उत्तर प्रदेश में पुरुषों से ज्यादा मोटी हुईं महिलाएं
Meerut News - स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के बावजूद उत्तर प्रदेश में मोटापा बढ़ रहा है। महिलाओं में मोटापा बढ़ा है, खासकर शहरों में। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे के अनुसार पुरुषों और महिलाओं दोनों में बढ़ा मोटापा और अंडरवेट के मामले भी बढ़े हैं।

स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के बावजूद उत्तर प्रदेश में मोटापा धीरे-धीरे पैर पसार रहा है। प्रदेश में पुरुषों के मुकाबले महिलाएं ज्यादा मोटी हुई हैं। इसमें भी ग्रामीण क्षेत्रों के मुकाबले शहरों में महिला-पुरुष दोनों अधिक मोटे हैं। यह आंकड़े नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे (एनएफएचएस-6) के छठे चरण के हैं। 2019-21 के पांचवें चरण में उत्तर प्रदेश में जहां 21.4 फीसदी महिलाएं मोटापे का शिकार थीं, वहीं 2023-24 के छठे चरण में यह संख्या 26.7 फीसदी तक पहुंच गई। इस अवधि में महिलाओं के मोटापे में 5.3 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है जबकि पुरुषों में मोटापा 18.5 से बढ़कर 21.8 फीसदी तक पहुंच गया है। पुरुषों में मोटापा 3.3 फीसदी बढ़ा है।
महिलाओं में मोटापा बढ़ा
गांवों से ज्यादा शहर में महिला-पुरुष दोनों मोटे
सर्वे के अनुसार शहरी क्षेत्र में 36.7 और ग्रामीण क्षेत्र में 23.7 फीसदी महिलाएं मोटापे का शिकार हैं। वहीं, पुरुषों में शहरी क्षेत्र में 29.4 एवं ग्रामीण क्षेत्र में 19.1 फीसदी में मोटापा है। शहरी क्षेत्र में महिलाएं ग्रामीण क्षेत्र के मुकाबले 13 फीसदी जबकि पुरुषों में 10.3 फीसदी अधिक मोटापे का शिकार हैं।
अंडरवेट में वृद्धि
महिला-पुरुष दोनों में बढ़ा अंडरवेट
प्रदेश में जहां मोटापे के बढ़ोतरी दर्ज की गई है वहीं बॉडी मॉस इंडेक्स (बीएमआई) के अनुपात में अंडरवेट (कम वजन) वाले मामले भी बढ़े हैं। 2019-21 में जहां 19 फीसदी महिलाएं अंडरवेट थीं, वहीं 2023-24 में यह संख्या 22.2 फीसदी है। इसी तरह 2019-21 में 18 फीसदी पुरुष अंडरवेट थे जबकि 2023-24 में यह संख्या 23.5 फीसदी है। सर्वे के अनुसार ग्रामीण क्षेत्र में 23.9 और शहर में 16.5 महिलाएं अंडरवेट है। पुरुषों में ग्रामीण क्षेत्र में 25.1 एवं शहर में 19 फीसदी अंडरवेट है।
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