मेरठ: गांधी बाग में लगी प्लास्टिक बोतल श्रेडर मशीन
-हर महीने सबसे ज़्यादा बोतलें देने वाला होगा सम्मानित -प्लास्टिक के बोतलों के लिए कैंट

-पश्चिम यूपी सब एरिया के जीओसी ने किया शुभारंभ
मेरठ, मुख्य संवाददाता
मेरठ छावनी क्षेत्र को प्लास्टिक मुक्त और स्वच्छ बनाने की दिशा में मंगलवार को एक बड़ी पहल की गई है। कैंट के प्रसिद्ध गांधी बाग में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए आधुनिक “प्लास्टिक बोतल संग्रहण एवं श्रेडर मशीन” का उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पश्चिम यूपी सब एरिया के जीओसी मेजर जनरल सुमित राणा ने मशीन का फीता काटकर इसकी शुरुआत की। इस अवसर पर मेरठ छावनी परिषद के अध्यक्ष और पश्चिम यूपी सब एरिया के डिप्टी जीओसी ब्रिगेडियर संजीव कुमार सिंह, कैंट बोर्ड सीईओ जाकिर हुसैन, संयुक्त सीईओ हर्षिता चामड़िया और नामित सदस्य डा.सतीश चन्द्र शर्मा सहित कैंट बोर्ड के तमाम अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
हर महीने मिलेगा 'प्लास्टिक वॉरियर' को पुरस्कार
मुख्य अतिथि मेजर सुमित राणा ने आम लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के दौर में प्लास्टिक हमारे जीवन का हिस्सा बन चुका है, इसलिए इसे पूरी तरह रोकना भले ही मुश्किल हो, लेकिन इसका सही निस्तारण और रीसाइक्लिंग करना बेहद ज़रूरी है। छावनी परिषद द्वारा हर महीने एक विशेष प्रोत्साहन दिवस मनाया जाएगा। इस दिन जो भी नागरिक मशीन में सबसे ज़्यादा प्लास्टिक की बोतलें डालेगा, उसे कैंट बोर्ड की ओर से विशेष रूप से सम्मानित और पुरस्कृत किया जाएगा। इतना ही नहीं, विजेता का नाम मीडिया और कैंट क्षेत्र के प्रमुख सार्वजनिक मंचों पर भी चमकाया जाएगा ताकि दूसरे लोग भी इससे प्रेरित हों।
कैसे काम करेगी यह मशीन?
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने मशीन की कार्यप्रणाली का लाइव प्रदर्शन भी दिखाया। इस मशीन में खाली प्लास्टिक की बोतलें डालते ही वे छोटे-छोटे टुकड़ों में तब्दील हो जाएंगी। इससे प्लास्टिक कचरे को इकट्ठा करना और उसे रीसाइक्लिंग के लिए भेजना बेहद आसान हो जाएगा।
जनता से अपील
कैंट बोर्ड के अधिकारियों ने मेरठ छावनी क्षेत्र के लोगों से अपील की है कि वे गांधी बाग या कैंट के किसी भी सार्वजनिक स्थान पर प्लास्टिक की खाली बोतलें इधर-उधर न फेंकें, बल्कि उन्हें सीधे इस श्रेडर मशीन में डालें। अधिकारियों ने साफ किया कि यह कदम स्वच्छ भारत मिशन और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को मजबूत करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। छावनी परिषद ने विश्वास जताया है कि आने वाले समय में भी पर्यावरण और जनता के हित में ऐसे कई और कदम उठाए जाएंगे।
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