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शब-ए-बरआत आज, रातभर होगी इबादत, कल रखा जाएगा रोजा

मेरठ, वरिष्ठ संवाददाता शब-ए-बरआत पर आज रात शहरभर में जलसे होंगे। मस्जिदों और मदरसों...

शब-ए-बरआत आज, रातभर होगी इबादत, कल रखा जाएगा रोजा
हिन्दुस्तान टीम,मेरठSun, 25 Feb 2024 12:50 AM
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मेरठ। शब-ए-बरआत पर आज रात शहरभर में जलसे होंगे। मस्जिदों और मदरसों में जलसों की तैयारी कर ली गई। उलेमा ने अपील की है कि युवा इस मौके पर आतिशबाजी और स्टंटबाजी न करें। पूरी रात इबादत करें। सोमवार को रोजा रखा जाएगा।

शनिवार को मस्जिदों में नमाज में तकरीर में उलेमा ने कहा कि शब-ए-बरआत की इबादत एक हजार महीने की इबादत के बराबर है। लोग रातभर इबादत करने के साथ अपने पूर्वजों की कब्र पर जाकर फातिहा पढ़ेंगे। सोमवार को लोग रोजा रखेंगे। शब ए बरआत लेकर शनिवार से चहल-पहल रही। बच्चों में खासा उत्साह दिखा। महिलाएं शाम से घर की साफ-सफाई में जुट गईं। लोग कब्रिस्तानों व मस्जिदों की सफाई में जुटे रहे। कब्रिस्तानों एवं मस्जिदों तक जाने वाले रास्तों की साफ-सफाई की गई।

इबादत करें, आतिशबाजी नहीं : शहर काजी

इस्लामिक महीने शाबान के 14 और 15 तारीख के बीच की रात को शब-ए-बरआत कहा गया है। इस रात में की गई इबादत बाकी दिनों की इबादत से महत्वपूर्ण होती है। रात में इबादत और कुरआन-ए-पाक की तिलावत करनी चाहिए। 15 शाबान को रोजा रखें। माह ए रमजान का महीना आ रहा है। रोजा रखकर माह ए रमजान की तैयारियां होती है। आतिशबाजी करना गुनाह है। इससे इबादत में खलल पड़ता है -प्रोफेसर जैनुस साजिद्दीन सिद्दीकी, शहर काजी

पूरी रात इबादत करें : कारी शफीकुर्रहमान कासमी

इस्लामिक कैलेंडर के माह-ए-शाबान को बहुत मुबारक महीना माना जाता है। यह इस्लामिक कैलेंडर का आठवां महीना है। शब-ए-बरआत में इबादत करने वाले के गुनाह माफ हो जाते हैं। यह मगफिरत की रात है। अल्लाह तआला इस रात में अपने बंदों के गुनाहों को माफ करते हैं। आतिशबाजी, स्टंटबाजी न करें। युवा सड़कों पर निकलकर ऐसे काम न करें, जिससे दूसरों को कोई परेशानी हो। बेहतरी के रास्ते पर हम चल सके इसकी दुआ करें।

- कारी शफीकुर्रहमान कासमी

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