सेंट्रल मार्केट प्रकरण : सील हुए चिह्नित पांच स्कूल
Meerut News - सेंट्रल मार्केट प्रकरण में बुधवार की चिन्हित किए गए पांच स्कूलों में सील लगाई गई। सबसे पहले अमेरिकन किड्स, फिर सेंट्रल मार्केट प्रकरण में बुधवार क

सेंट्रल मार्केट प्रकरण में बुधवार की चिन्हित किए गए पांच स्कूलों में सील लगाई गई। सबसे पहले अमेरिकन किड्स, फिर डीआरएस पब्लिक स्कूल को सील किया। इसके बाद मार्डन मास्टर्स, हैप्पी आवर्स को सील किया गया। इसी बीच एक टीम एमीजीएस शास्त्रीनगर में पहुंची, जहां पर स्कूल के दो भूखंड में सील लगाई गई। जहां पर कक्षाएं नहीं चलती थीं। इसके अलावा सीलिंग के दौरान स्कूलों के बाहर टीचिंग स्टाफ और अभिभावक भी नजर आए। जिनके चेहरे पर चिंता साफ दिख रही थी। वहीं कुछ स्कूल संचालक रोते नजर आए।शास्त्रीनगर स्थित एमपीजीएस स्कूल में प्रशासनिक टीम ने सुबह करीब साढ़े 11 बजे पहुंचकर दोनों भूखंडों को सील कर दिया।
इस भवन में अंदर जो कमरे थे, उनको भी सील किया गया।बीएसए और डीआईओएस मौके पर पहुंचेकार्रवाई के दौरान एमपीजीएस शास्त्रीनगर में बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) आशा चौधरी और जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) राजेश कुमार भी मौके पर पहुंचे और पूरे प्रकरण का निरीक्षण किया। अधिकारियों की मौजूदगी में ही सीलिंग की प्रक्रिया पूरी की गई।फिलहाल ऑनलाइन कक्षाएं चलाने की तैयारीकई स्कूलों ने फिलहाल ऑनलाइन कक्षाएं शुरू करने का निर्णय लिया है, ताकि छात्रों की पढ़ाई पूरी तरह बाधित न हो। हालांकि छोटे बच्चों के लिए ऑनलाइन पढ़ाई को लेकर अभिभावक असमंजस में हैं। इस बारे में अमेरिकन किडस शास्त्रीनगर की निदेशिका मोहिनी लांबा ने बताया कि फिलहाल बच्चों व अभिभावकों को समझाया गया कि परेशान न हों। ऑनलाइन कक्षाएं चलाई जाएंगी।आरटीई के बच्चों पर असरइन स्कूलों में पढ़ने वाले लगभग 25 प्रतिशत छात्र आरटीई (शिक्षा का अधिकार अधिनियम) के अंतर्गत आते हैं। ऐसे में इन बच्चों के सामने सबसे बड़ी समस्या स्कूल बदलने की खड़ी हो गई है। अभिभावकों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला, तो बच्चों का शैक्षणिक सत्र प्रभावित हो सकता है। मोहिनी लांबा ने जानकारी दी कि उनके स्कूल में आरटीई के अंतर्गत 25 प्रतिशत बच्चे पढ़ रहे हैं।स्कूल संचालकों का कहनास्कूल को कम से कम अपना पक्ष रखने का मौका देना चाहिए था। सीलिंग करने से पहले कुछ समय देते, ताकि बच्चों व स्टाफ को सुरक्षित दूसरी जगह ले जाया सके। इतनी जल्दी में सबकुछ हुआ है। ऐसे में बच्चों को कहां लेकर जाए। वहीं अभिभावक भी परेशान हैं। प्रवेश कराने के बाद बच्चे व अभिभावक अलग जगह पर किस तरह से व्यवस्थित होंगे। - मोहिनी लांबा, अमेरिकन किडस निदेशिकास्कूल में दो भूखंड जोकि चिन्हित किए गए हैं, वहां पर सीलिंग हुई है। जबकि वहां पर कक्षाएं नहीं चलती थीं। साथ ही उस गेट से प्रवेश भी नहीं होता था। इसलिए बाकी सभी कक्षाएं नियमों के साथ सुरक्षित भवन में चलती हैं और चलती रहेंगी। इसलिए अभिभावक व छात्राएं परेशान नहीं हों। - सपना आहूजा, प्रधानाचार्या एमपीजीएसफोटो आयुषी व प्रेरणासीलिंग होती देख स्कूल संचालकों के आंसू निकलेजिस समय स्कूलों में सीलिंग की प्रक्रिया शुरु हुई। उस समय स्कूल संचालकों के आंसू निकल गए। वहीं मौके पर मौजूद स्टाफ भी रोया। इस दौरान रिश्तेदार, मित्र भी सब सांत्वना देने पहुंचे। अपनी आंखों के सामने सील होता देख कुछ टीचिंग स्टाफ रो पड़ा। स्कूल स्टाफ आयुषी ने कहा कि स्कूल सील होने से दुखी है। सबसे अधिक चिंता बच्चों के भविष्य को लेकर हो रही है। प्रेरणा लांबा ने कहा कि मन बहुत दुखी हो गया है।बेसिक शिक्षा विभाग ने तैयार किया बच्चों के शिफ्टिंग का प्लानबेसिक शिक्षा विभाग ने हाल ही सील हुए स्कूलों के बच्चों की शिफ्टिंग के लिए भी प्लान बनाया है। बेसिक शिक्षा अधिकारी आशा चौधरी और डीआईओएस राजेश कुमार ने कहा कि पढ़ाई की किसी भी बाधित नहीं होगी। यदि कोई अभिभावक कहीं पर भी बच्चों का प्रवेश कराना चाहेगा, तो उसकी मदद की जाएगी। प्रवेश में बांधा नहीं हो, उसके लिए देखरेख होगी। बहरहाल इन स्कूलों में अध्ययनरत छात्रों का डाटा एकत्रित किया गया है। लगभग चार हजार बच्चे इस क्षेत्र में स्कूलों में माने जा रहे हैं। इसके अलावा यह भी ध्यान रखा जाएगा कि बच्चों को अधिक दूरी तय न करनी पड़े और उनका शैक्षणिक माहौल प्रभावित न हो।
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