Shree Ram Katha - ज्ञान गुण में बदले तो श्रृंगार बन जाता है : मनावत DA Image
12 दिसंबर, 2019|8:59|IST

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ज्ञान गुण में बदले तो श्रृंगार बन जाता है : मनावत

ज्ञान गुण में बदले तो श्रृंगार बन जाता है : मनावत

शास्त्रीनगर डी-ब्लॉक स्थित मनोहरी देवी शिशु वाटिका सरस्वती शिशु मंदिर में चल रही समर्थ शिशु राम कथा में बुधवार को चौथे दिन कथा में भावपूर्ण वर्णन किया गया। उज्जैन से आए कथाव्यास श्याम मनावत ने कहा कि ज्ञान गुण में बदले तो श्रृंगार बन जाता है। उन्होंने ‘जय हनुमान ज्ञान गुण सागर हनुमान चालीसा की इन पंक्ति का आशय स्पष्ट करते हुए पंडित श्याम मनावत ने कहा कि रावण केवल ज्ञानी था परंतु हनुमान जी ने ज्ञान को गुण में बदल दिया था। जब ज्ञान गुण में बदल जाए तो जीवन का श्रृंगार बनता है, अन्यथा वह अहंकार बन जाता है।

जीवन की चार मूलभूत समस्या हैं। पहली भार, दूसरी भूख, तीसरी भय और चौथी भ्रम। इन चारों से निपटना हो तो महाराज दशरथ चारों कुमारों का आश्रय लो। भगवान राम धरती का भार हरते हैं, श्री लक्ष्मण भय मुक्त करते हैं, भूख से लड़ना भरत सिखाते हैं और भ्रम से बचना शत्रुघ्न सिखाते हैं। बड़ी संख्या में श्रोताओं ने कथा श्रवण का लाभ उठाया। टोली के सुमधुर भजनों से श्रोता आनंदमय हो गए। कथा में अनेक गण्यमान्य लोग उपस्थित रहे।

मनमोहन गुप्ता, डा. विनोद कुमार अग्रवाल, आनंद प्रकाश अग्रवाल, ब्रजमोहन माहेश्वरी, विधायक डा. सोमेंद्र तोमर, पूर्व विधायक अमित अग्रवाल, रविंद्र भड़ाना व जिलाधिकारी, प्रधानाचार्य कृष्ण कुमार शर्मा, गीता अग्रवाल, सीमा श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे। कथाव्यास ने बताया कि गुरुवार को दोपहर 3 बजे कथा शुरु होगी और शाम 5.30 बजे समापन होगा।

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  • Web Title:Shree Ram Katha