कलेक्ट्रेट के अंदर मंत्री प्रतिभा शुक्ला, बाहर धरने पर बैठे पूर्व सांसद पति; जानिए क्या है मामला?

sandeep हिन्दुस्तान, संवाददाता, कानपुर देहात
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कानपुर देहात के फतेहपुर रोशनाई गांव में आंबेडकर प्रतिमा स्थल पर  कब्जे के विरोध में मंत्री प्रतिभा शुक्ला के पूर्व सांसद अनिल शुक्ला डीएम कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। उन्होंने तहसील प्रशासन पर प्रतिमा स्थल की जमीन आवंटित करने का आरोप लगाया। एडीएम के आश्वासन पर 20 मिनट बाद धरना समाप्त हुआ।

कलेक्ट्रेट के अंदर मंत्री प्रतिभा शुक्ला, बाहर धरने पर बैठे पूर्व सांसद पति; जानिए क्या है मामला?

कानपुर देहात में आंबेडकर प्रतिमा स्थल पर कथित कब्जे के विरोध में सोमवार को राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला पति और पूर्व सांसद अनिल शुक्ला डीएम कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। उन्होंने तहसील प्रशासन पर बाबा साहब की प्रतिमा स्थल की जमीन पर कब्जा कराने का आरोप लगाया और मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की। जानकारी के अनुसार, अकबरपुर तहसील क्षेत्र के फतेहपुर रोशनाई गांव में स्थित आंबेडकर प्रतिमा स्थल को लेकर विवाद सामने आया है। पूर्व सांसद अनिल शुक्ल वारिसी का आरोप है कि गांव में करीब 30 वर्षों से डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित है, लेकिन तहसील प्रशासन ने उसी स्थान पर दलित समुदाय के एक परिवार को जमीन आवंटित कर दी। उनका कहना है कि इससे प्रतिमा स्थल की गरिमा प्रभावित हो रही है और वहां कब्जे की स्थिति पैदा हो गई है।

धरने पर बैठे मंत्री प्रतिभा शुक्ला के पूर्व सांसद पति

सोमवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे अनिल शुक्ल वारिसी अपने समर्थकों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे। उस समय कलेक्ट्रेट सभागार में मुख्यमंत्री द्वारा मेधावी छात्रों के सम्मान कार्यक्रम का सीधा प्रसारण चल रहा था, जिसमें राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थीं। इसी दौरान वारिसी डीएम कार्यालय के सामने पहुंचकर नारेबाजी करने लगे और समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गए।धरने के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि प्रतिमा स्थल के आसपास गंदगी फैलाई जा रही है और मिट्टी भरवाकर बाबा साहब की प्रतिमा को हटाने की साजिश की जा रही है।

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उन्होंने बताया कि इस संबंध में पहले भी तहसीलदार ने समस्या के समाधान का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। करीब 20 मिनट तक चले सांकेतिक धरने के बाद एडीएम प्रशासन अमित कुमार मौके पर पहुंचे और मामले के समाधान का भरोसा दिया। आश्वासन मिलने के बाद अनिल शुक्ल वारिसी ने धरना समाप्त कर दिया। धरने में रामकृष्ण भास्कर, सभासद बबलू भारती, रामजी मिश्र समेत लगभग 20 लोग शामिल रहे। प्रशासन ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है।

कौन हैं अनिल शुक्ला?

पूर्व सांसद अनिल शुक्ला यूपी की राजनीति का एक जाना-पहचाना चेहरा हैं। वे कानपुर और कानपुर देहात क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं तथा क्षेत्रीय राजनीति में प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते है। अनिल शुक्ला ने बहुजन समाज पार्टी (बसपा) से राजनीति में पहचान बनाई। उन्होंने अकबरपुर लोकसभा सीट से उपचुनाव जीतकर 14वीं लोकसभा में सांसद के रूप में प्रतिनिधित्व किया। बाद में उन्होंने बसपा का साथ छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया और पार्टी के सक्रिय नेताओं में शामिल हो गए।

अनिल शुक्ला की पत्नी प्रतिभा शुक्ला भाजपा की वरिष्ठ नेता हैं। वे कानपुर देहात की अकबरपुर-रनिया विधानसभा सीट से विधायक और योगी सरकार में राज्यमंत्री हैं। अनिल शुक्ल अपनी सादगी, क्षेत्र में मजबूत जनसंपर्क और स्थानीय मुद्दों को लेकर सक्रियता के लिए जाने जाते हैं। वह अक्सर जनहित के विषयों पर प्रशासन और सरकार के समक्ष आवाज उठाते रहे हैं। कानपुर देहात और आसपास के क्षेत्रों में उनकी अच्छी राजनीतिक पकड़ मानी जाती है, जिसके चलते वह स्थानीय राजनीति में आज भी प्रभावशाली भूमिका निभाते हैं।

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