DA Image
हिंदी न्यूज़ › उत्तर प्रदेश › मेरठ › सीसीएसयू में महात्मा गांधी की अहिंसा और महाभारत युद्ध पढेंगे छात्र
मेरठ

सीसीएसयू में महात्मा गांधी की अहिंसा और महाभारत युद्ध पढेंगे छात्र

हिन्दुस्तान टीम,मेरठPublished By: Newswrap
Wed, 02 Jun 2021 04:21 AM
सीसीएसयू में महात्मा गांधी की अहिंसा और महाभारत युद्ध पढेंगे छात्र

कौरव-पांडवों के बीच महाभारत और राम-रावण युद्ध अब स्नातक में डिफेंस स्टडीज कोर्स का हिस्सा होंगे। छात्र-छात्राओं को वैदिक काल से कारगिल युद्ध ना केवल पढ़ने को मिलेंगे बल्कि उन्हें यह भी पता चलेगा कि युद्ध क्यों हुए और उनसे हासिल क्या हुआ।

बिना हिंसा के जीत में महात्मा गांधी का अहिंसा सूत्र भी कोर्स का हिस्सा रहेगा। भारतीय सैन्य शक्ति को केंद्रित और शक्तिशाली बनाने को देश में लागू नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर (एनएसए) की व्यवस्था भी छात्रों को पढ़ाई जाएगी। मंगलवार को चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में डिफेंस स्टडीज की बोओएस में यह निर्णय लिया गया। डीन साइंस प्रो. एमके गुप्ता, डीन आर्ट्स डॉ.एनसी लोहनी और कन्वीनर-द्वितीय डॉ.मोहम्म्द रिजवान, डॉ.हेमंत कुमार पांडे एवं डॉ.संजय कुमार सहित कुल नौ सदस्य मौजूद रहे।

अब ऐसा होगा सिलेबस-

युद्ध की वजह, हथियार-वाहन की पढ़ाई

मिलिट्री हिस्ट्री का पेपर बढ़ाया गया है। इसमें वैदिक से लेकर कारगिल युद्ध विस्तार से पढ़ने को मिलेंगे। इस पेपर में युद्ध क्यों हुआ, उसके कारण क्या रहे, हथियार क्या प्रयुक्त हुए, वाहन कैसे थे, कौन-कौन सी सेनाएं थीं, ये भी पढ़ाया जाएगा।

बापू की अहिंसा नीति

महात्मा गांधी डिफेंस स्टडीज में पहली बार शामिल किए गए। केवल युद्ध ही एकमात्र विकल्प नहीं है। बिना हिंसा भी विजय पाई जा सकती है, इस सिद्धांत को महात्मा गांधी की अहिंसा नीति से समझाया जाएगा।

कौटिल्य की विदेश नीति

कौटिल्य की विदेश नीति छात्रों को विस्तार से पढ़ाई जाएगी। विदेशी नीति का महत्व क्या है और इसके प्रभाव क्या हैं, ये कोर्स में पढ़ने को मिलेगा।

सुरक्षाबलों की विस्तार से जानकारी

डिफेंस ऑर्गेनाइजेशन नया पेपर जोड़ा गया है। इसमें थल सेना, नौ सेना और वायु सेना से लेकर समस्त सुरक्षा बलों को जगह मिली है। पैरा मिलिट्री फोर्स भी अब पढ़ाया जाएगा। किस सेना को कब तैनात किया जाता है, उसका काम क्या है, वह कैसे कार्य करती है, यह छात्र इससे समझेंगे।

एनएसए की भूमिका

नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर (एनएसए) को भी कोर्स का हिस्सा बनाया गया है। भारत में 19 नवंबर 1998 को तत्कालीन प्रधानमंत्री स्व.अटल बिहारी वाजपेयी ने यह पद सृजित किया था। बृजेश मिश्रा देश के पहले एनएसए थे। वर्तमान सरकार में एनएसए की भूमिका और क्षेत्र बढ़े हैं। अभी अजित डोभाल यह पद संभाल रहे हैं। ये सब छात्र विस्तार से समझेंगे।

युद्ध के सिद्धांत

युद्ध के सिद्धांत और प्रकार में छात्र गुरिल्ला, परमाणु, रसायनिक, जैविक, मनोवैज्ञानिक, आर्थिक, इलेक्ट्रानिक और साइबर युद्ध को पढ़ेंगे।

संबंधित खबरें