हीट वेव से निपटने के लिए 20 बेड का वातानुकूलित वार्ड सुरक्षित
Mirzapur News - मिर्जापुर के मंडलीय अस्पताल ने हीट वेव से प्रभावित मरीजों के उपचार के लिए विशेष तैयारियां की हैं। ट्रामा सेंटर के दूसरे तल पर 20 बेड का वातानुकूलित वार्ड तैयार किया गया है। गंभीर मरीजों के लिए छह बेड का आईसीयू भी उपलब्ध रहेगा। डॉक्टरों ने लोगों से गर्मी में सावधानी बरतने और पर्याप्त पानी पीने की अपील की है।

मिर्जापुर। गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए मंडलीय अस्पताल प्रशासन अलर्ट मूड में है। हीट वेव से प्रभावित मरीजों के उपचार के लिए विशेष तैयारियों शु्रू कर दी है। मंडलीय अस्पताल के ट्रामा सेंटर भवन के दूसरे तल में हीट वेव वार्ड तैयार किया गया है। इसमें जीवनरक्षक दवाओं के साथ अतिरिक्त डाक्टर और स्वास्थ्यकर्मियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। विशेष परिस्थितियों में मरीजों का आईसीयू वार्ड में उपचार होगा। मंडलीय अस्पताल के सीएमएस डा. सचिन किशोर ने बताया कि वर्तमान समय में बढ़ते तापमान को देखते हुए मरीजों की संख्या बढ़ सकती है। ऐसे में हीट वेव से निपटने के लिए पूरी तैयारी कर ली गई है।
यदि मरीज बढ़ते हैं तो उनके उपचार के लिए मंडलीय अस्पताल परिसर स्थित ट्रामा सेंटर के भवन के दूसरे तल पर 20 बेड का वार्ड सुरक्षित कर लिया गया है। जो वातानुकूलित रहेगा। जिससे मरीजों के उपचार के साथ-साथ उन्हें गर्मी से भी राहत मिलेगी। गंभीर स्थिति में हीट वेव के मरीजों के लिए ट्रामा सेंटर के भवन में छह बेड का आईसीयू वार्ड भी सुरक्षित किया गया है। इसमें मानिटर, आक्सीमीटर समेत अन्य स्वास्थ्य संबंधी उपकरण उपलब्ध हैं। ऐसे में गंभीर मरीजों का बेहतर उपचार हो सकेगा। वार्ड में आवश्यक जीवनरक्षक दवाएं, ठंडा पानी, ओआरएस घोल की व्यवस्था रहेगी। अस्पताल की इमरजेंसी से वार्ड को कोआर्डिनेट किया जाएगा। अतिरिक्त डाक्टर और कर्मियों की तैनात रहेंगे। वार्ड में चौबीस घंटे डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ की तैनाती रहेगी। जिससे मरीजों को तत्काल राहत मिल सके। बाहर उनके तीमारदारों के लिए कूलर और पंखे की व्यवस्था रहेगी। सीएमएस ने लोगों से अपील करते हुए कहाकि दोपहर के समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करें। बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतने की जरुरत है।हीट वेव से बचाव के उपायदिन के 11 बजे से शाम 4 बजे तक धूप में निकलने से बचेंहल्के, ढीले और सूती कपड़े पहनेंपर्याप्त मात्रा में पानी, नींबू पानी, छाछ और ओआरएस का सेवन करेंबाहर निकलते समय सिर को ढककर रखें (टोपी या गमछा)खाली पेट बाहर न जाएंचक्कर, उल्टी या तेज बुखार होने पर नजदीकी अस्पताल जाएंहीट वेव से लू का खतरा बढ़ जाता है : चिकित्सकहीट वेव के दौरान शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी तेजी से होती है, जिससे लू लगने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में लोगों को नियमित रूप से पानी, ओआरएस और तरल पदार्थ लेते रहना चाहिए। तेज धूप में निकलने से बचें और अगर किसी व्यक्ति को चक्कर, तेज बुखार या बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दें तो तत्काल नजदीकी अस्पताल में उपचार कराएं। समय पर इलाज मिलने से गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है।डा. पंकज पांडेय, फिजिशियन, मंडलीय अस्पताल
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