मेरठ: जनता को रास आ रही रविवार को बैनामा कराना
शासन के निर्देशानुसार, मेरठ में रजिस्ट्री कार्यालय रविवार को भी खोला जा रहा है। इस रविवार को 43 बैनामे हुए, जिससे 34,21,500 रुपये की आय हुई। यह सुविधा कामकाजी लोगों के लिए उपयोगी साबित हो रही है। पिछले सप्ताह से रोस्टर प्रणाली लागू की गई है, जो वित्तीय लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद कर रही है।

शासन के निर्देशानुसार जिले में राजस्व बढ़ाने और जनता की सुविधा के लिए रविवार को भी रजिस्ट्री कार्यालय खोलने का सिलसिला जारी है। इसी क्रम में रविवार को सब रजिस्ट्रार-तृतीय (मेरठ) का कार्यालय खुला रहा, जहां सुबह से शाम तक कुल 43 बैनामे किए गए। निबंधन विभाग को कुल 34,21,500 रुपये की प्राप्ति हुई। विशेष बात यह है कि जनता को अब यह सुविधा रास आने लगी है। गत 19 अप्रैल से रविवार को भी जिले के एक रजिस्ट्री कार्यालय को खोलने की व्यवस्था शुरू हुई थी। पहले रविवार को जहां 27 बैनामे ही हुए थे। वहीं इस रविवार को सब रजिस्ट्रार-तृतीय (मेरठ) कार्यालय में 43 बैनामे हुए।
सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक रजिस्ट्री कार्यालय खुले रहे। विभाग को स्टाम्प शुल्क के तौर 27,79,050 रुपये और पंजीकरण फीस के तौर पर 6,42,450 रुपये कुल 34,21,500 रुपये प्राप्त हुए। अधिकारियों के अनुसार, पिछले रविवार से रोस्टर प्रणाली लागू की गई है। पिछले सप्ताह सब रजिस्ट्रार-प्रथम का कार्यालय खुला था, जबकि इस बार तृतीय कार्यालय में कार्य हुआ। इसी क्रम में अगले रविवार को सब रजिस्ट्रार-चतुर्थ कार्यालय में रजिस्ट्री का कार्य संपन्न किया जाएगा।लोगों को हो रही सुविधारविवार को कार्यालय खुलने से उन लोगों को काफी सुविधा हो रही है जो कामकाजी होने के कारण कार्यदिवसों में समय नहीं निकाल पाते थे। साथ ही, इससे वित्तीय वर्ष के लक्ष्यों को प्राप्त करने में भी विभाग को बड़ी मदद मिल रही है।
लेखक के बारे में
Rakesh Priyadarshiशॉर्ट बायो :
राकेश प्रियदर्शी पिछले 25 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में हिन्दुस्तान में सेना और कैंट बोर्ड बीट को देख रहे हैं।
परिचय एवं अनुभव
राकेश प्रियदर्शी मीडिया जगत का एक प्रतिष्ठित नाम हैं जिन्हें पत्रकारिता में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में पश्चिम उत्तर प्रदेश, मेरठ में सेना और कैंट बोर्ड टीम की लीड करते हैं। 2008 से इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने डिजिटल एवं प्रिंट मीडिया में कंटेंट के बदलते ट्रेंड्स और पाठकों की रुचि पर मजबूत पकड़ बनाई है।
कॅरियर का सफर
राकेश प्रियदर्शी ने अपने कॅरियर की शुरुआत 2000 में हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख अखबार से की जहां उन्होंने प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। 2007 से 2008 तक दैनिक जागरण में डिजिटल के साथ काम किया। 2008 से हिन्दुस्तान में शुरुआत की। यहां उन्होंने सेना, कैंट बोर्ड की खबरों की विशेष कवरेज की।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
बीए (आनर्स) और मास कम्युनिकेशन में डिप्लोमा होने के साथ पत्रकारिता का अनूठा संयोजन मिला। लगातार सेना, कैंट बोर्ड और राजनीति, प्रशासनिक खबरों को कवर कर रहे हैं। राजनीति, प्रशासन, सेना और कैंट बोर्ड बीट पर अच्छी पकड़ है।
विजन
सेना और कैंट बोर्ड के विषयों पर गहरी समझ है। उनका मानना है कि पत्रकारिता की नींव तथ्यपरकता और विश्वसनीयता है। इस लक्ष्य के साथ ही पाठकों को सटीक, प्रमाणिक और सशक्त जानकारी देना है।
विशेषज्ञता
मेरठ समेत वेस्ट यूपी की राजनीति पर अच्छी समझ
प्रशासनिक गतिविधियों पर अच्छी पकड़
सेना और कैंट बोर्ड की गतिविधियों की एक्सप्लेनर रिपोर्टिंग।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


