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गंगा का जलस्तर पहुंचा 75.500 मीटर

जिले में गंगा का जलस्तर बुधवार को शाम छब बजे गंगा का जलस्तर 75.500 मीटर रिकार्ड किया गया। जिले में गंगा के खतरे का बिंदु 77.724 मीटर है। अभी गंगा खतरे के बिंदु से 2.224 मीटर नीचे है। अभी भी एक सेमी प्रति घंटे की दर से गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है। नगर के रुक्खड़घाट स्थित मंदिर का चबूतरा कटान के चलते क्षतिग्रस्त हो गया। चुनार में जलालपुर माफी गांव के पास जरगो नदी पर बने पुल पर लगभग तीन फीट पानी हो गया है। इसके अलावा फसलों को भी क्षति पहुंची है। गंगा के जलस्तर में वृद्धि से कोन, सीखड़, छानबे व नरायनपुर ब्लाक के लगभग डेढ़ सौ गांव प्रभावित हो गए हैं। 

जिले में पांच दिनों से गंगा के जलस्तर में हो रही वृद्धि से चुनार और सदर तहसील के कई गांव प्रभावित हो गए हैं। बाढ़ नियंत्रण कक्ष के मुताबिक बुधवार को शाम छह बजे गंगा का जलस्तर 75.550 मीटर रिकार्ड किया गया। अभी भी गंगा के जलस्तर में एक सेमी प्रति घंटे की वृद्धि जारी है। इससे बाढ़ का पानी विभिन्न गांवों के नए इलाके में प्रवेश कर रहा है। अभी तटवर्ती इलाके के लोग अपने पशुओं और अनाज सहित अन्य सामान लेकर सुरक्षित स्थानों की ओर जाना शुरू कर दिए हैं। जलस्तर में हो रही वृद्धि से बाढ़ प्रभावित इलाके के लोग सहमे हुए है। गंगा के साथ ही उसकी सहायक नदियां कर्णावती, ओझला,हर्रई और जरगो नदी भी उफान पर है। नगर के रूक्खड़ घाट में गंगा के बाढ़ के कारण मंदिर का चबूतरा गिर गया। आसपास के निचले इलाके में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। इसके अलावा बाढ़ से छानबे ब्लाक के अकोढ़ी, बिरोही, कठवैया, रायपुर, कामापुर, कोन ब्लाक के लखनपुर, मवैया, हरसिंगपुर, मिश्रधाप आदि गांवों के सिवान में पानी पहुंच गया है। वहीं नरायनपुर ब्लाक के जलालपुर माफी गांव के पास जरगो नदी पर बना पुल बाढ़ के पानी में डूब गया है। इस पुल पर लगभग तीन फीट पानी बह रहा है। इसके अलावा टम्मलगंज, समदपुर, लल्ली की मड़ई मार्ग पर लोगों को आने जाने के लिए नाव का संचालन शुरू हो गया है।  इन गांवों में बोई गयी मूंगफली, अरहर और तिल की फसलें भी बाढ़ के पानी में डूब गयी हैं। कोन ब्लाक में सफेद कोहड़ा की खेती नष्ट हो गयी। 

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  • Web Title:Ganga water level reached 75 meters