी कमी नही होती है। इस दौरान यह गोली शरीर में खून के स्तर को बनाये रखें।

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  • Web Title:mamta diwas celebrated with full swing