
बोले मेरठ : सड़कों पर पसरी गंदगी, बल्लियों पर लटके हैं तार
Meerut News - मेरठ के लाला मोहम्मदपुर इलाके में लोग वर्षों से बिजली, सड़क और नालियों की सुविधाओं का इंतजार कर रहे हैं। नगर निगम में शामिल होने के बावजूद, इस क्षेत्र की बदहाली बरकरार है। लोग बिजली कनेक्शन के लिए अधिकारियों से संपर्क करते हैं, लेकिन उन्हें रिश्वत मांगने की समस्या का सामना करना पड़ता है।
मेरठ। कंकरखेड़ा क्षेत्र का लाला मोहम्मदपुर इलाका नगर निगम में बरसों पहले शामिल हो गया, लेकिन बीते लंबे समय से विकास की पगडंडी पर खड़ा इंतज़ार ही कर रहा है। यह जगह नगर निगम सीमा में तो आती है, लेकिन हालात ऐसे हैं, कि यहां के लोग खुद को शहर का नहीं, बल्कि किसी भूले-बिसरे गांव का हिस्सा समझने लगे हैं। फर्क बस इतना है कि अब तो गांव भी बिजली, सड़क और नालियों जैसी सुविधाओं से जुड़ गए हैं, पर लाला मोहम्मदपुर का कुछ क्षेत्र आज भी अंधेरे और बदहाली में जी रहा है। जहां लोग बिजली कनेक्शन, सड़क, नालियां और सफाई जैसी बुनियादी सुविधाओं का इंतजार कर रहे हैं।

नगर निगम के वार्ड नंबर 9 में पड़ने वाला लाला मोहम्मदपुर, जो कंकरखेड़ा क्षेत्र का बहुत पुराना इलाका है। जहां करीब छह हजार से ज्यादा की वोटिंग है और दस आठ हजार के करीब आबादी निवास करती है। लाला मोहम्मदपुर की बात करें तो यहां कई हिस्सों में आज तक बिजली की लाइन नहीं पहुंची। लोग आज भी अंधेरे में जीवन काट रहे हैं और उम्मीद की उस लौ को संभाले बैठे हैं कि शायद किसी दिन उनका घर भी रोशन होगा। कुछ जगहों पर बिजली के खंभे ऐसे खड़े हैं, जैसे किसी ने सिर्फ खानापूर्ति के लिए गाड़ दिए हों। सड़क के बीचों-बीच लगे खंभे और बल्लियों पर तने तार हर पल हादसों को दावत देते हैं। ऊपर से बिजली दिलवाने के नाम पर पैसे मांगना… यह दर्द लोगों को भीतर तक तोड़ चुका है। इस इलाके में बर्सों पहले आकर बसे लोग सड़क, सफाई, निकासी के लिए नालियां या सीवर तक को तरस गए हैं। हिन्दुस्तान बोले मेरठ टीम ने इस इलाके के लोगों से संवाद कर उनकी समस्याओं को जाना। वर्षों से यहां रह रहे सैकड़ों घर आज भी बिजली कनेक्शन का इंतजार कर रहे हैं, जबकि सरकार लोगों को घर-घर बिजली पहुंचाने की बात कर रही है। गांव तक बिजली पहुंच गई, लेकिन नगर निगम के इस इलाके में लोगों को बिजली नहीं मिल पाई। बरसों से बिजली का इंतजार, कब खिंचेंगे तार लाला मोहम्मदपुर के लोगों का कहना है कि यहां लोग बीस-बीस साल से रह रहे हैं, लेकिन सैकड़ों घरों में आजतक बिजली के कनेक्शन भी नहीं हुए। आज देश के ज़्यादातर गांवों में भी बिजली, सड़क, नाली जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंच चुकी हैं, लेकिन लाला मोहम्मदपुर के इस हिस्से में वर्षों से अंधेरे और बदहाल व्यवस्था में लोग जी रहे हैं। आज तक यहां लोगों को बिजली सुविधा नहीं मिल पाई। यहां रहने वाले परिवार आज भी रात अंधेरे में गुजारते हैं। बिजली के लिए विभागों के चक्कर काटते-काटते परेशान हो गए तो सौर ऊर्जा की प्लेट्स लगवा लीं, ताकि घर में कुछ ना हो एक लाइट जल जाए। इंतजार है कब यहां तक खंभे लगेंगे और लोगों को बिजली का सुख मिलेगा। बिजली कनेक्शन के लिए मांगते हैं रिश्वत लोगों का कहना है कि इस इलाके में हम बहुत लंबे समय से रह रहे हैं, बिजली कनेक्शन के लिए विभाग के अधिकारियों से और पार्षद से मिले, लेकिन किसी ने भी बिजली के लिए हामी नहीं भरी। बिजली विभाग के लोग कनेक्शन के लिए उल्टे सीधे पैसे मांगते हैं। जो इस इलाके में बिजली लाइन के लिए खंभे लगाने और कनेक्शन के नाम पर प्रत्येक घर से दस से पंद्रह हजार रुपये की मांग करते हैं। यहां अधिकतर गरीब तबके के लोग रहते हैं, इतने पैसे कहां से देंगे। सैकड़ों लोगों ने जमीन खरीदकर तो डाल दी है, लेकिन मकान इसलिए नहीं बना रहे क्योंकि यहां बिजली की लाइन ही नहीं है। जबकि आज के समय में बिजली के बिना काम नहीं चलता, लेकिन लोग फिर भी अंधेरे, गर्मी और सर्दी में बिना बिजली के जी रहे हैं। इंतजार है कि यहां एक दिन लोगों के घरों तक बिजली की लाइन पहुंचेगी। बीच सड़क में खंभा, बल्लियों पर लटके तार, हादसों का इंतजार इस क्षेत्र के लोग यहां की बदहाली दिखाते हुए कहते हैं कि बीच सड़क में एक खंभा लगा दिया, यहां से आगे एक घर में पैसे देकर किसी तरह कनेक्शन दे दिया, जिसके लिए वायर बल्लियों के सहारे पहुंचाया गया। वहीं कुछ लोगों के घरों तक बिजली पहुंचाने में एक कॉलोनी वाले ने मदद की, जिसने घरों के ऊपर से जाने वाले तारों के लिए दो खंभों की व्यवस्था कराई। इसके बाद आसपास के घरों तक बिजली कनेक्शन बांस के सहारे ले जाए गए। जिसके चलते कभी भी बड़ा हादसा होने का खतरा गली मोहल्ले में रहता है। इस पूरे क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्या ही बिजली की है। गर्मियों में लोग पूरी रात घर के बाहर बिताते हैं। चोरों का शोर हुआ तो लोगों ने अंधेरे के कारण रात जागकर गुजारी। बस किसी तरह यहां खंभे लगें और घरों तक बिजली के कनेक्शन पहुंच जाएं। नालियां हैं नहीं, खाली जगहों पर निकासी की व्यवस्था क्षेत्र में लोगों का कहना है कि यहां नालियां कहीं नहीं बनी हैं, लोगों ने खोदकर नालियां खुद बनाईं। पूरे इलाके में निकासी के लिए ना सीवर लाइन हैं और ना ही नालियां बनी हैं। जिसके चलते खाली प्लॉट्स में ही लोगों के घरों का पानी जाता है। कुछ लोग जनरेटर लगवाकर अपना मकान बना रहे हैं, लेकिन उनके घरों से निकलने वाले पानी की निकासी का कोई साधन नहीं है। जब खाली जगह पर मकान बन जाएंगे तो लोगों के घरों का गंदा पानी सड़क वाली जगहों पर भरेगा। नगर निगम से यहां लोगों को पानी के कनेक्शन तो मिल गए, लेकिन उस पानी का इस्तेमाल करने के बाद निकासी की व्यवस्था आजतक नहीं हो पाई है। जबकि पास में ही बड़ा नाला भी है, लेकिन पूरे क्षेत्र में ही निकासी की व्यवस्था खराब है। बनें नालियां और सड़कें तो मिले राहत लोगों का कहना है कि इस पूरे इलाके में कुछ जगह तो गलियां आजतक बनी ही नहीं हैं। यहां सड़क के लिए लंबी चौड़ी जगह है, लेकिन नालियां कहीं नहीं हैं, सीवर लाइन तो दूर-दूर तक भी नहीं है। इस क्षेत्र में प्रवेश वाली सड़क नाला कूदते ही साफ नजर आती है। जहां भीमराव अंबेडकर पार्क के निकट जा रहे नाले के पास गंदगी का अंबार यहां की तस्वीर बयां कर देता है। आगे आते हैं तो टूटी सड़कें इलाके की बदहाली दर्शाती है। लाला मोहम्मदपुर का सबसे बदहाल इलाका यह है, जहां आजतक बिजली, सड़क और निकासी की व्यवस्था नहीं हो पाई है। अगर इस इलाके में सड़कें बन जाएं, निकासी की व्यवस्था के लिए नालियां बनें, सीवर लाइन डल जाए और घरों तक बिना किसी रिश्वत के कनेक्शन मिल जाए तो लोगों को राहत मिल जाए। बदहाल सफाई व्यवस्था, पूजा स्थल के पास गंदगी का अंबार इस इलाके के लोगों का कहना है कि यहां क्षेत्र में एक पूजा स्थल बना हुआ है, जिसके आसपास लोग कूड़ा डालते हैं और गंदगी का अंबार लगा रहता है। इस इलाके में कभी कोई सफाई वाला नहीं आता, जबकि पूजा स्थल के पास कूड़े का ढेर पड़ा हुआ है। जिसकी सफाई होनी चाहिए और वहां तक भी बिजली का कनेक्शन भी पहुंचे। लाला मोहम्मदपुर का एक बड़ा हिस्सा आज भी नालीविहीन है। गंदा पानी सड़कों पर ही बहता है, और बरसात में हालात इतने बिगड़ जाते हैं कि पूरा इलाका तालाब बन जाता है। सड़कें वर्षों से टूटी पड़ी हैं। कई जगह सड़कें पूरी तरह गायब हो चुकी हैं। लोग कीचड़ से होकर गुजरते हैं, और बच्चे खेलते-खेलते उसी गंदगी में फिसल जाते हैं। इसी क्षेत्र में सरकारी प्राथमिक स्कूल भी है, लेकिन लोगों के घरों तक में बिजली कनेक्शन नहीं हैं। समस्याएं - लाला मोहम्मदपुर के कुछ क्षेत्र में बिजली नहीं पहुंच पाई - वर्षों से लोग बिजली कनेक्शन के लिए चक्कर काट रहे हैं - सड़कें बदहाल हैं, टूटी पड़ी हैं और चलने लायक नहीं हैं - घरों से निकलने वाले गंदे पानी की निकासी का साधन नहीं - ना खंभे हैं और ना ही इलाके में स्ट्रीट लाइटों की व्यवस्था है - नालियां नहीं बनी हैं और सीवर लाइन कहीं पर भी नहीं है - सफाई व्यवस्था एकदम बदहाल है, गंदगी के ढेर लगे हुए हैं सुझाव - लाला मोहम्मदपुर के वंचित क्षेत्र में बिजली पहुंचाई जाए - लोगों को विद्युत कनेक्शन दिए जाएं, अंधेरा से मुक्ति मिले - बदहाल सड़कों का निर्माण किया जाए, गलियों बनाई जाएं - क्षेत्र में गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था की जानी चाहिए - क्षेत्र में खंभे लगाए जाएं, उन पर स्ट्रीट लाइटों की व्यवस्था हो - नालियां बनाई जाएं और सीवर लाइन डाली जानी चाहिए - सफाई व्यवस्था दुरुस्त हो, गंदगी की रोज साफाई होनी चाहिए हमारी भी सुनो बहुत सालों से रह रहे हैं लेकिन आजतक इस इलाके में बिजली के कनेक्शन लोगों को नहीं मिल पाए, क्षेत्र में खंभे भी नहीं लगे हैं। - फिरोज सालों से अंधेरे में लोग जी रहे हैं, आजतक लोगों को बिजली मुहैया नहीं हो पाई, लोग जाते हैं तो कनेक्शन के लिए पैसे मांगते हैं। - अशरफ गर्मी हो या सर्दी यहां अंधेरा ही रहता है, आजतक बिजली नहीं आई है, रात में लोगों को डर भी लगता है, गर्मी में बाहर सोते हैं। - शबाना यहां गरीब लोग रहते हैं, कनेक्शन के लिए लोगों ने बहुत कोशिश की है, मगर आजतक बिजली नहीं मिल पाई, सोलर प्लेट लगी हैं। - मीना नाली तो यहां हैं ही नहीं, खाली जगह पर पानी जाता है, बहुत साल हो गए हैं रहते-रहते पर सड़क और नाली आजतक नहीं बन पाई हैं। - सितारा बस यहां मकान बनाकर लोग रह रहे हैं, उम्मीद है लोगों को बिजली कनेक्शन मिल जाएगा, आजतक इस इलाके में खंभे भी नहीं लगे। - अनीशा गलियों की हालत खराब हुई पड़ी है, बरसात में तो सड़क चलने लायक भी नहीं रहती, कीचड़ और गंदगी रहती है, नालियां बनाई जाएं। - हसीना पूरे इलाके में सड़कें खराब है, कहीं तो सड़कों का नामोनिशान ही नहीं है, गंदा पानी भी सड़कों पर भरता है, नालियां नहीं बनी हैं। - जमीला पार्षद के पास जाओ तो वह भी कुछ नहीं करती, ना सड़क बन रही हैं ना ही नालियां, बांस और बल्ली पर बिजली के तार लटके रहते हैं। - शहनाज गलियां खराब हुई पड़ी हैं, नालियां ही नहीं हैं, जब गंदा पानी गली में भर जाता है तो महिलाएं आपस में लड़ती हैं, नालियां बनें तो राहत मिले। - खुर्शीदा घरों का गंदा पानी खुली जगह पर जाता है, यह प्लॉट बन जाएंगे तो फिर पानी कहां जाएगा, नालियां बन जाएं और नाले से जुड़ जाएं। - अजरा निकासी के लिए नालियों ही नहीं हैं, घरों का गंदा पानी निकलने को नालियां तक भी नहीं बनी हैं, कूड़ा उठाने या सफाई की व्यवस्था भी नहीं है। - सितारा सबसे पहले इस इलाके में सड़क बन जाएं और नालियां बनें तो लोगों को राहत मिल जाए, क्षेत्र से गंदगी भी नहीं उठती है, लोग परेशान हैं। - रुबीना घरों में आजतक बिजली नहीं पहुंच पाई है, लंबे समय से लोग यहां रह रहे हैं, कुछ लोगों ने तो अपने मकान ही बिजली के कारण नहीं बनाए हैं। - सूबेदार सूरज अली खान लोगों को बीसों साल रहते हो गए हैं, लेकिन यहां कनेक्शन नहीं मिल पाए हैं, गरीब लोग रहते हैं उनसे कनेक्शन के नाम पर पैसे मांगते हैं। - संजीव यहां मकान बनाओ तो एमडीए वाले तुरंत आ जाते हैं, बिजली कनेक्शन के नाम पर कोई नहीं सुनता, बिना पैसे के बिजली कनेक्शन नहीं होता। - नूर हसन लोगों ने पैसे देकर कनेक्शन करवा लिए हैं, वहां तक बिजली के तार ले जाने के लिए बल्लियां और बांस का प्रयोग किया गया है। - सरफराज

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