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मेरठ

पंचशील ध्वज लेकर निकाली प्रभात फेरी, घर-घर हुई बुद्ध वंदना

हिन्दुस्तान टीम,मेरठPublished By: Newswrap
Wed, 26 May 2021 01:50 PM
पंचशील ध्वज लेकर निकाली प्रभात फेरी, घर-घर हुई बुद्ध वंदना

बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर तथागत बुद्ध के की शिक्षाओं तथा संदेशों का वर्चुअल प्रसार हुआ। सुबह सवेरे सराय काजी से पंचशील ध्वज लेकर श्रद्धालुओं ने श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन करते हुए प्रभात फेरी निकाली। हर साल भैंसाली मैदान से निकलने वाली 20 वर्ष पुरानी शोभा यात्रा नहीं निकाली गई। घर-घर में बुद्ध वंदना के साथ कोरोना से मुक्ति और विश्व मंगल की कामना की गई।

2565 वें बुद्ध पूर्णिमा के पावन पर्व पर धर्म संस्कृति संगम, अखिल भारतीय बौद्ध महासभा, द बुद्धिस्ट इंटेलेक्चुअल सोसायटी, बौद्ध महासंघ आदि विभिन्न संगठनों की ओर से वर्चुअल समारोह हुए। धर्म संस्कृति संगम के राष्ट्रीय महासचिव राजेश लाम्बा ने कहां की तथागत बुद्ध की शिक्षाओं से ही विश्व शांति संभव है। अखिल भारतीय बौद्ध महासभा के संरक्षक जगपाल सिंह बौद्ध ने कहा कि महात्मा बुद्ध त्याग, समर्पण, न्याय शांति और प्रेम के प्रतीक हैं। हर युग में उनके विचार प्रासंगिक और धारणीय हैं।

जगपाल सिंह बौद्ध ने बताया कि अखिल भारतीय बौद्ध समाज व धर्म संस्कृति संगम के मार्ग दर्शक डॉ इन्द्रेश कुमार द्वारा तय किया गया कि इस वर्ष कोविड 19 कोरोना संक्रमण के कारण सरकार के दिशा-निर्देशों पालन करते हुए मुख्य शोभायात्रा का आयोजन नहीं किया गया है। सभी बौद्ध अनुयायियों के द्वारा अपने- अपने घरों पर ही बुद्ध वंदना की। कोरोना से मुक्ति और विश्व शांति की मंगल कामना की गई। सुबह सवेरे पंचशील ध्वज लेकर मास्क पहनकर सुरक्षित दूरी रखते हुए सरायकाजी में प्रभात फेरी का आयोजन किया गया। इसके बाद बाबा साहेब डॉ भीमराव रामजी अम्बेडकर जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया है। सभी प्राणियों के हित में बोधी (पीपल) वृक्षारोपण का आग्रह हुआ। जगपाल सिंह बौद्ध, चरन सिंह बौद्ध, सत्यपाल गौतम, सचिन बौद्ध,सत्येन्द्र बौद्ध, सवित बौद्ध, सहजोल बौद्ध, दिनेश बौद्ध , नागसैन बौद्ध, बृह्मपाल सिंह, पदम सिंह बौद्ध आदि का सहयोग रहा।

अशोक बुद्ध विहार शास्त्री नगर के भंते भिक्खू नाग भूषणा ने बताया कि सुबह 8 से 9:30 तक वर्चुअल समारोह हुआ। इसकी शुरुआत बुद्ध वंदना से हुई। मंगलसूत्र का पठन, कारण्य मित्ता सूत्ता, जयमंगला अष्ट गाथा तथा मेडिटेशन होगा। वहीं, मुंबई से प्रबुद्ध भन्तों ने धम्म चक्र के तहत सम्यक वाक, सम्यक संकल्प, सम्यक दृष्टि, सम्यक समाधि, सम्यक् स्मृति, सम्यक प्रयास, सम्यक जीविका, सम्यक कर्म पर विद्वानों ने विचार रखे। बौद्ध समाज के वरिष्ठ चिंतक व समाज सेवक रंजीत सिंह ने बताया कि कोरोना के कारण सभी समारोह रद्द कर दिए गए । वर्चुअल समारोह के जरिए विद्वान मनीषियों ने तथागत बुद्ध की शिक्षा व संदेश दिए।

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