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मेरठ

बारिश में उफने शहर के नाले, शहर के कई इलाके डूबे

हिन्दुस्तान टीम,मेरठPublished By: Newswrap
Thu, 17 Jun 2021 04:00 PM
बारिश में उफने शहर के नाले, शहर के कई इलाके डूबे

तेज बारिश के साथ गुरुवार को लोगों को भीषण गर्मी से निजात मिली और मौसम सुहावना हो गया। बारिश ने लोगों को गर्मी से तो राहत दी, लेकिन जलभराव ने दुश्वारियां बढ़ा दी। शहर के कई निचले इलाके थोड़ी देर की बारिश में जलमग्न हो गए। घरों के भीतर पानी घुस गया जिसे बाहर निकालने में पसीने छूट गए। नाले उफन आए और नालियों का गंदा पानी गलियों में जमा हो गया।

उफन आए नाले, डूब गई सड़कें

गुरुवार को मानसून से पहले हुई बरसात में नगर निगम के नाला सफाई के तमाम दावों की पोल खोल दी। ओडियन नाला, आबू नाला और कसेरूखेड़ा नाला पूरे उफान पर बहे। सबसे ज्यादा बुरी स्थिति घंटाघर से पत्ता मोहल्ला होते हुए किशनपुर जाने वाले नाले की रही। गंदगी से अटे नाले में पानी नहीं दे पाया और कई इलाकों में जलभराव हो गया। चोक नालों ने जहां लोगों की परेशानी बढ़ा दी तो वही शहर के तमाम मार्ग पानी में डूब गए।

घरों में घुस गया नाले का पानी, नहीं उठे फोन

गुरुवार को बरसात के बाद सबसे ज्यादा बुरे हालात शहर के निचले इलाकों में हुए। ब्रह्मपुरी, गौरी पुरा, भगवत पुरा, शास्त्री की कोठी, लक्ष्मण पुरी आदि इलाकों में नाले से नालियों का स्तर नीचे होने के चलते पानी बैक मारने लगा और गलियों में कई फुट पानी खड़ा हो गया। सुभाष नगर, किशन पुरी, मुल्तान नगर, नई बस्ती, लल्लापुरा, जसवंत शुगर मिल, मुल्तान नगर, कंकरखेड़ा के लाला मोहम्मदपुर, शिव शंकर पुरी में घरों में पानी घुस गया। जैदी फार्म, ढवाई नगर, हुमायूं नगर, इस्लामाबाद, तारापुरी, किदवई नगर आदि इलाकों में लोगों ने नगर निगम अफसर व कर्मियों पर लापरवाही के आरोप लगाए वही परेशानी से जूझ रहे लोगों ने तमाम अफसरों को फोन मिलाएं लेकिन आरोप है कि फोन उठे ही नहीं।

नाला सफाई के नाम पर हो रही खानापूर्ति

थोड़ी देर की बारिश में जलभराव ने लोगों को परेशान कर दिया। वही जनप्रतिनिधि नगर निगम को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया। शहर विधायक रफीक अंसारी ने कहा कि नगर निगम नाला सफाई के नाम पर खानापूर्ति कर रहा है। अगर सही तरीके से सफाई हुई तो जलभराव की नौबत नहीं आएगी। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर लक्ष्मीकांत वाजपेई ने कहा कि नगर निगम के पास नाला सफाई के सही प्लानिंग ही नहीं है। नाला सफाई शहर के बीच ना होकर टेल से हेड तक होनी चाहिए। काली नदी में मिलने वाले नालों के छोर से सफाई शुरू हो और सफाई करते हुए हमला भीतर तक नाली साफ करे।

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