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विदेशी हथियारों, कारतूस और वन्य जीवों की तस्करी से जुड़ा था प्रशांत

नेशनल शूटर प्रशांत बिश्नोई और उनके साथियों को विदेशी हथियारों, कारतूसों और वन्य जीवों के अवशेष-मीट की तस्करी में पकड़ा गया। प्रशांत के घर पर हुई मैराथन छापेमारी की कार्रवाई में डीआरआई टीम और वन विभाग की टीम को 29 अप्रैल को विदेशी हथियारों का जखीरा मिला था। इसके बाद से ही प्रशांत फरार चल रहा था। डीआरआई की टीम ने प्रशांत को तीन बार नोटिस जारी किया था, लेकिन वह सामने नहीं आया। इसके बाद एसटीएफ टीम ने वन विभाग के साथ मिलकर प्रशांत की घेराबंदी शुरू कर दी। तब कहीं जाकर प्रशांत बिश्नोई डीआरआई के सामने जाकर पेश हुआ। सिविल लाइन में महिला थाने के सामने रिटायर्ड कर्नल देवेंद्र सिंह की कोठी है। देवेंद्र सिंह का बेटा प्रशांत बिश्नोई नेशनल शूटर है और कई जिलों में सिक्योरिटी सर्विस एजेंसी चलाता है। प्रशांत के तीन साथियों को डीआरआई टीम ने करीब एक माह पूर्व दिल्ली एयरपोर्ट पर विदेशी हथियारों के साथ पकड़ा था। इसके बाद विदेशी हथियारों और कारतूसों की तस्करी करने वाले सिंडिकेट का पर्दाफाश हुआ था। प्रशांत इसी सिंडिकेट का हिस्सा बताया गया था। डीआरआई टीम ने 29 अप्रैल की सुबह करीब 10 बजे प्रशांत के घर पर दबिश दी थी। इस दौरान वन विभाग की टीम को भी बुलाया गया। प्रशांत के घर से डीआरआई टीम को 100 से ज्यादा विदेशी हथियार, दो लाख कारतूस और वन्य जीवों का मीट बरामद हुआ था। इसके बाद से प्रशांत फरार चल रहा था। प्रशांत की घेराबंदी में एसटीएफ भी लगी थी। छानबीन में ये खुलासा हुआ था कि बड़े होटलों में प्रशांत और उनके साथी मोटी रकम लेकर वन्य जीवों का मीट सप्लाई करते थे। इसके अलावा रईस लोगों की प्राइवेट पार्टी में भी मीट दिया जाता था। विदेशी असलाह को भी ऊंची कीमतों पर शौकीन लोगों को बेच दिया जाता था। प्रशांत का इस्तानबुल, इटली और जर्मनी के हथियार तस्करों के साथ संपर्क सामने आया था। इसके बाद डीआरआई प्रशांत की तलाश में थी, लेकिन वो हाथ नहीं आया। बुधवार यानी 31 मई को प्रशांत को दिल्ली में गिरफ्तार किया गया। लग्जरी गाड़ियों में लालबत्ती लगाकर करते थे हथियार व मीट सप्लाई प्रशांत के घर छापेमारी के बाद खुलासा हुआ था कि वीआईपी नंबर की लग्जरी गाड़ियों में मीट और हथियारों की तस्करी की जाती थी। इन गाड़ियों पर आर्मी लिखा हुआ था। एक गाड़ी में पीछे की ओर छोटा फ्रिजर भी लगाया हुआ था, जिसमें मीट रखकर सप्लाई किया जाता था। खुलासा हुआ था कि बड़ी पार्टियों, बड़े होटलों और विदेशी मेहमानों को वन्य जीवों का मीट परोसा जाता था। विदेशी हथियारों की तस्करी में चौथी गिरफ्तारी इस्तानबुल से स्लोवेनिया की राजधानी ल्यूब्लियाना से टर्किश एयरलाइंस की फ्लाईट में 25 विदेशी हथियार दिल्ली में आईजीआई हवाई अड्डे पर 29 अप्रैल 2017 को लाए गए थे। इन हथियारों के साथ डीआरआई और कस्टम विभाग की टीम ने अमित गोयल, अनिल कुमार और विदेशी नागरिक बोरिस सोबेटिक मिकोलिक को पकड़ा था। आरोपियों से जो भी हथियार पकड़े गए, उनकी कीमत करीब 4.50 करोड़ रुपये आंकी गई है। इन लोगों ने सीमा शुल्क अधिकारियों को हथियारों और गोला-बारूद की मात्रा व मूल्य गलत बताया। साथ ही नेशनल स्तर के खिलाड़ियों के लिए बनाई गई हथियार खरीदने की योजना का दुरूपयोग किया गया। इसी आरोप में तीनों को गिरफ्तार किया गया था। इस पूरे प्रकरण में प्रशांत की गिरफ्तारी चौथी है। जिम कार्बेट में मारा था तेंदुआ कोर्ट में ये बताया गया है कि पकड़ा गया गिरोह विदेशी हथियारों और वन्य जीवों की खालों व अवशेष की तस्करी करता है। बताया गया कि इसी इंटरनेशनल गिरोह ने हाल ही में जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क क्षेत्र के निकट एक तेंदुए को मार डाला था।

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