बढ़ती गर्मी के बीच बढा गन्ने की फसल में कीटों का हमला
Meerut News - गर्मियों में बढ़ते तापमान के बीच गन्ना फसल में कीटों का प्रकोप किसानों की चिंता बढ़ा रहा है। मौसम में बदलाव के कारण अच्छी पैदावार की उम्मीद थी, लेकिन कीटों ने पिछले सत्र में 15% तक उत्पादन घटा दिया। किसान और चीनी मिल प्रबंधन इस समस्या से परेशान हैं और कीट नियंत्रण के उपायों पर ध्यान दे रहे हैं।

बढ़ती गर्मी के बीच गन्ना फसल में कीटों का प्रकोप पूर्व से अपेक्षाकृत अधिक देखने से किसानों की चिंता बढ़ने लगी है। शुरुआती मौसम में बदलाव के चलते किसानों को अच्छी पैदावार की उम्मीद थी, लेकिन गन्ने की फसल में बढ़ते कीट आक्रमण ने चिंता बढ़ा दी है। कीटों के प्रकोप के चलते बीते सत्र में भी गन्ने की पैदावार में लगभग 15 प्रतिशत कम उत्पादन दर्ज किया गया। कीटो के प्रकोप से घटती पैदावार को लेकर किसान और चीनी मिल प्रबंधन परेशान हैं। मिल प्रबंधन द्वारा किसानों को समय समय पर बचाव की टिप्स देते हुए अनुदान पर बचाव के लिए सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
गन्ना विशेषज्ञ डॉ. प्रणव राणा ने बताया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बड़े क्षेत्रफल पर गन्ने की खेती होती है, जिसकी पेराई चीनी मिलों और कोल्हुओ पर कर चीनी, खांड, गुड़, शक्कर आदि उत्पादन किया जाता है। बीते पेराई सत्र में गन्ना उत्पादन में 10-15 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई थी, जिससे कई क्रेशर समय से पहले बंद हो गए थे। ऐसे में इस बार फसल की शुरुआत में ही कीटों का प्रकोप किसानों के लिए परेशानी बन गया है। इस समय गन्ने में टॉप बोरर, जड़ बेधक, काला चिकटा, थ्रिप्स और टिड्डे जैसे कीट सक्रिय हैं, जो तनों में छेद कर और पत्तियां खाकर फसल को नुकसान पहुंचा कर गन्ने की वृद्धि को प्रभावित कर रहे है। मई माह कीट नियंत्रण के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि इस समय टॉप बोरर की दूसरी पीढ़ी सक्रिय हो जाती है। उन्होंने बताया कि मौसम में उतार-चढ़ाव के कारण भी कीटों का प्रकोप बढ़ रहा है।
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