porgram in ccsu - रैगिंग गंभीर अपराध, कानून का सम्‍मान करें छात्र DA Image
11 दिसंबर, 2019|2:08|IST

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रैगिंग गंभीर अपराध, कानून का सम्‍मान करें छात्र

रैगिंग गंभीर अपराध, कानून का सम्‍मान करें छात्र

रैगिंग विद्यार्थियों द्वारा विद्यार्थियों के लिए समस्या है। इसका समाधान भी विद्यार्थियों में ही समाहित है। रैगिंग में विद्यार्थियों का अपशब्द कहने, कपड़े धोने, विशेष तरह के वस्त्र पहनने, शारीरिक दंड देने और जबरन ड्रग्स का सेवन कराने जैसी बातें सामने आती हैं। त्रिपुरा, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडू, केरल, असम, महाराष्ट्र सहित विभिन्न राज्यों ने अपने यहां भी सख्त कानून बनाए हैं। लेकिन यूपी में अभी ऐसा कोई कानून नहीं है।

चौ.चरण सिंह विवि के लीगल स्टडीज विभाग में लीगल सर्विस सेंटर में हेल्पलाइन के शुभारंभ पर यह बात डॉ.कुसुमावती ने कही। उन्होंने कहा कि रैगिंग संज्ञेय अपराध की श्रेणी में है और राष्ट्रीय समस्या है। आशीष कौशिक ने कहा कि रैगिंग का विद्यार्थियों के जीवन पर बहुत दुष्प्रभाव पड़ता है। आजादी के बाद भारतीय शिक्षण संस्थानों में रैगिंग प्रचलन में आई। चीफ प्रॉक्टर डॉ.वीरपाल ने कहा कि यदि आप अनुशासित हैं तो आपको किसी शासन या प्रशासन की जरुरत नहीं पड़ती। विद्यार्थियों को कानून का सम्मान करना चाहिए। रैगिंग पर भी कड़े नियमों का प्रावधान है। यदि कोई छात्र इसमें दोषी मिलता है तो उसका प्रवेश निरस्त करते हुए कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। सीसीएसयू कैंपस में भी रैगिंग रोकने को समितियां बनाई हुई हैं। लीगल सर्विस सेंटर की समन्वयक सुदेशना और सह-समन्वयक डॉ.योगेंद्र शर्मा ने लीगल सर्विस सेंटर और हेल्पलाइन की जानकारी दी। प्रोग्राम में डॉ.विकास राठी, डॉ.विवेक कुमार, अपेक्षा चौधरी, डॉ.धनपाल सिंह, डॉ.महिपाल सिंह, शेख अरशद, अपूर्व मित्तल, अक्षय तेवतिया, सोहनवीर, पुष्पेंद्र, नितिन तिवारी, अंकित लोधी, प्रीति और मितेंद्र गुप्ता मौजूद रहे।

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