
उपभोक्ताओं में स्मार्ट मीटर का भरोसा बढ़ाने में जुटे बिजली अफसर
Meerut News - स्मार्ट मीटर को लेकर भ्रांतियों को दूर करने और उपभोक्ताओं में विश्वास बनाने के लिए बिजली विभाग ने कदम उठाए हैं। 14 जिलों में स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे, जबकि पुराने मीटर चेक मीटर के रूप में बने रहेंगे।...
स्मार्ट मीटर को लेकर भ्रांतियों को दूर करने एवं उपभोक्ताओं में विश्वास बनाने के लिए बिजली अफसरों ने कवायद शुरू कर दी। उपभोक्ताओं की स्मार्ट मीटर को लेकर भ्रांतियों को दूर करने के लिए एमडी पीवीवीएनएल ईशा दुहन के निर्देश पर पश्चिमांचल के सभी 14 जिलों में अब फीसदी उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाने के साथ पुराने मीटर को चेक मीटर के तौर पर लगा रहने दिया जाएगा। बाद में उपभोक्ता की संतुष्टि के बाद पुराने मीटर को हटा लिया जाएगा और स्मार्ट मीटर लगा रहेगा। शहर में 60,000 उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके है। करीब डेढ़ लाख उपभोक्ताओं के यहां पूर्व में पायलट प्रोजेक्ट में स्मार्ट मीटर लगाए गए थे।

मुख्य अभियंता मेरठ जोन प्रथम मुनीश चोपड़ा ने बताया कि स्मार्ट मीटर के प्रति उपभोक्ताओं में विश्वास बनाए रखने के लिए उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाकर पुराने मीटरों को चेक मीटर के तौर पर पांच फीसदी उपभोक्ताओं के यहां लगा हुआ छोड़ा जा रहा है। अधिशासी अभियंता कॉमर्शियल द्वितीय महेश कुमार एवं अधिशासी अभियंता प्रथम सौरभ मंगला का कहना है कि उपभोक्ताओं की संतुष्टि के बाद स्थापित किए स्मार्ट मीटर को छोड़ दे रहे है और पुराने मीटर को उपभोक्ताओं की सहमति से उतरवा कर ले रहे है। --- नॉन स्मार्ट मीटर एवं स्मार्ट मीटरों की खपत में नहीं मिला अंतर स्मार्ट मीटर के तेज चलने, गलत रीडिंग समेत अन्य शिकायतों और भ्रांतियों को दूर करने के लिए एमडी ईशा दुहन के निर्देश पर मेरठ, गाजियाबाद और नोएडा क्षेत्र में बिजली अफसरों ने एक प्रयोग किया। हालांकि इसके पीवीवीएनएल के दावों के अनुरूप सकारात्मक परिणाम आए है। करीब 100 मामले में स्मार्ट मीटर और पुराने मीटर (चेक मीटर) की खपत पड़ताल में एक समान मिली। यह रिपोर्ट मेरठ, गाजियाबाद और नोएड़ा से बिजली अफसरों की डिस्कॉम मुख्यालय ऊर्जा भवन आई। --- उपभोक्ता का मित्र मीटर है स्मार्ट प्रीपेड मीटर : मुनीश चोपड़ा स्मार्ट मीटर से उपभोक्ता को कोई नुकसान नहीं है। बल्कि एक तरह से स्मार्ट मीटर उनका मित्र मीटर है। मोबाइल पर बिल, रीडिंग, खपत देखी जा सकती है। गलत रीडिंग की कोई गुंजाइश नहीं होती। घर बैठे प्रीपेड स्मार्ट मीटर को रिचार्ज कर सकते हैं। स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं के लिए हर तरह से उपयोगी है। इससे गलत बिजली बिल से छुटकारा मिलेगा। उपभोक्ता अपने बजट के अनुसार बिजली खर्च स्वयं नियंत्रित कर सकेंगे। भविष्य में सोलर पैनल व ईवी चार्जिंग करने पर मीटर बदलने की जरूरत नहीं होगी। मुनीश चोपड़ा, मुख्य अभियंता मेरठ जोन प्रथम

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