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हिंदी न्यूज़ उत्तर प्रदेश मेरठखुलासा: हत्या के बाद एकता बन व्हाट्सएप पर बात करता रहा शाकेब उर्फ अमन

खुलासा: हत्या के बाद एकता बन व्हाट्सएप पर बात करता रहा शाकेब उर्फ अमन

हिन्दुस्तान टीम,मेरठNewswrap
Wed, 03 Jun 2020 02:32 AM
खुलासा: हत्या के बाद एकता बन व्हाट्सएप पर बात करता रहा शाकेब उर्फ अमन

लुधियाना की बीकॉम स्टूडेंट एकता देशवाल (19) की नृशंस हत्या के मामले में मेरठ पुलिस ने उसके प्रेमी शाकेब उर्फ अमन सहित छह परिजनों को जेल भेज दिया। खुलासा हुआ कि हत्या के बाद शाकेब छात्रा के व्हाट्सएप से एकता बनकर उसके परिजनों से सालभर तक बातचीत करता रहा, ताकि उन्हें हत्या का शक न हो।

एसएसपी अजय साहनी ने मंगलवार को पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस सनसनीखेज हत्याकांड का पर्दाफाश किया। एसएसपी के अनुसार, 13 जून 2019 को दौराला के लोईया गांव में 19 वर्षीय युवती की लाश मिली। उसके दोनों हाथ और सिर नहीं था। उसकी पहचान नहीं हो पाई थी। करीब एक साल की तहकीकात के बाद मामले से अब पर्दा उठा है।

हत्या में शाकेब के पिता, भाई, भाभी और दोस्त भी थे शामिल

सालभर बाद इस मामले में लोईया गांव के शाकेब, उसके भाई मुस्सरत, पिता मुस्तकीम, भाभी रेशमा व इस्मत और दोस्त अयान को गिरफ्तार किया है। इनसे हत्या में प्रयुक्त बलकटी, मृतका का मोबाइल व एक फावड़ा बरामद हुआ है।

अच्छी नौकरी और बीमारी से मुक्ति के लिए तांत्रिक शाकेब से किया संपर्क

एसएसपी ने बताया कि शाकेब और उसका भाई मुस्सरत दोनों तांत्रिक हैं। वह लुधियाना के जगतपुरी थाना क्षेत्र स्थित आनंदनगर में किराए पर रहते थे। वहां वशीकरण और अन्य तंत्र क्रियाओं के जरिए लोगों को झांसा देकर ठगते थे। एकता भी आनंदनगर इलाके में रहती थी। पिता होजरी कारोबारी के ड्राइवर हैं। वह खुद खालसा कॉलेज में बीकॉम प्रथम वर्ष की छात्रा थी। एकता अच्छी नौकरी नहीं लगने और आए दिन बीमार रहने से परेशान रहती थी। इससे मुक्ति के लिए उसने तांत्रिक शाकेब से संपर्क किया। शाकेब ने खुद को अमन बताया। धीरे-धीरे दोनों में दोस्ती हो गई।

लुधियाना में झगड़ा हुआ तो करनाल पहुंचा, नौकरी का झांसा दे एकता को बुलाया

लुधियाना में जिस दिलशाद की दुकान में शाकेब तंत्र क्रिया करता था, वहां उसका झगड़ा हो गया। इसके बाद, वह लुधियाना से हरियाणा के करनाल में शिफ्ट हो गया। नौकरी दिलाने के बहाने एकता को भी करनाल बुला लिया। मई 2019 में शाकेब के कहने पर एकता अपने घर से करीब 25 लाख रुपये की ज्वैलरी लेकर करनाल आ गई। चूंकि जिस वक्त एकता लापता हुई, उस समय सभी परिजन हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा स्थित अपने दूसरे घर पर थे। इसलिए परिजनों ने कांगड़ा के देहरा पुलिस स्टेशन में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई।

भाभी ने कपड़े उतारे, देवर ने किया मर्डर

पांच जून 2019 को शाकेब उर्फ अमन ईद वाले दिन एकता को लेकर मेरठ के लोईया गांव में घर पहुंचा। यहां उसके अमन नहीं, शाकेब होने का पता चला। इस पर दोनों में झगड़ा हुआ। शाकेब पूरे परिवार को घुमाने की बात कहकर घर से बाहर ले गया। रास्ते में एकता को नशीली कोल्डड्रिंक पिलाई। खेत में ले जाकर रेशमा व इस्मत ने उसके कपड़े उतारे। इसके बाद शाकेब ने बलकटी से उसका सिर व दोनों हाथ काट दिए। हाथ इसलिए काटा क्योंकि उस पर अमन लिखा था। कपड़े इसलिए उतारे ताकि पहचान न होने पाए। शव को खेत में दबाकर उस पर नमक डाल दिया, जिससे लाश जल्दी गल जाए।

वो मर गई, परिजन रहे बेखबर

एसएसपी अजय साहनी ने बताया कि वारदात के बाद शाकेब ने छात्रा का मोबाइल अपने पास रख लिया और पुन: करनाल जाकर तंत्र क्रिया करने लगा। वह समय-समय पर छात्रा के व्हाट्सएप का फोटो बदलता रहा। इससे एकता के परिजन यह सोचते रहे कि वह ठीक है। बीच-बीच में वह एकता बनकर उसके परिजनों से चैटिंग भी करता रहा। परिजनों के अनुसार, शातिर शाकेब ने उसके मोबाइल की आईडी में लोकेशन बदल दी, इससे हिमाचल पुलिस भी उसे पकड़ नहीं पाई। बाकायदा 10 दिसंबर 2019 को एकता के बथर्ड वाले दिन उसे बधाइयां दी गईं।

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