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23 नवंबर, 2020|10:21|IST

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मां-बाप की मौत के बाद भी नहीं छोड़ा सद्दाम ने काम

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सरधना। संवाददाता

मोहल्ला मंडी चमारान से जिस युवक को पुलिस टीम ने पटाखों व आतिशबाजी के जखीरे के साथ पकड़ा है, वह कई वर्षो से पटाखे बनाने का काम कर रहा है। एक वर्ष पूर्व ईदगाह रोड नई बस्ती में पटाखों में लगी आग की चपेट में आकर युवक की मां व पिता की मौत हो गई थी। इतने बड़े हादसे के बाद भी युवक ने इस काम को नहीं छोड़ा। वह अपने छोटे भाई के साथ मिलकर मौत का सामान तैयार करता है।

बता दें कि गोटका निवासी सलीम कई वर्ष पूर्व सरधना में आकर बस गया था। यहां उसने ईदगाह रोड पर एक मकान किराए पर लिया था, जिसमें वह परिवार के साथ रहता था। एक वर्ष पूर्व अचानक उसके मकान में धमाका हो गया था, जिसमें सलीम व उसकी पत्नी इमराना की मौत हो गई थी। जांच में पता चला था कि सलीम पटाखे बनाने का काम करता था। पटाखों व घर में रखे बारूद में आग लगने के कारण यह हादसा हुआ था। सलीम की मौत के बाद उसके दो पुत्र मेरठ के श्यामनगर मे जाकर रहने लगे, जबकि दो पुत्र सद्दाम व वसीम सरधना में ही रह गए। उन्होंने मोहल्ला मंडी चमारान में किराए पर मकान लिया और वहीं पर रहने लगे। हादसे में माता-पिता की मौत होने के बावजूद भी सद्दाम व वसीम ने पटाखे बनाने का काम जारी रखा। इसका खुलासा शनिवार को उस वक्त हुआ, जब पुलिस ने छापा मारकर सलीम के यहां से भारी मात्रा में पटाखे व पटाखे बनाने का सामान बरामद किया। सद्दाम को पुलिस ने पकड़ लिया, जबकि वसीम वहां से फरार हो गया। सद्दाम से इस बारे में बात की गई तो उसने बताया कि उसपर कोई और काम नहीं आता। वह दीपावली के त्योहार के चलते उधार कर्जा कर पटाखे बनाने का कैमिकल व अन्य सामान लाया था। अभी उसने सामान तैयार करके बिक्री के लिए रखा था। उसने बताया कि उसके पास लाइसेंस नहीं है। उसने कई बार लाइसेंस बनवाने के लिए आवेदन किया, लेकिन अभी तक उसका आवेदन ही स्वीकार नहीं हुआ। परिवार का पेट पालना है, इसलिए वह यह काम कर रहा था। 

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  • Web Title:Saddam did not leave work even after the parents 39 death