Hindi NewsUttar-pradesh NewsMeerut NewsTension Between Officials and Meerut Tax Bar Association Over Meeting Venue
बैठक की जगह को लेकर रार, एक तरफ अफसर दूसरी तरफ टैक्स बार

बैठक की जगह को लेकर रार, एक तरफ अफसर दूसरी तरफ टैक्स बार

संक्षेप:

Meerut News - मेरठ टैक्स बार एसोसिएशन और अधिकारियों के बीच बैठक की जगह को लेकर विवाद हुआ। अधिवक्ता बार रूम में बैठक करना चाहते थे, जबकि अधिकारी अपने कक्ष में। अधिवक्ताओं ने अधिकारियों के अनुपस्थित रहने पर आक्रोश...

Aug 07, 2025 05:19 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, मेरठ
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मंगलपांडेनगर स्थित राज्य कर भवन में प्रस्तावित बैठक की जगह को लेकर अफसरों और मेरठ टैक्स बार एसोसिएशन (रजि.) के पदाधिकारियों के बीच तकरार हो गई। अधिवक्ता बैठक बार रूम में और अफसर अपने कक्ष में करना चाहते थे। बुधवार को अधिवक्ताओं ने अपनी बैठक बार रूम में की और उनकी बुलाई बैठक में अफसरों के नहीं आने पर आक्रोश जताया और इस मामले को लेकर कमिश्नर, डीएम से मिलकर ज्ञापन देने और मुख्यमंत्री-प्रमुख सचिव से मिलने लखनऊ जाने का निर्णय लिया। राज्य कर विभाग मंगलपांडेनगर में बुधवार को मेरठ टैक्स बार एसोसिशन (रजि.) की आम सभा का बार रूम में आयोजन हुआ।

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इसमें गत आम सभा की कार्यवाही की पुष्टि की गई। बैठक में अध्यक्ष मनोज जैन और महामंत्री मनीष सक्सेना ने कहा कि उन्होंने पांच जुलाई को बैठक बुलाई थी और इसमें राज्यकर विभाग के अफसरों को आमंत्रित किया था, लेकिन बैठक में अधिकारी नहीं आए। अपर आयुक्त हरीराम के पत्र और उनके द्वारा बैठक अपने कक्ष में बुलाने का मुद्दा भी उठाया और कहा कि अधिकारियों द्वारा बुलाई गई बैठक का उन्होंने बहिष्कार किया। बैठक में विशाल कपूर, संजय शर्मा, देवेंद्र शर्मा, राकेश गोयल, केशव बुंध, जितेंद्र गोयल समेत एसोसिएशन सदस्य अधिवक्ता मौजूद रहे। दूसरी ओर, अपर आयुक्त ग्रेड-1 हरीराम का कहना है कि मेरठ टैक्स बार एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने दस-15 दिन पहले उनसे मुलाकात की थी। अमीन से संबंधित समस्या का समाधान किया था और बकाएदारों की सूची भी उपलब्ध कराई थी। हमने पांच जुलाई को बैठक करना तय किया था। इसके लिए बार को पत्र भी लिखा था, लेकिन एक पत्र अधिवक्ताओं ने पांच जुलाई की बैठक को लेकर 30 जुलाई को जारी किया। विभाग की ओर से बुलाई जाने वाली परंपरागत बैठक अपर आयुक्त कक्ष अथवा सभागार में होती है। अधिवक्ता हमारी ओर से बुलाई गई बैठक में नहीं आए और मंगलवार को एक पत्र भी भेज दिया, जिसमें कहा कि पूर्व में बैठक का कोई प्रस्ताव विभाग की ओर से नहीं दिया गया था। अधिवक्ताओं और व्यापारियों की समस्याओं को लेकर गंभीर है और दोनों ही विभाग के लिए महत्वपूर्ण है और प्राथमिकता में है।