मेरठ : ऑपरेशन विवेचना का असर, मेरठ रेंज में लंबित मामलों में नौ प्रतिशत कमी
Meerut News - मेरठ परिक्षेत्र में चल रहे ऑपरेशन विवेचना अभियान ने एक अप्रैल तक लंबित विवेचनाओं में नौ प्रतिशत की कमी दर्ज की है। बुलंदशहर, बागपत और हापुड़ जनपदों में मेरठ जनपद ने 13 प्रतिशत गिरावट के साथ सबसे अच्छा प्रदर्शन किया। डीआईजी ने कमजोर प्रदर्शन वाले सर्किलों से स्पष्टीकरण मांगा है।

मेरठ परिक्षेत्र में चल रहे ऑपरेशन विवेचना अभियान ने ठोस नतीजे देने शुरू कर दिए हैं। डीआईजी कलानिधि नैथानी द्वारा की गई समीक्षा में एक मार्च के मुकाबले एक अप्रैल तक लंबित विवेचनाओं में नौ प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। जिसे पुलिस कार्यप्रणाली में सुधार का सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। सीसीटीएनएस पोर्टल के आंकड़ों के आधार पर बुलंदशहर, बागपत और हापुड़ जनपदों की समीक्षा में मेरठ जनपद सबसे आगे रहा। जहां लंबित विवेचनाओं में 13 प्रतिशत की गिरावट आई। विशेष रूप से किठौर (35%), सरधना (26%), सदर देहात (19%) और कैंट (18%) सर्किलों में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया।बुलंदशहर
में आठ प्रतिशत की कमी के साथ स्याना और नगर सर्किल का प्रदर्शन बेहतर रहा, जबकि बागपत और हापुड़ में 3-3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। हापुड़ के नगर, पिलखुवा और गढ़मुक्तेश्वर सर्किलों ने भी विवेचना निस्तारण में प्रगति दिखाई। तीन माह (1 जनवरी से 1 अप्रैल 2026) की समग्र समीक्षा में मेरठ के दौराला और ब्रह्मपुरी तथा हापुड़ के नगर व गढ़मुक्तेश्वर सर्किल का कार्य सबसे सराहनीय पाया गया।इसके विपरीत मेरठ के मवाना, बुलंदशहर के शिकारपुर व डिबाई और बागपत के बड़ौत सर्किल में लंबित विवेचनाओं में वृद्धि सामने आई है। कमजोर प्रदर्शन वाले सर्किलों को लेकर डीआईजी ने सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित क्षेत्राधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब किया है।
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