मोबाइल पर मैसेज, छेड़छाड़ और..., केजीएमयू में अब असिस्टेंट प्रोफेसर निलंबित, यह लगे आरोप
केजीएमयू एक बार फिर शर्मसार हुआ है। यहां की महिला डॉक्टर से छेड़छाड़ का आरोप असिस्टेंट प्रोफेसर पर लगा है। आरोप लगते ही एक्शन भी हो गया है। असिस्टेंट प्रोफेसर निलंबित कर दिया गया है।

केजीएमयू का विवादों से पीछा नहीं छूट रहा है। महिला रेजीडेंट डॉक्टर के धर्मांतरण के बाद अब बाल रोग विभाग की एक महिला रेजीडेंट ने छेड़छाड़, अभद्रता का आरोप लगाया है। विभाग के ही असिस्टेंट प्रोफेसर पर ऐसे आरोप लगे हैं। केजीएमयू प्रशासन ने आरोपी असिस्टेंट प्रोफेसर को निलंबित कर दिया है। केजीएमयू प्रवक्ता डॉ. केके सिंह का कहना है कि छेड़छाड़ जैसी घटना गंभीर है। जांच प्रभावित न हो, इस नाते निलंबित कर दिया गया है।
बाल रोग विभाग की रेजीडेंट डॉक्टर ने असिस्टेंट प्रोफेसर पर छेड़छाड़, उत्पीड़न जैसे इल्जाम लगाए हैं। मोबाइल पर बेवजह के मैसेज भेजने के भी गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने परिवारीजनों के साथ केजीएमयू प्रशासन से शिकायत की, जिसके आधार पर सात सदस्यीय विशाखा कमेटी को मामले की जांच के आदेश दिए गए।
एडिशनल प्रोफेसर पर गिरी गाज
कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद के आदेश पर विशाखा कमेटी ने पीड़िता के बयान दर्ज किए हैं। आरोपी से पूछताछ की गई। केजीएमयू प्रशासन ने असिस्टेंट प्रोफेसर को निलंबित कर दिया है। निलंबन के दौरान उन्हें डीन मेडिसिन कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है।
केजीएमयू के प्रवक्ता डॉक्टर केके सिंह के अनुसार छेड़छाड़ की शिकायत के बाद केजीएमयू प्रशासन ने तुरंत जांच कमेटी गठित की। इसकी शुरुआती रिपोर्ट के आधार पर आरोपी असिस्टेंट प्रोफेसर को निलंबित कर दिया गया है। केजीएमयू प्रशासन पूरे मामले की सच्चाई का पता लगा रही है। दोषी को किसी भी दशा में बख्शा नहीं जाएगा। किसी के साथ अन्याय भी नहीं होने दिया जाएगा।
केजीएमयू का दामन पहले भी हो चुका है दागदार
केजीएमयू में छेड़छाड़ या अभद्रता का पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी केजीएमयू का दामन ऐसी हरकतों से दागदार हो चुका है। चिकित्सीय पेशे को शर्मसार करने वाली घटनाओं पर अंकुश नहीं लग पा रहा है।
केजीएमयू में डॉक्टर, कर्मचारी से लेकर रेजीडेंट डॉक्टर तक पर गंभीर आरोप लग चुके हैं। केजीएमयू प्रशासन कार्रवाई भी कर रहा है। इसके बावजूद ऐसी घटनाओं से देश दुनिया में केजीएमयू की शाखा को धक्का लग रहा है।
ये घटनाएं पहले कर चुकीं शर्मसार
2 जनवरी 2026
नर्सिंग छात्रा ने एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टर के खिलाफ यौन शोषण, शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध तथा धमकियों की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई। केसरबाग थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। केजीएमयू प्रशासन ने इंटर्नशिप रद्द कर दी थी।
19 दिसंबर 2025
पुलिस ने केजीएमयू पैथोलॉजी विभाग के एक रेजिडेंट डॉक्टर के खिलाफ यौन उत्पीड़न, ब्लैकमेल, धर्म-परिवर्तन के प्रयास तथा शारीरिक शोषण के आरोपों में ₹25,000 का इनाम घोषित किया। गिरफ्तार किया। केजीएमयू प्रशासन ने उसका दाखिला रद्द किया।
8 नवम्बर 2025
केजीएमयू की वरिष्ठ प्रोफेसर ने अपने ही विभाग की जूनियर फैकल्टी पर अभद्रता व यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। हालांकि विशाखा कमेटी को जांच में कुछ नहीं मिला था।
17 जनवरी 2025 को
केजीएमयू के मानसिक स्वास्थ्य विभाग के संविदा कर्मचारी ने मानसिक रूप से बीमार युवती से छेड़छाड़ की। प्रशासन ने आरोपी संविदा कर्मचारी को नौकरी से निकाल दिया था। सेवा प्रदाता एजेंसी पर जुर्माना भी लगाया था।
21 जून 2024
एक महिला एमबीबीएस छात्रा ने विश्वविद्यालय के हॉस्टल कर्मचारी के खिलाफ अनचाहे व्यवहार और छेड़छाड़ की शिकायत की। विशाखा कमेटी ने ने एफआईआर दर्ज करने और संबंधित एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने की सिफारिश की थी।
26 जनवरी 2024
एक वरिष्ठ नर्सिंग अधिकारी ने एक सह-कर्मचारी पर लगातार यौन तथा मानसिक उत्पीड़न के आरोप लगाए। जिसके बाद केजीएमयू प्रशासन ने आरोपी को स्थानांतरण किया था।
6 मार्च 2020
केजीएमयू के एक रेजिडेंट डॉक्टर के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोपी को सस्पेंड किया गया था।

लेखक के बारे में
Yogesh Yadavयोगेश यादव हिन्दुस्तान में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर हैं।
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