सड़क हादसे पर मिनटों में हो कार्रवाई, डीआईजी ट्रैफिक ने दिए निर्देश
Meerut News - बुधवार को उत्तर प्रदेश में पुलिस लाइन के एसपी ट्रैफिक कार्यालय में सड़क हादसों में मौत के आंकड़ों को शून्य तक लाने के लिए समीक्षा बैठक हुई। इसमें डीआईजी ट्रैफिक ने विशेष टीमों और अन्य एजेंसियों के साथ दुर्घटनाओं के कारणों की पहचान और त्वरित उपायों पर चर्चा की।

सड़क हादसों में मौत के आंकड़े शून्य तक लाने के लक्ष्य को लेकर बुधवार को पुलिस लाइन स्थित एसपी ट्रैफिक कार्यालय पर समीक्षा बैठक हुई। इसमें उत्तर प्रदेश के डीआईजी ट्रैफिक अरविंद कुमार मौर्य ने ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों, थाना स्तर पर गठित विशेष टीमों, पीडब्ल्यूडी और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के साथ जीरो फैटलिटी डिस्ट्रिक्ट योजना की प्रगति और जमीनी चुनौतियों की गहन समीक्षा की। बैठक में डीआईजी ट्रैफिक ने निर्देश दिए कि किसी भी सड़क हादसे की सूचना मिलते ही थाना स्तर की टीम तत्काल मौके पर पहुंचे। दुर्घटना के वास्तविक कारण तेज रफ्तार, ओवरलोडिंग, नशे में वाहन चलाना, सड़क की खराब स्थिति, संकेतक या लाइटिंग की कमी की वैज्ञानिक तरीके से पहचान कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाए।
उन्होंने कहा कि केवल रिपोर्टिंग नहीं, बल्कि कारणों के आधार पर त्वरित निदानात्मक उपाय अनिवार्य होंगे। डीईजी ने ब्लैक स्पॉट की पहचान, पर्याप्त संकेतकों की स्थापना, स्पीड कंट्रोल उपाय, सड़क मरम्मत की संस्तुति और जन जागरूकता अभियानों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने चेताया कि रिपोर्टिंग या कार्रवाई में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। बैठक में दुर्घटना डेटा के विश्लेषण, नियमित फील्ड निरीक्षण, अंतर विभागीय समन्वय और तकनीक के प्रभावी उपयोग पर विशेष जोर दिया। साथ ही ट्रैफिक नियमों के सख्त प्रवर्तन के जरिए परिणामोन्मुखी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि जिले में सड़क सुरक्षा के ठोस और स्थायी परिणाम सामने आ सकें।
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