
सत्य, निष्पक्षता और नैतिकता मीडिया की असली पहचान
Meerut News - सोशल मीडिया ने सूचना प्रवाह को तेज किया है, लेकिन फेक न्यूज का खतरा भी बढ़ा है। मेरठ कॉलेज में एक ऑनलाइन गोष्ठी में प्रो. चंद्रशेखर भारद्वाज ने डिजिटल जिम्मेदारी की बात की। प्राचार्य प्रो. युद्धवीर सिंह ने कहा कि मीडिया समाज को दिशा दे सकता है। जागरुकता और नैतिकता से फेक न्यूज का मुकाबला किया जा सकता है।
सोशल मीडिया ने सूचना प्रवाह अत्यंत तेज बना दिया है, लेकिन इसके साथ फेक न्यूज का खतरा भी बढ़ गया है। मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है। सत्य, निष्पक्षता और नैतिकता ही मीडिया की वास्तविक पहचान है। जिम्मेदार नागरिक होने के नाते हमें किसी भी सूचना को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य करनी चाहिए। ऐसा करके ही डिजिटल नागरिक बन सकते हैं। मेरठ कॉलेज में डिजिटल क्रांति के दौर में मीडिया की बढ़ती भूमिका, सोशल मीडिया के प्रभाव, फेक न्यूज की चुनौती और डिजिटल जिम्मेदारी जैसे मुद्दों पर हुई ऑनलाइन गोष्ठी में यह बात प्रो. चंद्रशेखर भारद्वाज ने कही।
प्राचार्य प्रो. युद्धवीर सिंह ने कहा डिजिटल युग में मीडिया समाज को दिशा देने की क्षमता रखता है। यदि मीडिया और नागरिक अपनी डिजिटल जिम्मेदारी समझ लें तो फेक न्यूज जैसे खतरे स्वतः ही कमजोर पड़ जाएंगे। विद्यार्थियों को चाहिए कि वे सोशल मीडिया का उपयोग ज्ञान, संवाद और सकारात्मक परिवर्तन के लिए करें न कि भ्रम और नकारात्मकता के लिए। डॉ. काजल वर्मा ने कहा कि फेक न्यूज से लड़ने को केवल कानून ही नहीं बल्कि जागरुकता, नैतिकता एवं डिजिटल जिम्मेदारी सशक्त हथियार हैं। प्रो. सतीश प्रकाश ने कहा कि सोशल मीडिया के दुरुपयोग से व्यापक समस्याएं पैदा हो सकती हैं। अनियंत्रित सोशल मीडिया उपयोग मानसिक, शैक्षणिक और सामाजिक समस्या उत्पन्न कर सकता है।

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