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खेल विश्वविद्यालय : जीत गया मेरठ, जीत गया ‘हिन्दुस्तान

हिन्दुस्तान टीम,मेरठPublished By: Newswrap
Tue, 26 Jan 2021 03:11 AM
खेल विश्वविद्यालय : जीत गया मेरठ, जीत गया ‘हिन्दुस्तान

मेरठ। मुख्य संवाददाता

आखिरकार मेरठ खेल विश्वविद्यालय के मामले में जीत गया। साथ ही आपका अपना प्रिय समाचार पत्र ‘हिन्दुस्तान भी जीत गया। मई 2020 में जब प्रदेश सरकार ने खेल विश्वविद्यालय का प्रस्ताव मांगा था तो ‘हिन्दुस्तान ने ‘मेरठ मांगे खेल विश्वविद्यालय मुहिम शुरू की थी। इसके बाद सांसद, विधायक, अन्य जनप्रतिनिधि ‘हिन्दुस्तान की इस मुहिम में शामिल होते गए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेरठ के जनप्रतिनिधियों को आश्वस्त किया था कि खेल विश्वविद्यालय की स्थापना मेरठ में ही की जाएगी। अब प्रदेश सरकार की कैबिनेट ने इसे मंजूरी दे दी है।

मई-2020 में जब शासन ने खेल विश्वविद्यालय की स्थापना पर विचार शुरू किया तो 26 जून 2020 को तत्कालीन डीएम अनिल ढींगरा ने मेरठ में खेल विश्वविद्यालय का प्रस्ताव भेजा था। उन्होंने बताया था कि मेरठ में खेल विश्वविद्यालय के लिए पर्याप्त जमीन उपलब्ध है। उसके बाद सहारनपुर और मुजफ्फरनगर जिले ने भी खेल विश्वविद्यालय को लेकर दावेदारी कर दी। उसके बाद मेरठ ने खेल विश्वविद्यालय के लिए आवाज बुलंद की। आपके अपने प्रिय समाचार पत्र‘हिन्दुस्तान ने ‘मेरठ मांगे खेल विश्वविद्यालय मुहिम शुरू की। ‘हिन्दुस्तान की मुहिम की आवाज लखनऊ तक पहुंची। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान, सांसद राजेन्द्र अग्रवाल, भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डा.लक्ष्मीकांत वाजपेयी, राज्यसभा सांसद कांता कर्दम, विजयपाल सिंह तोमर, विधायक संगीत सोम, दिनेश खटीक, सत्यप्रकाश अग्रवाल, जितेन्द्र सतवई, डा.सोमेन्द्र तोमर, नवनिर्वाचित एमएलसी और भाजपा के प्रदेश महामंत्री अश्विनी त्यागी आदि से कई दौर की बातचीत की। अंत में सरधना तहसील अंतर्गत सलावा ग्राम में सिंचाई विभाग की जमीन पर खेल विश्वविद्यालय की स्थापना को सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान कर दी।

करीब तीन महीने से इस पर विधिवत प्रस्ताव तैयार किया जा रहा था। अब सोमवार को प्रदेश सरकार की कैबिनेट ने इस पर मुहर लगा दी। अब विधान मंडल के अगले सत्र में खेल विश्वविद्यालय का विधेयक पेश किया जाएगा। विधानसभा से पास होने और राज्यपाल की मंजूरी के बाद खेल विश्वविद्यालय पर काम शुरू हो जाएगा।

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मेरठ ने तीन स्थानों का दिया था प्रस्ताव

मेरठ जिला प्रशासन की ओर से तीन स्थानों का प्रस्ताव दिया गया था। पहला प्रस्ताव सरधना के सलावा गांव की जमीन का था। यह जमीन सिंचाई विभाग की है। यहां 34.7246 हेक्टेयर जमीन उपलब्ध है। सिंचाई विभाग की जमीन को केवल खेल विभाग को हस्तांतरित किए जाने का मामला था, जिसका प्रस्ताव शासन स्तर पर मंजूर कर दिया गया।

इसके अलावा गगोल में वन विभाग और हस्तिनापुर में खेल विभाग की जमीन का भी प्रस्ताव दिया गया था। सलावा की जमीन फाइनल हो गई।

700 करोड़ की लागत से बनेगा खेल विश्वविद्यालय

कैबिनेट से मिली स्वीकृति के अनुसार मेरठ के सलावा में करीब 700 करोड़ की लागत से खेल विश्वविद्यालय का निर्माण होगा। यह विश्वविद्यालय एक शिक्षण तथा एफिलिएटिंग विश्वविद्यालय होगा। इस विश्वविद्यालय में स्पोर्ट्स संबंधित विषय में सैद्धान्तिक (थ्योरी) व प्रायोगिक (प्रैक्टिकल) पेपर्स का विषय ज्ञान के आधार पर डिग्री दी जाएगी। खेलों के विकास एवं उदीयमान खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के लिए खेल विवि स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। इसमें फिजिकल एजुकेशन, हेल्थ एंड एप्लाइड स्पोर्ट्स साइंसेज, स्पोर्ट्स मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी, स्पोर्ट्स कोचिंग, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म एंड मास मीडिया टेक्नोलाजी, एडवेंचर स्पोर्ट्स एंड यूथ अफेयर्स के अंतर्गत निर्धारित पाठ्यक्रमों द्वारा स्नातक, परास्नातक, डिप्लोमा, सर्टिफिकेट, एमफिल तथा पीएचडी तक की शिक्षा की सुविधा प्रदान की जाएगी।

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