घर-घर बनानी होगी हिंदू पाठशाला : रामभद्राचार्य

घर-घर बनानी होगी हिंदू पाठशाला : रामभद्राचार्य

संक्षेप:

Meerut News - भामाशाह पार्क में दिव्य शक्ति संस्थान के तत्वावधान में स्वामी रामभद्राचार्य महाराज ने रामकथा के दौरान कहा कि हिंदुओं पर संकट है और हर घर में हिंदू पाठशाला स्थापित की जाएगी। उन्होंने संस्कृत के ज्ञान...

Sep 12, 2025 04:32 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, मेरठ
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भामाशाह पार्क में दिव्य शक्ति संस्थान के तत्वावधान में जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी रामभद्राचार्य महाराज के श्रीकंठ से हो रही रामकथा में गुरुवार को स्वामी रामभद्राचार्य ने कहा है कि हिंदुओं पर संकट है, जरूरत है मुखर होने की। अब हर घर में हिन्दू पाठशाला बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि संस्कृति को जानने के लिए संस्कृत का ज्ञान होना चाहिए। इस दौरान जय श्रीराम के जयकारों से पंडाल गूंज उठा। गुरुवार को कथा स्थल पर पूजन के बाद कथा का शुभारंभ किया गया। जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी रामभद्राचार्य ने कहा भगवान राम अवतार भी हैं और अवतारी भी हैं। जहां परमात्मा के सभी गुण उतर आते हैं उसे अवतार कहते हैं।

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जो सबके पिता हैं, वह राजा दशरथ के पुत्र बन जाते हैं। उन्होंने कहा कि अकबर ने बीरबल से पूछा भगवान तो भगवान हैं तो अवतार की क्या आवश्यकता है। इस पर बीरबल ने अकबर के पुत्र का पुलता बनाया और अकबर को यमुना में नौका बिहार के लिए बुलाया। जब नौका बिहार कर रहे थे तब बीरबल इस पुलते को यमुना में फेंक देते हैं। अकबर अपने पुत्र को यमुना में गिरता देख खुद यमुना में कूद जाते हैं। बीरबल ने कहा कि जब आपका बेटा यमुना में डूब रहा था तब आपने किसी और को क्यों नहीं बुलाया, आप खुद ही क्यों कूदे। बीरबल ने कहा कि यही मेरा उत्तर है भगवान अपने भक्त को भवसागर में डूबते कैसे देख सकते हैं। भगवान के यहां कोई वीआईपी नहीं स्वामी जी ने कहा कि भगवान के यहां कोई वीआईपी नहीं होता चाहे करोड़पति हो या गरीब हो। भगवान के घर में सब एक समान हैं। भगवान के यहां अमीर को उतना आनंद नहीं आता जितना एक गरीब को आता है। स्वामी रामभद्राचार्य ने नारद मोह का प्रसंग भी सुनाया। उन्होंने कहा कि भागवत गीता का 12वां अध्याय अवश्य पढ़ें, पूरा सार इसी अध्याय में है। चित्रकूट में बना रहे गुरुकुलम कथा में स्वामी रामभद्राचार्य महाराज ने कहा कि वह चित्रकूट में गुरुकुलम बना रहे हैं, जहां भारतीय वैदिक संस्कृति की प्रत्येक विद्या को पढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि अब प्रत्येक घर में हिंदू पाठशाला बनानी होगी। हमारा किसी से कोई द्वेष नहीं है। लेकिन अब सजग हो जाओ। कोई भाषा संस्कार नहीं दे सकती स्वामी जी ने कहा कि संस्कृति को जानने के लिए संस्कृत का ज्ञान होना जरूरी है। मैं किसी भाषा का विरोधी नहीं हूं लेकिन जो संस्कार हिन्दी, संस्कृत भाषा दे सकती हैं वह कोई और भाषा नहीं दे सकती। एक बच्चे से संतुष्ट न हों स्वामी जी ने कहा कि अब एक बच्चे से संतुष्ट होने की जरूरत नहीं है। कम से कम तीन बच्चे होने चाहिए। हमें अपने अपने परिवार को और मजबूत करना होगा। मेरठ राममय होगा उन्होंने कहा कि पूर्वांचल में घर-घर सुंदरकांड पाठ होता है। सुंदरकांड की समिति बनाओ और घर-घर सुंदरकांड पहुंचाओ। अब मेरठ मयराष्ट्र नहीं बल्कि राममय होगा। विक्टोरिया पार्क हादसे के मृतकों को समर्पित है रामकथा उन्होंने कहा कि श्रद्धा चल रहे हैं और विक्टोरिया पार्क हादसे में मारे गए लोगों के लिए यह रामकथा कराई जा रही है। इसलिए इस स्थान को भी चुना गया। उन्होंने कहा कि अगली बार फिर कथा कहने नौ दिन के लिए मेरठ आऊंगा। कथा में अनुराग अग्रवाल, विशाल अग्रवाल, आलोक सिसोदिया, हर्ष गोयल, सुनील भराला, श्रम एवं सेवा नियोजन मंत्री रघुराज सिंह उपस्थित रहे।