UP Weather: गरज-चमक के साथ जोरदार बारिश, सर्द हवाओं ने बढ़ाई ठिठुरन, किसानों को नुकसान का डर
Meerut News - मवाना में शुक्रवार सुबह से मौसम अचानक बदल गया। तेज बारिश और ठंडी हवाओं ने सर्दी बढ़ा दी। किसानों ने कहा कि हल्की-मध्यम वर्षा से फसलों को लाभ होगा, खासकर गेहूं और सरसों में। हालांकि, तेज हवाओं से नुकसान की आशंका है। बाजारों में सन्नाटा और लोग घरों में दुबके रहे।

मवाना नगर और उसके आसपास के इलाकों में शुक्रवार सुबह से मौसम का मिजाज अचानक बदल गया। सुबह सवेरे दस बजे से गरज-चमक के साथ तेज बारिश हुई। हवाओं की गति लगभग आठ किमी प्रति घंटा रही। मवाना तहसील रिकार्ड के अनुसार शुक्रवार को 1.5 मिमी बारिश हुई।
उधर, क्षेत्र के किसानों ने कहा कि बारिश से कुछ स्तर पर फसलों को लाभ पहुंचेगा, क्योंकि रबी सीजन के समय हल्की-मध्यम वर्षा सामान्य रूप से फसलों के लिए अच्छी रहती है और खेतों में नमी बनी रहती है। कई किसानों ने बताया कि आवश्यक नमी मिलने से गेहूं और सरसों की वृद्धि में मदद मिली, हालांकि तेज हवाओं के कारण कुछ स्थानों पर हल्की झाड़ की स्थिति का डर बना रहेगा।
कृषि विशेषज्ञ कहते हैं कि अगर बारिश हल्की या मध्यम रही तो गेहूं और सरसों जैसी फसलों के लिए सोना साबित होगी। यदि तेज हवाएं और ओले गिरे तो इससे फसल झुक सकती है और नुकसान हो सकता है। नगर और आसपास के क्षेत्रों में शुक्रवार सुबह से दिन भर रुक-रुककर हो रही हल्की बारिश ने मौसम को और अधिक ठंडा बना दिया है। बारिश के साथ चल रही ठंडी हवाओं के कारण सर्दी का असर अचानक बढ़ गया, जिससे जनजीवन पर स्पष्ट प्रभाव देखने को मिला। पूरे दिन आसमान बादलों से ढका रहा और धूप न निकलने के कारण ठिठुरन बनी रही। सुबह से शुरू हुई फुहारें दिन भर बीच-बीच में जारी रहीं। भले ही बारिश तेज नहीं थी, लेकिन लगातार नमी और ठंडी हवाओं के कारण तापमान में गिरावट महसूस की गई।
लोगों ने बताया कि बीते दिनों की तुलना में आज ठंड अधिक महसूस हुई। ठंड और बारिश के कारण अधिकांश लोग घरों में ही रहने को मजबूर दिखे। जरूरी काम से बाहर निकलने वाले लोग भी जल्दी-जल्दी काम निपटाकर वापस लौटते नजर आए। मौसम के असर से नगर के सुभाष बाजार, गो मार्केट, मुन्नालाल बाजार, सर्राफा बाजार, खतौलिया चौक व सब्जी मंडी के बाजारों की रौनक फीकी पड़ गई। सामान्य दिनों की तुलना में ग्राहकों की संख्या काफी कम रही। कई दुकानदारों का कहना है कि बारिश और ठंड के कारण लोग खरीदारी के लिए बाहर नहीं निकले, जिससे कारोबार पर असर पड़ा।
नगर की मुख्य सड़क मेरठ-हस्तिनापुर, फलावदा-मवाना, मवाना-किठौर और गलियों में भी भीड़ कम दिखाई दी। आमतौर पर व्यस्त रहने वाले मार्गों पर वाहन और पैदल चलने वालों की संख्या कम रही। लोग गर्म कपड़ों में लिपटे हुए नजर आए और अधिकांश ने छातों का सहारा लेकर आवाजाही की। बारिश से बचने के लिए लोग छाते लेकर घरों से निकले, वहीं ठंड से बचाव के लिए स्वेटर, जैकेट, शॉल और टोपी का इस्तेमाल करते दिखे। चाय की दुकानों पर कुछ जगह लोगों की हल्की भीड़ जरूर देखी गई, जहां लोग गर्म पेय से राहत लेते नजर आए।
क्षेत्र के किसान सीना निवासी संजीव कुमार, गांवड़ी निवासी आदेश भाटी, ततीना निवासी राजू व संजय चौहान समेत कई किसानों का कहना है कि इस प्रकार की बारिश से खेतों में नमी बनी है, जो फसलों के विकास के लिए लाभकारी है। उन्होंने बताया कि बारिश से गेहूं और सरसों को कुछ राहत मिली है, विशेषकर उन खेतों में जहां पहले नमी कम थी। अब किसानों को गेहूं व सरसों की फसल की सिंचाई नहीं करनी पड़ेगी। आशंका जताई कि यदि तेज बारिश, ओले और तेज हवाएं चली तो गेहूं और सरसों की फसल को नुकसान हो सकता है।

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