DA Image
25 नवंबर, 2020|1:09|IST

अगली स्टोरी

रिपोर्ट : दिल्ली रोड पर बसों का 42 फीसदी दबाव

रिपोर्ट : दिल्ली रोड पर बसों का 42 फीसदी दबाव

मेरठ। वरिष्ठ संवाददाता

दिल्ली रोड पर बसों का सबसे ज्यादा दबाव है। स्थिति यह है कि इस रोड पर जितने वाहन चलते हैं उसमें 42 फीसदी जगह सिर्फ बसें घेरती हैं। एनसीआरटीसी ने स्टडी के बाद यह रिपोर्ट तैयार की है।

एनसीआरटीसी के इंजीनियरों ने पैसेंजर कार यूनिट (पीसीयू) से यह रिपोर्ट बनाई है। इसमें दिल्ली रोड पर निकलने वाले सभी प्रकार के वाहनों का ब्योरा इकट्ठा किया है। रिपोर्ट के अनुसार यहां सबसे ज्यादा बसों का 42 फीसदी दबाव है। चूंकि बस बड़ी होती है इसलिए उसे तीन कार के बराबर मापा गया है। इस हिसाब से कुल ट्रैफिक का 42.1 फीसदी हिस्सा सिर्फ बसों को माना गया है। दूसरे नंबर पर कार और टैक्सियों का दबाव 35.9 फीसदी है। सबसे कम 0.2 फीसदी साइकिलें इस मार्ग पर चलती हैं।

प्रमुख वजह

शहर का सबसे बड़ा बस अड्डा भैंसाली डिपो है। यहां से दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड के लिए सीधी बसें मिलती हैं। हर रोज इस डिपो से 900 से ज्यादा बसों का संचालन होता है। ज्यादातर बसें दिल्ली रोड से चलकर ही अपने रास्तों पर जाकर मिलती हैं। ऐसे में बसों का सबसे ज्यादा दबाव दिल्ली रोड पर ही है।

किसका कितना दबाव

बस - 42.1%

कार/टैक्सी - 35.9%

ट्रक - 9.0 %

रिक्शा - 7.4%

थ्री व्हीलर- 2.8%

फैक्ट फाइल :

900 से ज्यादा बसें गुजरती हैं भैंसाली डिपो से

3000 से ज्यादा ट्रक आते-जाते हैं ट्रांसपोर्टनगर में

.................

एनसीआरटीसी ने दिल्ली रोड पर रैपिड ट्रैक का निर्माण कार्य शुरू करने से पहले पूरी स्टडी की है। इसमें प्रत्येक वाहन और उसकी संख्या का ब्योरा तक है।

-जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव, एसपी ट्रैफिक

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:Report 42 percent pressure of buses on Delhi Road