स्कूल संचालक न करें मनमानी : डीएम
विकास भवन सभागार में गुरुवार को डीएम डा.वीके सिंह ने उत्तर प्रदेश स्ववित्तपोषित स्वतंत्र विद्यालय (शुल्क विनियम) अधिनियम, 2018 के कड़े अनुपालन को लेक

विकास भवन सभागार में गुरुवार को डीएम डा.वीके सिंह ने उत्तर प्रदेश स्ववित्तपोषित स्वतंत्र विद्यालय (शुल्क विनियम) अधिनियम, 2018 के कड़े अनुपालन को लेकर बैठक हुई। बैठक में जिले के सभी स्ववित्तपोषित माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों, प्रबंधकों और जिला नियामक समिति के सदस्यों ने भाग लिया। बैठक के दौरान डीएम ने स्पष्ट किया कि अभिभावकों का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने स्कूलों की कार्यप्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए सख्त निर्देश दिये। बैठक में तीन विषयों फीस और किताबों में पारदर्शिता, आरटीई प्रवेश और शुल्क विवरण, वाहन सुरक्षा और पोर्टल पर पंजीकरण पर सख्त निर्देश दिये गए। बैठक में सीडीओ, कोषाधिकारी, अधिशासी अभियंता (पीडब्ल्यूडी), जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी और जिला विद्यालय निरीक्षक राजेश कुमार मौजूद रहे।समिति
के सदस्यों में राहुल केसरवानी, मयंक अग्रवाल और अभिभावक प्रतिनिधि के रूप में राम गोपाल मल्होत्रा आदि शामिल हुए। डीएम ने कहा कि कोई भी स्कूल संचालक मनमानी न करें। फीस और किताबों की जानकारी वेबसाइट पर अनिवार्य तौर पर दें।--------------------फीस और किताबों में पारदर्शिताडीएम ने कहा कि सभी विद्यालयों को अपनी फीस संरचना और संचालित पुस्तकों का पूरा विवरण अनिवार्य रूप से स्कूल की वेबसाइट और नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित करना होगा। कोई भी विद्यालय किसी अभिभावक या छात्र को विशिष्ट दुकान से ही पुस्तकें, जूते, मोजे या यूनिफॉर्म खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकेगा।आरटीई प्रवेश और शुल्क विवरणडीएम ने कहा कि शिक्षा के अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत ऑनलाइन लॉटरी से चयनित दुर्बल और अलाभित वर्ग के बच्चों को आवंटित स्कूलों में तत्काल प्रवेश सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने शुल्क वृद्धि का ब्योरा स्कूलों को पिछले सत्र और वर्तमान सत्र की कक्षावार फीस और की गई वृद्धि का प्रमाणित विवरण एक सप्ताह के भीतर जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) कार्यालय में जमा करने के निर्देश दिये।वाहन सुरक्षा और पोर्टल पर पंजीकरणस्कूली वाहनों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन बेहद सख्त रुख अपना रहा है। डीएम ने कहा कि प्रत्येक स्कूल को 'वाहन सुरक्षा समिति' का गठन कर इसकी सूचना एक सप्ताह में आरटीओ और डीआईओएस कार्यालय को देनी होगी। केवल वैध परमिट, इंश्योरेंस, पंजीकरण और फिटनेस प्रमाण पत्र वाले स्कूली वाहन ही सड़कों पर चलेंगे।परिवहन विभाग की वेबसाइट https://upisvmp.com पर वाहनों के दस्तावेज और 100 रुपये के स्टाम्प पर शपथ पत्र अपलोड करना अनिवार्य है। जिन स्कूलों के पास वाहन सुविधा नहीं है, उन्हें भी पोर्टल पर शपथ पत्र देना होगा। लापरवाही बरतने वाले स्कूलों पर संभागीय परिवहन अधिकारी द्वारा कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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