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पांच सदस्यीय टीम रखेगी फर्जी अधिवक्ताओं पर नजर: विक्रम त्यागी

पांच सदस्यीय टीम रखेगी फर्जी अधिवक्ताओं पर नजर: विक्रम त्यागी

संक्षेप:

Meerut News - सरधना बार एसोसिएशन की आम सभा में कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए। एक टीम बनाई जाएगी जो फर्जी अधिवक्ताओं की पहचान करेगी। अधिवक्ताओं को न्यायालयों में ड्रेस कोड का पालन करना होगा। बार काउंसिल में पंजीकरण के दो वर्ष से अधिक समय बिताने वाले अधिवक्ताओं को प्रमाणपत्र के बिना वकालत करने से रोका जाएगा।

Dec 06, 2025 01:50 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, मेरठ
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सरधना। सरधना बार एसोसिएशन की शुक्रवार को आम सभा बार सभागार में आयोजित हुई। इसमें विभिन्न महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए। निर्णय लिया कि बार की कार्यकारिणी से पांच सदस्यों की एक टीम बनाई जाएगी। यह टीम ऐसे व्यक्तियों की पहचान कराएगी जो अधिवक्ता न होते हुए भी स्वयं को अधिवक्ता बताकर वादकारियों को भ्रमित कर रहे हैं। इनकी पहचान के बाद उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। सभा में एसोसिएशन अध्यक्ष विक्रम त्यागी ने स्पष्ट किया कि जिन अधिवक्ताओं के पास प्रमाणपत्र है, वे सभी न्यायालयों में निर्धारित ड्रेस कोड गले की बैंड और बार द्वारा जारी पहचान पत्र का अनिवार्य रूप से पालन करेंगे।

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निर्णय हुआ कि जिन अधिवक्ताओं को बार काउंसिल में पंजीकरण के दो वर्ष से अधिक समय हो गया है, लेकिन उन्होंने अभी तक प्रमाणपत्र प्राप्त नहीं किया है, वे किसी भी न्यायालय में वकालत नहीं करेंगे। जिन अधिवक्ताओं को पंजीकरण के अभी दो वर्ष पूरे नहीं हुए हैं और जिन्होंने एआईबी की परीक्षा पास नहीं की है, वे काली टाई अनिवार्य रूप से पहनेंगे। जिन अधिवक्ताओं के पास मुंशी कार्यरत हैं, उनके पहचान पत्र बार से जारी होना अनिवार्य किया गया। इन्हें बनवाने के लिए 15 दिसंबर तक की समय-सीमा तय की गई है। समय पर पहचान पत्र न बनने पर ऐसे मुंशियों का अदालत में प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। बार एसोसिएशन ने निर्णय लिया कि न्यायालयों को सूचित किया जाएगा कि सभी पत्रावलियों में वकालतनामा लिया जाए। वही वकालतनामे मान्य होंगे जिन पर अधिवक्ता की मोहर में सीओपी नंबर अंकित होगा। इसके अलावा अदालत कर्मचारियों द्वारा सामान्य नागरिकों से अनावश्यक बातचीत या उन्हें कार्यालय में प्रवेश देने पर बार एसोसिएशन सख्त कार्रवाई करेगी। निर्णय लिया कि कोई भी नोटरी अधिवक्ता किसी भी दस्तावेज का नोटरीकरण बिना किसी अधिवक्ता की पहचान कराए नहीं करेगा। संचालन महामंत्री मोहित शर्मा एडवोकेट ने किया। इस दौरान मलखान सिंह, सैय्यद आरिफ अली, सोहित त्यागी, दिनेश गोयल, ठा. रिछपाल सोम, चौ. बलवीर सिंह, राकेश त्यागी, संजीव पंवार, हिमेंद्र सैनी, भारत भूषण, पोयम चंदेल, सुशील कुमार आदि रहे।