संकाय के छात्र बाघ और तेंदुए का भी कर सकेंगे इलाज
Mirzapur News - मिर्जापुर। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान संकाय के छात्रों ने मध्य प्रदेश के सफेद बाघ सफारी की शैक्षिक यात्रा की। इस यात्रा का उद्देश्य छात्रों को वन्यजीव प्रबंधन और संरक्षण में व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करना था। छात्रों ने जानवरों की देखभाल और आपातकालीन उपचार तकनीकों के बारे में जानकारी प्राप्त की।
मिर्जापुर। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के बरकछा स्थित राजीव गांधी दक्षिणी परिसर के पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान संकाय के छात्रों और शिक्षकों ने मध्य प्रदेश के मुकुंदपुर स्थित महाराजा मार्तंड सिंह जूदेव व्हाइट टाइगर सफारी और चिड़ियाघर की शैक्षिक यात्रा की। इस यात्रा का उद्देश्य भविष्य में पशु चिकित्सकों को वन्यजीव प्रबंधन और संरक्षण में व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त करने में मदद मिलेगी। पशु चिकित्सा विज्ञान संकाय के छात्र-छात्राएं भविष्य में चिड़ियाघर के बाघ एवं तेंदुए का भी इलाज कर सकेंगे। संकाय के डॉ. साजिदा बानो, डॉ. सौरभ जिगारे और डॉ. विनोद कुमार के नेतृत्व में छात्र-छात्राओं का प्रतिनिधि मण्डल टाइगर सफारी में जंगली और विदेशी जानवरों के लिए वास्तविक दुनिया की पशु चिकित्सा पद्धतियों का अवलोकन किए।
इस दौरान छात्र-छात्राओं को वन्यजीवों को नियंत्रित करने और उनकी देखभाल पर ध्यान देने की तकनीकों को सिखाया गया। छात्रों को चिड़ियाघर की व्यवस्था में आपातकालीन उपचार और नियमित प्रक्रियाओं के लिए एक महत्वपूर्ण कौशल, भौतिक और रासायनिक तरीकों का उपयोग करके जंगली जानवरों को नियंत्रित करने के बारे में जानकारी प्राप्त की। छात्रों को चिड़ियाघर के जानवरों के भोजन और पोषण प्रबंधन के संबंध में व्यापक जानकारी दी गई। इसके अवावा प्राकृतिक आवासों में विविध प्रजातियों की जटिल आहार आवश्यकताओं को दोहराने के लिए तैयार किया जाता है। छात्रों की वन्यजीवों के साथ नजदीकी मुलाकात मिर्जापुर। छात्रों को जानवरों के एक संग्रह को देखने का मौका मिला। जिसमें पार्क का मुख्य आकर्षण राजसी सफेद बाघ केसाथ ही तेंदुए, बाघ, हिरण और भालू शामिल थे। इस यात्रा में पार्क के पक्षी और कीट वर्गों का भ्रमण भी शामिल था, जहां छात्र-छात्राओं ने विभिन्न प्रकार के विदेशी पक्षी और जीवंत तितली पार्क देखा। व्यावहारिक प्रदर्शन पशु चिकित्साधिकारी डॉ. नितिन गुप्ता ने आयोजित किए। उन्होंने विविध पशु आबादी के स्वास्थ्य और कल्याण के प्रबंधन में अपनी विशेषज्ञता साधा की। इनमें दैनिक देखभाल, रोग निवारण और आपातकालीन प्रबंधन आदि शामिल है। छात्रों के लिए यात्रा रहा विशेष अनुभव मिर्जापुर। पशु चिकित्सा विज्ञान संकाय के छात्रों के लिए शैक्षिक यात्रा काफी सुखद रहा। छात्र सजल सक्सेना, श्रेष्ठा, शुभम और रिशू का कहना है कि पशु चिकित्साधिकारी द्वारा रासायनिक निश्चेतना तकनीकों को देखना काफी ज्ञानवर्धक रहा। इसने वास्तव में पशु चिकित्सा देखभाल के लिए आवश्यक सटीकता और विशेष कौशल को उजागर किया। यह अनुभव हमारे सैद्धांतक ज्ञान में एक शक्तिशाली वृद्धि थी। जिससे बड़े मांसाहारियों के प्रबंधन की चुनौतियां कहीं अधिक वास्तविक महसूस हुई। इसके अलावा चिड़िया घर प्रबंधन, जानवरों के स्वास्थ्य और पोषण संतुलन को सुनिश्चित करने वाले अनुकूलित आहार प्रोटोकाल के बारे में जानने का अवसर मिला। इसके अलावा सफेद बाघ और तेंदुए के रोग निवारण के संबंध में जानकारी मिली।

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