
चकबंदी : मृत किसानों के वारिशों को हो रही दिक्कत
Mirzapur News - लालगंज के रतेह समेत आधा दर्जन गांवों में चकबंदी की प्रक्रिया में देरी हो रही है। चकबंदी कर्मचारी काम में लापरवाह हैं, जिससे किसानों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। मृतक खातेदारों की फाइलें छह...
लालगंज। क्षेत्र के रतेह समेत आधा दर्जन गांवों में चकबंदी की कार्यवाही शुरू की गई है। चकबंदी प्रक्रिया के अंतर्गत तमाम विवाद वादों का निस्तारण चकबंदी कर्मचारियों के उदासीनता के कारण नहीं हो पा रहा है। इससे आए दिन किसान चकबंदी कार्यालय का चक्कर काटने के लिए विवश है। उपरौध अधिवक्ता समिति के अध्यक्ष अशोक कुमार मिश्रा का कहना है कि रतेह चकबंदी कार्यालय में सहायक चकबंदी अधिकारी हो या चकबंदी अधिकारी व कानूनगो, लेखपाल सभी समस्याओं का समाधान करने की बजाज उलझाए हुए है। किसानों को छोटे-छोटे कामों के लेकर बार-बार तहसील का चक्कर लगाना पड़ता है। दर्जनों पत्रावलियां मृतक खातेदारों के लगभग छह माह से लंबित है।

इनमें कई मामलों को लेकर कोई विवाद भी नहीं है। इसके बावजूद चकबंदी कर्मचारियों ने मृतक किसानों के बारिशों का नाम नहीं दर्ज कर रहे है,बल्कि मृतक किसानों के नाम से ही आकार पत्र 23 और जोत चकबंदी आकार पत्र 41 और 45 की कार्यवाही की जा रही है। यह कानून के दृष्टि से बिल्कुल गलत है। मृतक के वारिसों का वरासत न होने के कारण उन्हें खेती करने के लिए खाद बीज और बैंकों से केसीसी तथा पीएम किसान योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। क्षेत्र के किसानों ने वरासत के मामले का तत्काल निस्तारण कर वारिशों का नाम दर्ज किए जाने की मागं की है।

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