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नारद मोह और रावण जन्म का मंचन

नारद मोह और रावण जन्म का मंचन

बाबा मनोहरनाथ मंदिर सुरजकुंड में रविवार से रामलीला का शुभारंभ हो गया। कलाकारों ने नारद मोह का सजीव अभिनय किया। साथ ही रावण जन्म का मंचन किया। इस बीच दर्शक तालियां बजाते रहे।

बाबा मनोहर नाथ मंदिर में महामंडलेश्वर गुरु मां नीलिमा नंद महाराज के सानिध्य में रामलीला का शुभारंभ हुआ। मथुरा की श्री गणेश रामलीला मंडल के कलाकारों ने पात्रों को सजीव कर दिया। मंचन करते हुए दर्शाया कि महर्षि नारद जब विश्व मोहिनी को देखकर मुग्ध हो जाते हैं। उनसे विवाह करने की जिद करते हैं। भगवान विष्णु के पास जाकर प्रार्थना करते हैं कि आप मुझे अपने जैसा ही सुंदर मुख दे दीजिए। इस पर भगवान उन्हें वानर का मुख प्रदान कर देते हैं। नारद वानर का मुख लेकर स्वयंवर में चले जाते हैं। सभा में उपस्थित लोग उनका उपहास करते हैं। परंतु अपने वानर मुख से अंजान नारद उन पर ध्यान नहीं देते। इस बीच नारद के सामने एक आइना आता है। उसमें अपना वानर का मुख देखकर महर्षि नारद क्रोधित हो जाते हैं। फिर वैकुण्ठ में जाकर भगवान को धरती पर मानव रूप में पैदा होने का श्राप देते हैं। साथ ही यह भी श्राप देते हैं कि जरुरत के समय आपको वानरों से ही सहायता लेनी पड़ेगी। इसके साथ ही रावण जन्म का मंचन किया। इसमें दर्शाया, विर्श्वा ऋषि से उनकी पत्नी केकसी संध्याकाल में पुत्र की कामना करती हैं। ऋषि कहते हैं कि संध्या काल में ऐसा कोई कार्य नहीं करना चाहिए। इस समय भगवान शिव विचरण करते हैं। हठ के कारण ऋषि को झुकना पड़ता है। इसके फलस्वरूप ही रावण रूपी राक्षस वृत्ति का पुत्र रावण पैदा हुआ था। कमेटी द्वारा मध्य में जलपान का प्रबंध किया गया। पूरी रामलीला समिति के द्वारा आरती की गई। मुख्य संयोजक विवेक वाजपेयी, महामंत्री मनोज गुप्ता, संगठन मंत्री ओम कुमार त्यागी, विजय गुप्ता, सुभाष चंद त्यागी, सत्यनारायण गुप्ता, आलोक रस्तोगी, रजत गुप्ता, संजय गोयल, मृदुल चौधरी, नरेश शर्मा, अंशुल गुप्ता, मनोज गोस्वामी, पंकज गुप्ता आदि उपस्थित रहे।

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  • Web Title:ramlela strart in surajkund