मेरी मौत की जिम्मेदार पत्नी, सास-ससुर और साला, शादी के बाद पीछे पड़े ससुराल वाले; युवक ने सुनाई दर्दभरी दास्तां
पेंटर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के ठीक एक दिन बाद सोमवार को उसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वयरल हुआ। तीन मिनट 52 सेकेंड के इस वीडियो में पेंटर अपना नाम गौरव ताम्रकार बताते हुए कह रहा है कि मेरी मौत की जिम्मेदार पत्नी, सास-ससुर और साला है।

Jhansi News: पेंटर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के ठीक एक दिन बाद सोमवार को उसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। तीन मिनट 52 सेकेंड के इस वीडियो में पेंटर अपना नाम गौरव ताम्रकार बताते हुए कह रहा है कि मेरी मौत की जिम्मेदार पत्नी, सास-ससुर और साला है। मैंने सात साल पहले प्रेम विवाह किया था। पत्नी के नाम एक प्लॉट खरीदने के बाद वह और ससुराल वाले उसके पीछे पड़ गए। ये लोग टॉर्चर कर रहे हैं। मैं दिमागी और मानसिक रूप से अब टूट चुका हूं। हालांकि हिन्दुस्तान इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। वहीं भाई ने पेंटर की हत्या का पत्नी और ससुरालवालों पर आरोप लगाया है। पुलिस ने वीडियो के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।
मऊरानीपुर के गोपालगंज व हाल भगवतीपुरम निवासी 38 वर्षीय गौरव ताम्रकार पेंटर, गाड़ियों की फिल्म और रेडियम का काम करते थे। रविवार को गौरव की अचानक तबीयत बिगड़ी और संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। सोमवार को गौरव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा। इस वीडियो में वह कहा रहा है कि मैंने अपनी पत्नी के नाम एक प्लॉट लिया था 35 लाख का। बस उसी चक्कर में मेरी सासू मां ने पूरा दिमाग लगाया कि गौरव को इतना परेशान करो...। अगर मैंने फांसी लगा ली तो यह मानना कि मेरी मौत के जिम्मेदार पत्नी, सास-ससुर और साला होगा।
हमारी गलती खाली ये हो गई कि हमने शादी कर ली। अब वो हमें ऐसे समझ रहे कि जूते की नोक पे रखें। हमारी पत्नी हमें खुद नहीं समझ पा रही। वो तो खाली पैसे के चक्कर में पड़ी है। वह कह रही कि सारी प्रॉपट्री हमारे नाम कर दो। हम कैसे नाम कर दें? मैं और मेरा बड़ा भाई 10 दिन हो गए भटकते हुए। हम पागल हो गए है। सो नहीं पा रहे। मेरी आंखें और दिमाग सुन्न हो गया है। मैं खुद मर जाऊं तो मानना कि मेरी मौत के जिम्मेदार ये लोग होंगे।
भाई को कुछ खिलाकर मार डाला
मृतक के बड़े भाई सौरभ ताम्रकार ने आरोप लगाया कि शादी के बाद से ही उसके ससुराल वाले भाई को हम लोगों से मिलने नहीं दे रहे थे। उसकी प्रॉपट्री और रुपये के पीछे पड़े थे। आए दिन झगड़ा करते थे। करीब 20-25 दिन पहले उसकी पत्नी पूरा जेवर लेकर चली गई। भाई ने जमीन भी दिलाई थी, लेकिन इससे भी कोई खुश नहीं था। उसे सिर्फ भाई की दौलत से मतलब था। भाई को कुछ खिलाकर उसकी पत्नी ने मार दिया। सात-आठ दिनों से भाई को कुछ ज्यादा ही टॉर्चर किया जा रहा था। उन्होंने पुलिस से शिकायत की है। मामले में पुलिस ने गंभीरता दिखाते हुए मृतक की पत्नी से पूछताछ शुरू कर दी है। कोतवाली प्रभारी मुकेश सोलंकी ने बताया कि जांच की जा रही है। इसके बाद अग्रिम कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
लेखक के बारे में
Dinesh Rathourदिनेश राठौर वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट
पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले दिनेश ने अपने करियर की शुरुआत 2010 में हरदोई से की थी। कानपुर
यूनिवर्सिटी से स्नातक दिनेश ने अपने सफर में हिन्दुस्तान (कानपुर, बरेली, मुरादाबाद), दैनिक जागरण और राजस्थान पत्रिका
(डिजिटल) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। हरदोई की गलियों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर
आज डिजिटल मीडिया के शिखर तक पहुँच चुका है। दिनेश राठौर ने यूपी और राजस्थान के विभिन्न शहरों की नब्ज को प्रिंट और
डिजिटल माध्यमों से पहचाना है।
लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में कार्यरत दिनेश दिनेश, खबरों के पीछे की राजनीति और सोशल मीडिया के ट्रेंड्स (वायरल
वीडियो) को बारीकी से विश्लेषण करने के लिए जाने जाते हैं।
पत्रकारिता का सफर
हरदोई ब्यूरो से करिअर की शुरुआत करने के बाद दिनेश ने कानपुर हिंदुस्तान से जुड़े। यहां बतौर स्ट्रिंगर डेस्क पर करीब
एक साल तक काम किया। इसके बाद वह कानपुर में ही दैनिक जागरण से जुड़े। 2012 में मुरादाबाद हिंदुस्तान जब लांच हुआ तो
उसका हिस्सा भी बने। करीब दो साल यहां नौकरी करने के बाद दिनेश राजस्थान पत्रिका से जुड़ गए। सीकर जिले में दिनेश ने
करीब तीन साल तक पत्रकारिता की। उन्होंने एक साल तक डिजिटल का काम भी किया। 2017 में दिनेश ने बरेली हिंदुस्तान में
प्रिंट के डेस्क पर वापसी की। लगभग दो साल की सेवाओं के बाद डिजिटल हिंदुस्तान में काम करने का मौका मिला जिसका सफर जारी
है।


