
बोले मेरठ : जान का खतरा बना आवारा पशुओं का आतंक
Meerut News - मेरठ में आवारा पशुओं का आतंक बढ़ता जा रहा है। सड़कों पर घूम रहे गाय, सांड और कुत्ते न केवल यातायात को प्रभावित कर रहे हैं, बल्कि लोगों के लिए खतरा बन गए हैं। नगर निगम और पशु चिकित्सा विभाग के लिए इन्हें हटाना चुनौती बनी हुई है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश से स्थिति में सुधार की उम्मीद है।
मेरठ। शहर में आवारा पशुओं का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। गलियों, बाजारों और सड़कों पर खुलेआम घूम रहे गाय, सांड और कुत्ते न केवल यातायात व्यवस्था को प्रभावित कर रहे हैं, बल्कि आम लोगों की जान के लिए खतरा बन चुके हैं। सड़कों से आवारा पशुओं को हटाना नगर निगम और पशु चिकित्सा विभाग के लिए के लिए चुनौती बना हुआ है। घटना हुई तो कार्रवाई होती है। फिर वही हाल। अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश से राहत मिलने की उम्मीद जगी है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लेकर ‘हिन्दुस्तान’ टीम ने शनिवार को शहर के प्रमुख मार्गों और सार्वजनिक स्थलों का जायजा लिया।

झुंड में पशु सड़क के बीच बैठे दिखे, जिससे वाहनों की कतारें लग रही थी। कई बार अचानक इनके सामने आ जाने से दुर्घटनाएं भी हो रही हैं। लोगों का कहना है जिम्मेदार केवल कागजों में कार्रवाई दिखा रहे हैं। रेलवे स्टेशन, भैंसाली बस अड्डा, जिला अस्पताल, आबूलेन, बेगमपुल, दिल्ली रोड और हापुड़ अड्डा जैसे क्षेत्रों में आए दिन सांडों की भिड़ंत या वाहनों से टकराने की घटनाएं हो रही हैं। व्यापारियों और लोगों का कहना है कि नगर निगम सिर्फ बयान देता है, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती। सामाजिक संगठनों का मानना है कि पशुपालकों को जिम्मेदार ठहराने और स्थायी पुनर्वास की नीति बनानी होगी। शहरवासी चाहते हैं कि निगम अब तो विशेष अभियान चलाए ताकि हादसों पर अंकुश लगाया जा सके। आप देखें शहर का नजारा : स्टेशन से बस अड्डे तक पशु ही पशु ‘हिन्दुस्तान’ टीम ने शनिवार को सोहराब गेट बस अड्डा, भैंसाली बस अड्डा, मेरठ सिटी रेलवे स्टेशन, आबूलेन बाजार, कंकरखेड़ा, पल्लवपुरम, रेलवे रोड, शास्त्रीनगर, शारदा रोड, जिला अस्पताल आदि का जायजा लिया। हर तरफ सार्वजनिक स्थलों पर वारा पशु नजर आए। लोग आते-जाते रहे, डरते-डरते। पता नहीं कब कोई आवारा पशु अचानक हमला कर दे। लोग किनारे से निकलते रहे। हादसा-1 शास्त्रीनगर में सांड ने बुजुर्ग को पटका शनिवार सुबह शास्त्रीनगर के ब्लाक में रामकुमार शर्मा टहल रहे थे कि अचानक एक साड़ ने आकर उन्हें पटक दिया। मुंह पर सूजन आ गया। वह बाल-बाल बचे। रामकुमार शर्मा का कहना है कि साड़ के आतंक ने लोगों को जीना मुहाल कर दिया है। तीन दिन से लोग परेशान हैं। हादसा-2 सदर पत्ता मोहल्ले में बच्चा हुआ घायल सदर पत्ता मोहल्ले में पांच साल का बच्चा मोक्ष घर के बाहर खेल रहा था। अचानक एक कुत्ते ने बच्चे के पैर पर हमला कर दिया। आसपास के लोग दौड़े तो बच्चे की जान बची। बच्चा घायल हो गया। परिजन भागे-भागे बच्चे को जिला अस्पताल ले गए। रैबीज का इंजेक्शन लगवाया। बच्चे के पिता विजय ने बताया कि कुत्तों ने मोहल्ले में बच्चे-बड़े सभी का जीना दुश्वार कर दिया है। समस्या हमले: आवारा कुत्तों के झुंड लोगों पर हमला करते हैं, जिससे उन्हें और बच्चों को चोट लगती है डर: लोग सुबह और रात में घर से बाहर निकलने से डरते हैं दुर्घटनाएं: आवारा पशु और कुत्ते अचानक सड़क पर आने से बाइक सवारों से टकरा जाते हैं, जिससे वे घायल हो जाते हैं असुरक्षा: यह समस्या शहर के कई हिस्सों में बड़ा संकट बन गई है, जिससे लोगों में दहशत फैल रही है समाधान नियंत्रण और प्रबंधन: सरकार आवारा कुत्तों को पकड़कर उनका टीकाकरण और नसबंदी कराए आश्रय: कुत्तों को पकड़कर उन्हें शेल्टर होम में भेजा जाए, ताकि वे फिर से सड़कों पर न लौटें कानूनी कार्रवाई: नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए नागरिकों की भूमिका: जिम्मेदार पालतू स्वामित्व लोग अपने पालतू कुत्तों के प्रति जिम्मेदार बनें, उनका टीकाकरण और नसबंदी कराएं और उन्हें सड़कों पर न छोड़ें। कहना इनका... आवारा पशुओं और कुत्तों का आतंक बढ़ता जा रहा है। अब तो सुबह टहलने और अन्य दैनिक कामों के लिए बाहर जाने से भी डर लग रहा है - दीपक कुमार, वैशाली कॉलोनी जागृति विहार एवं नौचंदी थाने के आसपास आवारा पशुओं का आलम यह है कि रोजाना बच्चों और बड़ों पर हमला कर रहे है। - ब्रजेश कुमार, गढ़ रोड नगर निगम की लापरवाही और ठोस कदमों की कमी के कारण समस्या बढ़ रही है। नगर निगम आवारा आतंक से लोगों को बचाए। - पवन ठेकेदार, जागृति विहार कुछ जगहों पर कुत्तों के काटने के कारण लोग परेशान हैं। दिन ही नहीं रात में भी लोगों को घर से बाहर आने-जाने में डर लगने लगा है। - सत्यप्रकाश मिश्रा, दिल्ली रोड नगर निगम और प्रशासन इस समस्या को रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठा रहा है। कुत्तों के काटने की घटनाएं बढ़ रही हैं। - फिरोज सैफी, जाकिर कॉलोनी नसबंदी के बावजूद आवारा कुत्तों की संख्या कम नहीं हो रही है। हापुड़ रोड पर आवारा पशुओं से आए दिन कोई न कोई घटना हो रही है। - शोएब अंसारी, हापुड़ अड्डा सार्वजनिक स्थानों, अस्पतालों और राजमार्गों से आवारा पशुओं को हटाने का आदेश दिया है। कोर्ट के आदेश का सख्ती से पालन हो। - डॉ. खलीलउलाह खान, लालकुर्ती आवारा पशुओं को पकड़कर नसबंदी के बाद आश्रय स्थलों में रखा जाएगा और उन्हें वापस सड़कों पर नहीं छोड़ा जाना चाहिए। - आदिल सिद्दीकी, भूमिया का पुल सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अनुपालन होगा सुप्रीम कोर्ट ने आवारा पशुओं के लिए आदेश किया है उसका अनुपालन होगा। सूचना मिली है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लेकर शासन की ओर से बहुत जल्द गाइडलाइन जारी होने जा रही है। -डा.अमर सिंह, नगर स्वास्थ्य अधिकारी।

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