आज से बिना 'आधार' बायोमेट्रिक नहीं होगा विवाह पंजीकरण

Rakesh Priyadarshi हिन्दुस्तान, मेरठ
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-निबंधन आईजी की ओर से जारी हुए निर्देश मेरठ, मुख्य संवाददाता मेरठ समेत प्रदेश में

आज से बिना 'आधार' बायोमेट्रिक नहीं होगा विवाह पंजीकरण

मेरठ समेत प्रदेश में विवाह पंजीकरण की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए योगी सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब राज्य में शादी के रजिस्ट्रेशन के लिए दूल्हा और दुल्हन का आधार प्रमाणीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। यह नई व्यवस्था 31 मार्च 2026 से पूरे प्रदेश में प्रभावी हो जाएगी।एआईजी स्टांप नवीन कुमार शर्मा के अनुसार ​महानिरीक्षक निबन्धन की ओर से जारी निर्देश के अनुसार अब विवाह पंजीकरण की प्रक्रिया में धोखाधड़ी रोकने के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन का सहारा लिया जाएगा। इस कदम का मुख्य उद्देश्य विवाह पंजीकरण में होने वाली फर्जी पहचान या गलत जानकारी को रोकना है।

आधार से लिंक होने के बाद डेटा का मिलान सीधे सरकारी डेटाबेस से होगा, जिससे सत्यापन की प्रक्रिया तेज और सटीक हो जाएगी।उन्होंने बताया कि विवाह पंजीकरण के समय वर और वधू की पहचान का सत्यापन आधार डेटाबेस के माध्यम से किया जाएगा। इसके लिए उप-निबंधक कार्यालयों में बायोमेट्रिक मशीन का उपयोग होगा। एनआईसी लखनऊ द्वारा एक नया सॉफ्टवेयर विकसित किया गया है, जिसमें आधार प्रमाणीकरण की सुविधा जोड़ी गई है। ऑनलाइन आवेदन करते समय ही आधार के जरिए पहचान सुनिश्चित की जाएगी।

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शॉर्ट बायो :

राकेश प्रियदर्शी पिछले 25 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में हिन्दुस्तान में सेना और कैंट बोर्ड बीट को देख रहे हैं।


परिचय एवं अनुभव

राकेश प्रियदर्शी मीडिया जगत का एक प्रतिष्ठित नाम हैं जिन्हें पत्रकारिता में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में पश्चिम उत्तर प्रदेश, मेरठ में सेना और कैंट बोर्ड टीम की लीड करते हैं। 2008 से इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने डिजिटल एवं प्रिंट मीडिया में कंटेंट के बदलते ट्रेंड्स और पाठकों की रुचि पर मजबूत पकड़ बनाई है।


कॅरियर का सफर

राकेश प्रियदर्शी ने अपने कॅरियर की शुरुआत 2000 में हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख अखबार से की जहां उन्होंने प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। 2007 से 2008 तक दैनिक जागरण में डिजिटल के साथ काम किया। 2008 से हिन्दुस्तान में शुरुआत की। यहां उन्होंने सेना, कैंट बोर्ड की खबरों की विशेष कवरेज की।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि

बीए (आनर्स) और मास कम्युनिकेशन में डिप्लोमा होने के साथ पत्रकारिता का अनूठा संयोजन मिला। लगातार सेना, कैंट बोर्ड और राजनीति, प्रशासनिक खबरों को कवर कर रहे हैं। राजनीति, प्रशासन, सेना और कैंट बोर्ड बीट पर अच्छी पकड़ है।


विजन

सेना और कैंट बोर्ड के विषयों पर गहरी समझ है। उनका मानना है कि पत्रकारिता की नींव तथ्यपरकता और विश्वसनीयता है। इस लक्ष्य के साथ ही पाठकों को सटीक, प्रमाणिक और सशक्त जानकारी देना है।


विशेषज्ञता

मेरठ समेत वेस्ट यूपी की राजनीति पर अच्छी समझ
प्रशासनिक गतिविधियों पर अच्छी पकड़
सेना और कैंट बोर्ड की गतिविधियों की एक्सप्लेनर रिपोर्टिंग।

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