Meerut News: सालिम हत्याकांड : तीन आरोपी गिरफ्तार, तमंचा-चाकू बरामद
Meerut News: सरुरपुर थाना क्षेत्र के डाहर गांव में सालिम हत्याकांड में शनिवार को तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। हत्या के पीछे तीन माह से चली आ रही रंजिश का पता चला है। आरोप है कि बाइक चोरी के मामले में सालिम की मुखबिरी के शक के चलते यह रंजिश पनपी। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश कर रही है।

Meerut News: सरूरपुर/मेरठ। सरुरपुर थाना क्षेत्र के डाहर गांव में हुए सालिम हत्याकांड में पुलिस ने शनिवार को तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से तमंचा, कारतूस और चाकू बरामद किया है। जांच में हत्या के पीछे करीब तीन माह से चली आ रही रंजिश सामने आई है। आरोप है कि बाइक चोरी के मुकदमे में सालिम द्वारा मुखबिरी किए जाने के शक में दूसरे पक्ष ने रंजिश पाल ली थी। मृतक के पिता शहजाद की तहरीर पर पुलिस ने शाहरुख खान, गुलजार, रिहान, असलम, मजर खान और सोनू के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस के अनुसार इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और जांच के आधार पर शाहरुख खान व गुलजार को देर रात गिरफ्तार किया गया, जबकि मजर खान को शनिवार सुबह पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस फरार आरोपियों की भूमिका और वारदात में उनकी संलिप्तता की जांच कर रही है。
वर्जन...
गांव में कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है। गिरफ्तार आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है। फरार आरोपियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। - आशुतोष कुमार, सीओ सरधना
बाइक चोरी के मुकदमे से शुरू हुई थी रंजिश
पुलिस के मुताबिक, सालिम और आरोपियों के बीच विवाद की शुरुआत करीब तीन माह पहले हुई थी। 19 मई को सरूरपुर पुलिस ने बाइक चोरी के मामले में सालिम उर्फ मन्नू समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इसके बाद दूसरे पक्ष को शक हुआ कि सालिम ने उनकी मुखबिरी की है। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच तनातनी शुरू हो गई। ईद-उल-अजहा के दौरान भी दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए थे। पुलिस ने उस समय दोनों पक्षों के खिलाफ कार्रवाई की थी। हालांकि विवाद पूरी तरह शांत नहीं हुआ और समय के साथ रंजिश बढ़ती चली गई। पुलिस इसी विवाद को हत्या की मुख्य वजह मानकर जांच आगे बढ़ा रही है।
पहले चाकू से हमला, फिर गोली मारकर हत्या
शुक्रवार देर शाम सालिम घर से कुछ दूरी पर प्राथमिक विद्यालय की ओर गया था। इसी दौरान उस पर चाकू से हमला किया गया। इसके बाद गोली मार दी गई। गोली चलने की आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो सालिम गंभीर हालत में पड़ा मिला। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद गांव में तनाव की स्थिति बन गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति संभाली। एहतियात के तौर पर गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
दोस्ती से दुश्मनी तक पहुंची कहानी
पुलिस जांच में सामने आया कि सालिम और गिरफ्तार आरोपी गुलजार के बीच पहले दोस्ती थी। दोनों का एक-दूसरे के घर आना-जाना और साथ रहना बताया जा रहा है। करीब पांच महीने पहले दोनों साथ में जसड़ गांव गए थे, जहां करीब चार हजार रुपये में तमंचा खरीदने की बात भी सामने आई है।
जातीय तनाव को देखते हुए पुलिस अलर्ट
हत्या के बाद मृतक और आरोपियों के अलग-अलग जातीय समूहों से होने के कारण गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है। पुलिस ने संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त बल तैनात किया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस दोनों पक्षों की गतिविधियों पर नजर रख रही है।
गमगीन माहौल में सुपुर्द-ए-खाक
शनिवार को भारी भीड़ की मौजूदगी में सालिम के शव को गमगीन माहौल में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण और रिश्तेदार शामिल हुए। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। तीन माह की मासूम बेटी सदफ को गोद में लिए परिजन बिलखते रहे। अंतिम संस्कार के दौरान भी गांव में पुलिस बल तैनात रहा।


