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हाईवे पर नींद की झपकी बनी काल, अनियंत्रित कार बस से टकराई, दो की मौत

हिन्दुस्तान टीम,मेरठNewswrap
Fri, 22 Oct 2021 03:06 AM
हाईवे पर नींद की झपकी बनी काल, अनियंत्रित कार बस से टकराई, दो की मौत

दौराला। संवाददाता

हाईवे पर बुधवार देर रात हरिद्वार से दिल्ली की ओर जा रही एक कार के चालक को दौराला ओवरब्रिज के पास पहुंचने पर अचानक नींद की झपकी आ गई। इससे कार अनियंत्रित हो गई ओर डिवाइडर पार करते हुए विपरीत दिशा से आ रही एक बस से टकरा गई। हादसे में कार के परखच्चे उड़ गए और कार सवार दो लोगों की मौत हो गई जबकि चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने शवों को मोर्चरी भिजवाया और चालक को अस्पताल में भर्ती कराया। वहीं, बस में सवार यात्री हादसे में बाल-बाल बच गए।

पुलिस के अनुसार रुड़की रोड सिरचंडी निवासी जगदीश अपने साथी रुड़की निवासी आशू व खट्टा कुशीनगर निवासी महेश शुक्ला के साथ कार से बुधवार देर रात हरिद्वार से दिल्ली की ओर जा रहा था। कार को जगदीश चला रहा था। बुधवार देर रात करीब ढाई बजे उनकी कार हाईवे पर दौराला ओवरब्रिज पर पहुंची तो अचानक चालक को नींद की झपकी आ गई। इस पर चालक कार से नियंत्रण खो बैठा और कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर को पार करते हुए विपरीत दिशा में दिल्ली से हरिद्वार की ओर जा रही एक बस से टकरा गई। हादसे में कार के परखच्चे उड़ गए और बस क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे में कार सवार आशू और महेश की मौके पर ही मौत हो गई जबकि गंभीर रूप से घायल चालक को पुलिस ने अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को हाईवे के किनारे कराया और बस के चालक को हिरासत में ले लिया। वहीं, शुक्र रहा कि बस में सवार 45 यात्रियों को कोई चोट नहीं आई।

एक घंटा चला रेस्क्यू, गाड़ी काटकर निकाले शव

बुधवार देर रात कार की बस में टक्कर इतनी भयंकर थी कि कार पूरी तरह नष्ट हो गई। कार में सवार लोग बुरी तरह फंस गए। हादसे की सूचना मिलते ही इंस्पेक्टर दौराला नरेन्द्र शर्मा पुलिस फोर्स के साथ आनन-फानन में मौके पर पहुंचे ओर टोल एंबूलेंसकर्मियों को भी बुलाया। पुलिस ने कार में फंसे लोगों को निकालने का प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिली। बाद में पुलिस ने हाईड्रा बुलाया और कार की बॉडी को काटकर शवों और घायल को बाहर निकाला। इस दौरान पुलिस को करीब एक घंटा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाना पड़ा।

इंस्पेक्टर दौराला बने कार चालक के लिए फरिश्ता

हादसे में कार में लगे बैलून खुल गए थे लेकिन क्षतिग्रस्त कार में चालक बुरी तरह फंस गया था और घायल अवस्था में चीख रहा था। इस दौरान टोल एंबुलेंस भी मौके पर पहुंच गई थी। पुलिसकर्मियों की माने तो अचानक चालक ने अपनी सांस रुकने की बात कही तभी इंस्पेक्टर दौराला नरेन्द्र शर्मा ने एंबुलेंस में रखे ऑक्सीजन सिलेंडर को चालक को लगाने को कहा। इसके बाद चालक को ऑक्सीजन लगा दी। करीब एक घंटा मशक्कत करने के बाद चालक को कार से निकालने में सफलता मिली और उसको अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस दौरान टोल एंबुलेंस कर्मचारी चालक को बराबर ऑक्सीजन देते रहे, जिसके चलते उसकी जान बच गई।

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